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नेपाल राष्ट्रीय सभा चुनाव: नौ सीटें जीत नेपाली कांग्रेस बनी सबसे बड़ी पार्टी, CPN-UML को मिलीं आठ सीटें
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 25 Jan 2026 09:25 PM IST
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सार
नेपाल में रविवार को हुए राष्ट्रीय सभा चुनाव में नेपाली कांग्रेस ने नौ, एमाले ने आठ और लोसपा ने एक सीट पर जीत दर्ज की। तीनों दलों ने समझौते के तहत उम्मीदवार उतारे थे। इस चुनाव में 95.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
नेपाली कांग्रेस पार्टी का झंडा
- फोटो : X- @NepaliCongress (वीडियो ग्रैब)
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विस्तार
नेपाल में रविवार को नेशनल असेंबली (ऊपरी सदन) की खाली सीटों के लिए हुए चुनाव में नेपाली कांग्रेस ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए नौ सीटों पर जीत हासिल की है। इसके बाद कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड मार्क्सवादी–लेनिनवादी) यानी सीपीएन-यूएमएल को आठ सीटें मिलीं, जबकि लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने एक सीट पर जीत दर्ज की। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) ने इस चुनाव में भाग नहीं लिया।
चुनाव से पहले कांग्रेस-UML में समझौता
चुनाव से पहले नेपाली कांग्रेस और CPN-UML के बीच ऊपरी सदन की रिक्त सीटों को लेकर आपसी समझौता हुआ था, जिसके तहत दोनों दलों ने संयुक्त रणनीति के साथ चुनाव लड़ा। कुल 19 सीटें खाली थीं, जिनमें से 18 सीटों पर चुनाव हुए, जबकि एक सीट पर राष्ट्रपति द्वारा मनोनयन किया जाना है।
शांतिपूर्ण मतदान, रिकॉर्ड टर्नआउट
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रविवार के चुनाव परिणामों के बाद नेपाली कांग्रेस के पास अब नेशनल असेंबली में कुल 25 सीटें हो गई हैं, जिससे वह 59 सदस्यीय सदन में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी 18 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि मौजूदा चुनाव के बाद CPN-UML की सीटों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
राष्ट्रीय सभा की संरचना
नेशनल असेंबली के सदस्यों के चुनाव में प्रांतीय विधानसभा के सदस्य, नगरपालिकाओं के मेयर और डिप्टी मेयर, तथा ग्रामीण नगरपालिकाओं के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मतदाता होते हैं। इन सभी मतदाताओं के मतों का अलग-अलग वेटेज निर्धारित होता है।
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चुनाव से पहले कांग्रेस-UML में समझौता
चुनाव से पहले नेपाली कांग्रेस और CPN-UML के बीच ऊपरी सदन की रिक्त सीटों को लेकर आपसी समझौता हुआ था, जिसके तहत दोनों दलों ने संयुक्त रणनीति के साथ चुनाव लड़ा। कुल 19 सीटें खाली थीं, जिनमें से 18 सीटों पर चुनाव हुए, जबकि एक सीट पर राष्ट्रपति द्वारा मनोनयन किया जाना है।
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शांतिपूर्ण मतदान, रिकॉर्ड टर्नआउट
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे (स्थानीय समय) तक चला, जिसमें 95.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। आयोग ने बताया कि मतदान प्रक्रिया पूरे देश में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। चुनाव आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई ने कहा कि नेशनल असेंबली में कुल 18 रिक्त पद थे, लेकिन एक उम्मीदवार निर्विरोध चुना गया, इसलिए केवल 17 सीटों के लिए मतदान कराया गया।
प्रांतवार विजेता उम्मीदवार- बागमती प्रदेश से नेपाली कांग्रेस की गीता देवकोटा और प्रेमप्रसाद दंगाल निर्वाचित हुए।
- गंडकी प्रदेश से CPN-UML की संझना देवकोटा और नेपाली कांग्रेस के जगत तिमिल्सिना राष्ट्रीय सभा सदस्य बने।
- लुम्बिनी प्रदेश से नेपाली कांग्रेस के बासुदेव जंगली और चन्द्रबहादुर केसी निर्वाचित हुए, जबकि CPN-UML की ओर से रामकुमारी झाक्री ने जीत दर्ज की।
- कर्णाली प्रदेश से नेपाली कांग्रेस के ललितजंग शाही और CPN-UML की मीनासिंह रखाल निर्वाचित हुईं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रविवार के चुनाव परिणामों के बाद नेपाली कांग्रेस के पास अब नेशनल असेंबली में कुल 25 सीटें हो गई हैं, जिससे वह 59 सदस्यीय सदन में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी 18 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि मौजूदा चुनाव के बाद CPN-UML की सीटों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
राष्ट्रीय सभा की संरचना
नेशनल असेंबली की कुल 59 सीटों में से हर दो साल में एक-तिहाई सीटें खाली होती हैं। सात प्रांतों से आठ-आठ सदस्य चुने जाते हैं, जिससे कुल 56 सीटें बनती हैं, जबकि शेष तीन सदस्यों का नामांकन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।
मतदान प्रक्रिया और मतदातानेशनल असेंबली के सदस्यों के चुनाव में प्रांतीय विधानसभा के सदस्य, नगरपालिकाओं के मेयर और डिप्टी मेयर, तथा ग्रामीण नगरपालिकाओं के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मतदाता होते हैं। इन सभी मतदाताओं के मतों का अलग-अलग वेटेज निर्धारित होता है।