मध्यप्रदेश के खंडवा स्थित अनाज मंडी में सोमवार को किसानों ने जमकर हंगामा किया। दरअसल, गेहूं के दाम में अचानक 300 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती से किसानों का गुस्सा भड़क उठा। तुलाई शुरू होते ही कम भाव घोषित किए जाने पर बड़ी संख्या में किसान एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे, जिससे मंडी परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
सोमवार को इंदौर रोड स्थित अनाज मंडी में जैसे ही खरीदी प्रक्रिया शुरू हुई, व्यापारियों द्वारा अपेक्षा से कम भाव घोषित कर दिए गए। इससे किसानों में नाराजगी फैल गई और देखते ही देखते मामला गरमा गया। किसान मंडी प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और तुलाई का काम रोक दिया।
हंगामे की सूचना मिलते ही ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह और किसान मोर्चा अध्यक्ष सोनू गुर्जर मौके पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए मंडी की अव्यवस्थाओं को मुद्दा बनाया। उन्होंने मंडी में साफ पेयजल, परिसर की साफ-सफाई और किसानों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था की मांग उठाई।
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स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब किसान और व्यापारी आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जबकि व्यापारी सीधे संवाद से बचते नजर आए, जिससे विवाद और बढ़ गया। किसानों ने आरोप लगाया कि व्यापारी मंडी के बजाय निजी दुकानों में अनाज तौलते हैं और बैंक से भुगतान न मिलने का हवाला देकर कई दिनों तक किसानों को राशि नहीं चुकाते।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि समर्थन मूल्य पर खरीदी पहले ही देरी से शुरू हुई है और पंजीयन प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतों के कारण स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उन्हें मजबूरी में कम दाम पर उपज बेचनी पड़ रही है। घटना के दौरान किसी भी जनप्रतिनिधि के मौके पर नहीं पहुंचने से किसानों में नाराजगी देखने को मिली। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
हालांकि, मंडी सचिव रामवीर किरार की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और खरीदी प्रक्रिया दोबारा शुरू हो सकी। जिला कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के अनुसार किसानों की समस्याओं का समाधान कर दिया गया है। उनका कहना है कि खंडवा मंडी में आसपास के जिलों की तुलना में किसानों को बेहतर दाम दिए जा रहे हैं।