उज्जैन के कुछ निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों से इलाज के लिए नकद भुगतान लेने के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड से भी भुगतान लेकर धांधली की जा रही है। अगर, ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं भूख हड़ताल करूंगा, और जरूरत पड़ी तो जिला पंचायत सदस्य का पद भी छोड़ दूंगा। यह बात उज्जैन जिला पंचायत एवं स्वास्थ्य समिति के सदस्य श्याम सिंह ने कही। उन्होंने शहर के दो निजी अस्पतालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस मामले की शिकायत जिला पंचायत, सीएमएचओ समेत अन्य संबंधित अधिकारियों से की है।
ऐसे खुला पूरा मामला...
दरअसल, श्याम सिंह ने अपने पिता प्रताप सिंह को उज्जैन-इंदौर मार्ग पर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। भर्ती के समय अस्पताल प्रबंधन द्वारा उनसे 41 हजार रुपये नकद जमा कराए गए, जबकि उनके पिता के पास आयुष्मान कार्ड था। इलाज के दौरान आयुष्मान कार्ड की जानकारी भी ली गई। डिस्चार्ज के समय अस्पताल ने बताया कि पूरा इलाज आयुष्मान कार्ड से किया गया है। श्याम सिंह ने जमा की गई राशि वापस मांगी तो अस्पताल ने देने से इनकार कर दिया। श्याम सिंह ने यही आरोप एक अन्य निजी अस्पताल पर भी लगाया है। उनका कहना है कि उन्होंने अस्पताल में 8 दिन रहकर देखा कि अन्य मरीजों से भी इसी तरह अवैध वसूली की गई। उन्होंने यह मुद्दा दो बार जिला पंचायत में उठाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तीसरी बार उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जांच नहीं हुई तो वह भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
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अस्पताल को नोटिस जारी
श्याम सिंह ने मांग करते हुए कहा कि साल 2020 से 2025 तक का इन अस्पतालों का रिकॉर्ड जांचा जाए और जिन मरीजों से अवैध रूप से पैसा वसूला गया, उन्हें पैसा लौटाया जाए। साथ ही, अवंती हॉस्पिटल और ग्लोबल हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त किया गया। श्याम सिंह की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ जयति सिंह ने संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक कार्रवाई में दो पीड़ितों को राशि वापस की गई है, साथ ही दोनों अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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सीईओ ने मांगे पीड़ितों के नाम
जिला पंचायत सीईओ जयति सिंह ने शिकायत के बाद श्याम सिंह से पीड़ितों के नाम मांगे थे। इस पर उन्होंने नामों की जानकारी दी। श्याम सिंह का कहना है कि अस्पतालों ने पहले नकद पैसा लिया, फिर आयुष्मान कार्ड भी ले लिया और बाद में कहा कि इलाज आयुष्मान योजना के अंतर्गत हुआ।
इनसे लिए गए इतने रुपये