Ranthambore News: प्रदेश के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व के मध्य स्थित रणथंभौर दुर्ग एवं त्रिनेत्र गणेश मार्ग सहित आसपास के पैराफेरी क्षेत्र में इन दिनों बाघों का मूवमेंट लगातार देखा जा रहा है। बुधवार को रणथंभौर दुर्ग के नोलखा द्वार के समीप बाघिन टी-124 रिद्धि की फीमेल शावक टी-2504 का मूवमेंट नजर आया। वहीं शाम के समय त्रिनेत्र गणेश मार्ग स्थित मिश्रदर्रा गेट के नजदीक बाघ आरबीटी-2511 की गतिविधि देखी गई।
मिश्रदर्रा गेट के पास आधे घंटे तक चहलकदमी
बाघ आरबीटी-2511 करीब आधे घंटे तक मिश्रदर्रा के नजदीक त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर चहलकदमी करता रहा। इस दौरान वह कभी सड़क पर चलता दिखाई दिया तो कभी गेट के पास भरे पानी में बैठकर अठखेलियां करता रहा। बाघ की मौजूदगी के चलते त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।
वन विभाग ने रोकी आवाजाही
बाघ के मूवमेंट की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर त्रिनेत्र गणेश श्रद्धालुओं सहित पर्यटकों की आवाजाही रोक दी गई। जो वाहन पहले से ही मिश्रदर्रा गेट से गुजर रहे थे, वे भी वहीं खड़े रह गए। करीब आधे घंटे बाद जब बाघ ने जंगल का रुख किया, तब जाकर मार्ग पर खड़े वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।
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मॉनिटरिंग और सुरक्षा पर जोर
बाघ की गतिविधि को देखते हुए वन विभाग द्वारा मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग की जा रही है। बाघ के जंगल में लौटने के बाद वन विभाग की टीम ने राहत की सांस ली। अधिकारियों के अनुसार रणथंभौर दुर्ग और त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर आधा दर्जन से अधिक बाघ-बाघिन और शावकों का मूवमेंट रहता है, जिससे विभाग की सतर्कता लगातार बनी रहती है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा चुनौती
त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर श्रद्धालुओं का नियमित आवागमन रहता है। ऐसे में बाघों की आवाजाही से सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। वन विभाग ने गत वर्ष से ही इस मार्ग पर पैदल और दुपहिया वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगा रखी है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विभाग अलर्ट मोड पर रहता है और वनकर्मियों की टीम लगातार गश्त करती है। हालांकि संभावित अनहोनी की आशंका को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।