{"_id":"69764ac3e0e7b87260086472","slug":"bangladesh-raises-concern-over-hasina-s-address-in-india-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bangladesh: भारत में हसीना के सार्वजनिक भाषण से तिलमिलाया बांग्लादेश, अपदस्थ PM के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Bangladesh: भारत में हसीना के सार्वजनिक भाषण से तिलमिलाया बांग्लादेश, अपदस्थ PM के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/ढाका
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 25 Jan 2026 10:24 PM IST
विज्ञापन
सार
Bangladesh: बांग्लादेश ने शेख हसीना को भारत में सार्वजनिक सभा को संबोधित करने की अनुमति दिए जाने पर चिंता जताई और कहा कि उनके बयान देश की राजनीतिक स्थिरता के लिए खतरा हैं। हसीना ने भारत में अपने पहले सार्वजनिक भाषण में यूनुस सरकार को हटाने और संयुक्त राष्ट्र से निष्पक्ष जांच कराने की अपील की थी। पढ़िए रिपोर्ट-
शेख हसीना
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन
विस्तार
बांग्लादेश ने रविवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में सार्वजनिक सभा को संबोधित करने की अनुमति दिए जाने पर चिंता जताई। अंतरिम सरकार ने कहा कि हसीना के बयान आम चुनाव से पहले देश की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।
पड़ोसी देश के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस बात से 'हैरान' और 'आहत' है कि शेख हसीना को नई दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलने और अंतरिम सरकार के खिलाफ राजनीतिक टिप्पणियां करने की अनुमति दी गई। सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने यह जानकारी दी। बयान में कहा गया कि इस तरह की गतिविधियां बांग्लादेश के लोकतांत्रिक प्रक्रिया, शांति और सुरक्षा के लिए स्पष्ट रूप से खतरा हैं।
ये भी पढ़ें: अमेरिका पर भरोसे के लिए यूरोपीय देशों को रूस ने दिखाया आईना, क्रेमलिन ने कहा- नई निर्भरता में फंस गए
2024 में ढाका से भागकर भारत आ गई थीं हसीना
शेख हसीना (78 वर्षीय) अगस्त 2024 में अपनी सरकार के पतन के बाद ढाका से भागकर भारत आ गई थीं। छात्रों के नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन के बाद उनकी सरकार का पतन हो गया था।
यूनुस सरकार ने हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई
ये भी पढ़ें: अमेरिका में बर्फीले तूफान ने मचाई तबाही, 14 हजार से अधिक उड़ानें रद्द; हालात बिगड़े
हसीना ने सार्वजनिक भाषण में क्या कहा?
शेख हसीना ने शुक्रवार को बांग्लादेश की जनता से मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार को हटाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यदि यह सरकार सत्ता में बनी रहती है तो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं होंगे। ढाका से भागने के बाद भारत में किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में अपने पहले संबोधन में अवामी लीग नेता ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र को बांग्लादेश में पिछले एक वर्ष की घटनाओं की 'वास्तव में निष्पक्ष जांच' करनी चाहिए।
Trending Videos
पड़ोसी देश के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस बात से 'हैरान' और 'आहत' है कि शेख हसीना को नई दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलने और अंतरिम सरकार के खिलाफ राजनीतिक टिप्पणियां करने की अनुमति दी गई। सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने यह जानकारी दी। बयान में कहा गया कि इस तरह की गतिविधियां बांग्लादेश के लोकतांत्रिक प्रक्रिया, शांति और सुरक्षा के लिए स्पष्ट रूप से खतरा हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: अमेरिका पर भरोसे के लिए यूरोपीय देशों को रूस ने दिखाया आईना, क्रेमलिन ने कहा- नई निर्भरता में फंस गए
2024 में ढाका से भागकर भारत आ गई थीं हसीना
शेख हसीना (78 वर्षीय) अगस्त 2024 में अपनी सरकार के पतन के बाद ढाका से भागकर भारत आ गई थीं। छात्रों के नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन के बाद उनकी सरकार का पतन हो गया था।
यूनुस सरकार ने हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई
- बांग्लादेश ने कहा कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण के लंबित अनुरोधों पर कोई प्रगति नहीं हुई, जबकि उन्हें भारत से राजनीतिक बयान देने की अनुमति दी जा रही है।
- यह कदम दोनों देशों के बीच आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों के खिलाफ है।
- अवामी लीग के भड़काऊ बयानों से यह स्पष्ट होता है कि अंतरिम सरकार ने पार्टी की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया।
ये भी पढ़ें: अमेरिका में बर्फीले तूफान ने मचाई तबाही, 14 हजार से अधिक उड़ानें रद्द; हालात बिगड़े
हसीना ने सार्वजनिक भाषण में क्या कहा?
शेख हसीना ने शुक्रवार को बांग्लादेश की जनता से मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार को हटाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यदि यह सरकार सत्ता में बनी रहती है तो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं होंगे। ढाका से भागने के बाद भारत में किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में अपने पहले संबोधन में अवामी लीग नेता ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र को बांग्लादेश में पिछले एक वर्ष की घटनाओं की 'वास्तव में निष्पक्ष जांच' करनी चाहिए।