हरदा रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से जान गंवाने वाले आरपीएफ कांस्टेबल लोकेश कुमार को सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। स्टेशन परिसर के बाहर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे के अधिकारियों-कर्मचारियों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद आरपीएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर दिवंगत जवान को सम्मानपूर्वक विदाई दी।
ड्यूटी के दौरान हादसे में हुई आरपीएफ जवान की मौत
लोकेश कुमार की रविवार को प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर ड्यूटी के दौरान हादसे में मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार, वे सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक ड्यूटी पर तैनात थे। हादसे के समय हरदा में बारिश हो रही थी। बताया गया कि बारिश के कारण प्लेटफॉर्म पर फिसलन थी। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गुजर रही ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को जिला अस्पताल भेजा, जहां पोस्टमार्टम कराया गया। सोमवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया।
ये भी पढ़ें-
खनन माइनिंग में हाईकोर्ट के आदेश के बाद सख्ती, आठ चेकिंग पॉइंट और 24 घंटे फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात
पार्थिव शरीर को राजस्थान रवाना किया गया
इसके बाद रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथी जवानों और रेलवे कर्मचारियों ने लोकेश कुमार को पुष्पांजलि अर्पित की। गमगीन माहौल में आरपीएफ जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान रेलवे स्टाफ और सहकर्मियों की आंखें नम नजर आईं। अंतिम विदाई के बाद लोकेश कुमार के पार्थिव शरीर को गोवा एक्सप्रेस से उनके पैतृक गांव भरतपुर, राजस्थान के लिए रवाना किया गया। वहां मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बताया गया कि लोकेश कुमार पिछले करीब एक वर्ष से हरदा में आरपीएफ में पदस्थ थे। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। हादसे की खबर के बाद रेलवे विभाग और आरपीएफ कर्मियों में शोक का माहौल है।