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Canada: बर्फीले तूफान के बीच भारतवंशी ड्राइवर बना 'देवदूत', इस तरह बचाई गर्भवती की जान, जमकर हो रही तारीफ

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोरंटो Published by: अमन तिवारी Updated Fri, 02 Jan 2026 04:50 PM IST
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सार

कनाडा के कैलगरी में एक भारतीय मूल का टैक्सी ड्राइवर एक परिवार के लिए देवदूत बनकर सामने आया। उसने बर्फीले तूफान के बीच गर्भवती महिला और उसके पति की मदद की, जिसके बाद हर तरह उसकी तारीफ हो रही है।

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नवजात बच्चे की मौत - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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कनाडा के कैलगरी में एक भारतीय मूल के टैक्सी चालक ने मानवता की मिसाल पेश की है। कड़ाके की ठंड और बर्फीले तूफान के बीच, इस चालक ने एक गर्भवती महिला और उसके पति को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। इतना ही नहीं दर्द से कराह रही महिला की मदद करते हुए उसे नया जीवनदान भी दिया। शख्स खराब मौसम के बीच एम्बुलेंस के इंतजार में वक्त गंवाए बिना खुद अस्पताल लेकर पहुंचा। इस दौरान रास्ते में ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। 
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कठिन मौसम और मुश्किल फैसला
ग्लोबल न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक टैक्सी चालक हरदीप सिंह तूर ने पिछले शनिवार देर रात एक डिस्पैच कॉल का जवाब दिया। इस कॉल पर उन्हें बताया गया कि यह अस्पताल के लिए एक अर्जेंट राइड है। मौके पर पहुंचने पर हरदीप ने देखा कि मामला गंभीर था। एक जोड़ा अपने बच्चे के जन्म के लिए समय से जूझ रहा था। महिला प्रसव पीड़ा में थी और उसका पति उसे गाड़ी में बैठाने की कोशिश कर रहा था।
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टैक्सी चालक ने क्या कहा?
हरदीप ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पहले उन्होंने एम्बुलेंस बुलाने का विचार किया। लेकिन बाहर का तापमान शून्य से -23 डिग्री नीचे था और मौसम बहुत खराब था। उन्होंने सोचा कि एम्बुलेंस का इंतजार करना सही नहीं होगा। दंपति के हाव-भाव बता रहे थे कि वक्त बहुत कम है, इसलिए हरदीप ने खुद ही गाड़ी चलाने का फैसला किया।

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हरदीप ने आगे कहा यह 30 मिनट का सफर जिंदगी का सबसे लंबा सफर था। पीछे की सीट से दर्द भरी आवाजें आ रही थीं। बाहर बर्फीला तूफान था और सड़कें फिसलन भरी थीं। लाल बत्तियां बार-बार उनके धैर्य की परीक्षा ले रही थीं, लेकिन हरदीप का पूरा ध्यान बस जल्द से जल्द और सुरक्षित अस्पताल पहुंचने पर था।

महिला ने टैक्सी में बच्चे को दिया जन्म
पीटर लूघीद सेंटर अस्पताल कुछ ही दूरी पर था कि अचानक पीछे से आवाजें आनी बंद हो गईं। अस्पताल की इमारत दिखने से पहले ही पिछली सीट पर बच्चे का जन्म हो चुका था। हरदीप ने गाड़ी नहीं रोकी, वे बस यही सोचते रहे कि मां और बच्चे को तुरंत चिकित्सीय मदद मिलनी चाहिए।

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अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सा कर्मी मदद के लिए दौड़े। हरदीप ने बताया कि कर्मचारियों ने मां और बच्चे दोनों को स्वस्थ बताया है। पिछले चार साल से टैक्सी चला रहे हरदीप ने इस घटना को अपने लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "यह मेरा पहला अनुभव है जब मेरी गाड़ी में दो लोग बैठे थे, लेकिन उतरे तीन।"

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