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शिमला: लक्कड़ बाजार तहबाजारियों के विरोध में बंद, अनशन पर बैठे व्यापारी
Ankesh Dogra
Updated Tue, 08 Sep 2026 01:26 PM IST
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राजधानी शिमला के ऐतिहासिक लक्कड़ बाजार में तहबाजारियों की दोबारा दुकानें लगने के बाद व्यापारियों का विरोध खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को स्थानीय कारोबारियों ने बाजार बंद रखा और विरोध स्वरूप अनशन शुरू कर दिया। व्यापारियों ने प्रशासन से सड़क किनारे अस्थायी रूप से दुकानें लगाने वालों को तत्काल हटाने की मांग की है।
कारोबारियों का कहना है कि लक्कड़ बाजार शिमला के प्रमुख और ऐतिहासिक बाजारों में शामिल है। यहां सड़क किनारे अस्थायी दुकानें लगने से बाजार में आवाजाही और व्यापारिक व्यवस्था प्रभावित होती है। उनका यह भी कहना है कि लगातार बढ़ती अस्थायी दुकानें क्षेत्र की पहचान और स्वरूप को प्रभावित कर रही हैं। व्यापारियों ने मांग की कि तहबाजारियों के लिए प्रशासन निर्धारित स्ट्रीट वेंडिंग जोन में उचित व्यवस्था करे, ताकि किसी पक्ष के हित प्रभावित न हों।
व्यापारियों के मुताबिक, नगर निगम की ओर से न्यायालय के निर्देशों के बाद पहले लक्कड़ बाजार से तहबाजारियों को हटाया गया था। इसके बाद सोमवार को सीटू के बैनर तले बड़ी संख्या में तहबाजारी फिर बाजार पहुंचे और सड़क किनारे सामान लगाकर कारोबार शुरू कर दिया। तहबाजारियों की वापसी की सूचना मिलते ही स्थानीय दुकानदारों में नाराजगी फैल गई।
मौके पर व्यापारियों और तहबाजारियों के बीच कहासुनी भी हुई। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस कर्मियों ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को शांत करवाया। इसके बाद कारोबारियों ने सामूहिक रूप से बाजार बंद रखने और अनशन शुरू करने का निर्णय लिया।
व्यापारियों का कहना है कि यदि न्यायालय के निर्देशों के बावजूद उसी स्थान पर दोबारा अस्थायी दुकानें लगती हैं तो प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मांग की कि संबंधित आदेशों को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए और लक्कड़ बाजार को सड़क किनारे होने वाले अस्थायी अतिक्रमण से मुक्त रखा जाए।
कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर चक्का जाम जैसे कदम उठाने की भी चेतावनी दी गई है। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
फिलहाल बाजार बंद और अनशन के कारण लक्कड़ बाजार में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। अब व्यापारियों और तहबाजारियों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजर है।
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