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Khandwa News: SIR में 87 हजार आपत्ति पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने दी लोकतांत्रिक लड़ाई की दी चेतावनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Published by: खंडवा ब्यूरो Updated Thu, 22 Jan 2026 12:11 PM IST
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देश के 12 राज्यों में हाल ही में निर्वाचन आयोग के द्वारा SIR की प्रक्रिया कराई गई थी। वहीं मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भी बीते दिनों हुई SIR की इस पूरी प्रक्रिया में करीब 87 हजार मतदाताओं के नाम दावे आपत्ति की प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं। इसे लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है और कांग्रेस ने इसमें बड़ी संख्या में गलत तरीके से लोगों के नाम काटने का आरोप लगाया है।
क्वेश्चन मार्क सामने आया तो पार्टी लड़ेगी
कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह पुरनी के अनुसार जिलेभर में मतदाता सूची के फॉर्म छह, सात और आठ के अंतर्गत कुल 87 हजार दावे-आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जो नियमों के विपरीत प्रतीत होती हैं। नियम के मुताबिक एक दिन में अधिकतम पांच दावे और पांच आपत्तियां, यानी कुल दस ही स्वीकार की जा सकती हैं। ऐसे में पूरे जिले में इतनी बड़ी संख्या में दावे-आपत्तियां कैसे दर्ज हो गईं, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने पंधाना, खंडवा सहित विभिन्न क्षेत्रों के आंकड़ों का हवाला देते हुए प्रशासन से पूरी सूची और विवरण उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि प्रशासन से डिटेलिंग लेकर यदि कोई “क्वेश्चन मार्क” सामने आता है, तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आगे की लड़ाई लड़ेगी।
कांग्रेस को घबराहट क्यों यह समझ से परे
वहीं, इसको लेकर खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा है कि SIR की प्रक्रिया पहली बार न होते हुए कांग्रेस के समय में भी हो चुकी है और इस पूरी प्रक्रिया के जरिए वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण किया जा रहा है, जिसमें जो लोग मृत हैं या जो लोग अब यहां निवास ही नहीं करते, उनके नाम भी दर्ज हैं। तो ऐसे सभी नामों को हटाया जा रहा है, जो मतदाता यहां रहता ही नहीं है और उसे अड़ोस पड़ोस में भी कोई जानता ही नहीं है। ऐसे किसी व्यक्ति का नाम यदि दर्ज है, तो ऐसे लोगों पर आपत्ति यदि ली गई है। निर्वाचन आयोग उसका काम ही कर रहा है, लेकिन इससे कांग्रेस के लोगों को घबराहट क्यों है, यह बात समझ से परे है।
एक लाख 87 हजार आपत्ति भी लेनी पड़ी तो लेंगे
इसके साथ ही कांग्रेस पर बड़ा हमला करते हुए सांसद पाटिल ने कहा कि उन्होंने एक व्यक्ति के द्वारा तीन-तीन चार चार जगह वोट डालकर गुमराह करने का काम किया है। जो लोग बाहर रहते हैं उनके नाम के वोट यहां डालकर उन्होंने गड़बड़ करने जैसे कुछ काम किए हैं। तो ऐसे में वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण जो हो रहा है, वह गलत नहीं है। यह तो 87 हजार आपत्ति की बात है। यदि एक लाख 87 हजार आपत्ति भी अगर लेनी पड़ी तो वह ली जाएगी। हालांकि कोई व्यवस्थित और हकदार व्यक्ति का नाम नहीं छूटे यह भी हम सुनिश्चित कर रहे हैं। जो गलत व्यक्ति के नाम काटने की प्रक्रिया है वह तो सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें प्रशासन अपना काम कर रहा है।
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