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Nepal: नेपाल के चार जिलें में बर्ड फ्लू का कहर, पक्षियों और अंडों को नष्ट करने का काम जारी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Tue, 07 Apr 2026 02:44 PM IST
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Bird flu wreaks havoc in four districts of Nepal, work continues to destroy birds and eggs
बर्ड फ्लू। - फोटो : अमर उजाला।
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नेपाल के चार जिलों में एच5एन1 अत्यधिक संक्रामक एवियन इन्फ्लूएंजा, जिसे आमतौर पर बर्ड फ्लू कहा जाता है फैल गया है। एक सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मोरंग, सुनसरी, झापा और चितवन जिलों के 23 पोल्ट्री फार्मों में अत्यधिक संक्रामक वायरस का पता चला है। 

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पशुधन सेवा विभाग की सूचना अधिकारी इंदिरा शर्मा ने बताया कि इस साल बर्ड फ्लू का पहला मामला 18 मार्च को मोरंग जिले के फार्मों में सामने आया था। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार तक प्रभावित स्थानों से एक लाख तेरह हजार से अधिक पक्षी, जिनमें मुर्गियां और बत्तख शामिल हैं, नष्ट किए जा चुके हैं। इसके साथ ही दो लाख ग्यारह हजार से अधिक अंडे भी नष्ट किए गए हैं। शर्मा ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास कर रहे हैं कि यह आगे न फैले।" एच5एन1 कई इन्फ्लूएंजा वायरसों में से एक है जो पक्षियों में एवियन इन्फ्लूएंजा नामक अत्यधिक संक्रामक श्वसन रोग का कारण बनता है। यह वायरस स्तनधारियों, जिनमें मनुष्य भी शामिल हैं, को भी संक्रमित कर सकता है। मनुष्यों में एच5एन1 संक्रमण हल्के से लेकर गंभीर तक कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है और कुछ मामलों में यह घातक भी हो सकता है। रिपोर्ट किए गए लक्षणों में मुख्य रूप से श्वसन संबंधी समस्याएं शामिल हैं, लेकिन नेत्रश्लेष्मलाशोथ और अन्य गैर-श्वसन संबंधी लक्षण भी सामने आए हैं, साथ ही संक्रमित जानवरों के संपर्क में आए व्यक्तियों में बिना लक्षण वाले मामले भी मिले हैं।

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वायरस का उद्भव और वैश्विक प्रसार

एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस का गूज/गुआंगडोंग-वंश पहली बार 1996 में सामने आया था। तब से यह पक्षियों में प्रकोप का कारण बन रहा है। 2020 से, इन वायरसों के एक प्रकार के कारण कई देशों में जंगली पक्षियों और पोल्ट्री में बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं। शुरुआत में अफ्रीका, एशिया और यूरोप को प्रभावित करने के बाद, 2021 में यह वायरस उत्तरी अमेरिका में फैल गया। 2022 में यह मध्य और दक्षिण अमेरिका तक पहुंच गया।

यूरोप और उत्तरी अमेरिका में प्रकोप की निरंतरता

2021 से 2022 तक, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में एवियन इन्फ्लूएंजा का सबसे बड़ा और सबसे लंबा प्रकोप देखा गया। इस दौरान जंगली पक्षी आबादी में वायरस की असामान्य निरंतरता बनी रही। यह स्थिति वैश्विक स्तर पर बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को दर्शाती है। इस निरंतरता ने सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए नई चुनौतियां खड़ी की हैं।

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