फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China BRI momentum frictions with Asian neighbours Eastern Ladakh border issue

पड़ोसी से तनाव: चीन में संबंध सामान्य बनाने की कवायद, LAC विवाद पर भी बयान; बीआरआई से व्यापार बढ़ने का दावा

Mon, 04 Mar 2024 05:52 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 04 Mar 2024 05:52 PM IST
सार

एशियाई पड़ोसियों से तनाव के मुद्दे पर लगभग मौन साधते हुए चीन ने इस मामले की अनदेखी का प्रयास किया है। चीन ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से जुड़े विवाद पर भी बयान दिया है। बेल्ड एंड रोड इनिशियेटिव (बीआरआई) के कारण व्यापार बढ़ने का दावा करते हुए चीन ने कई अहम मुद्दों पर टिप्पणी की है।

विज्ञापन
China BRI momentum frictions with Asian neighbours Eastern Ladakh border issue
चीनी संसद में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री के साथ अन्य सदस्य - फोटो : ani

विस्तार

चीन ने दक्षिण चीन सागर और भारत के साथ पूर्वी लद्दाख सीमा मुद्दे पर तनाव कम करने का प्रयास किया है। अपने एशियाई पड़ोसियों से संबंधों में बढ़ती तल्खी को कम करने का प्रयास करते हुए चीन ने सोमवार को कहा, बीआरआई जैसी पहल गति पकड़ रही है। चीन की दावा है कि बीआरआई की मदद से देशों के क्षेत्रीय व्यापार में तेजी आ रही है। चीनी संसद- नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के प्रवक्ता लोउ किनजियान के मुताबिक उन्होंने अपनी पूरे राजनीतिक जीवन में पड़ोसी देशों को उच्च प्राथमिकता दी है।
विज्ञापन


बीआरआई राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पसंदीदा पहल
एशियाई पड़ोसियों के साथ चीन के तनाव पर किनजियान ने कहा, बीजिंग दक्षिण की तरफ रूख कर रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण चीन सागर विवाद 'खतरनाक फ्लैश प्वाइंट' के साथ-साथ क्षेत्र में 'अनसुलझे मुद्दे' की तरह बन चुका है। उन्होंने कहा कि मध्य एशिया के लगभग सभी देश चीन के साथ साझा भविष्य वाला समुदाय बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बीआरआई को राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पसंदीदा पहल करार दिया।
विज्ञापन


समुद्री अधिकारों और हितों की रक्षा पर स्पष्ट बयान
दक्षिण चीन सागर का जिक्र करते हुए किनजियान ने कहा कि चीन अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता और समुद्री अधिकारों और हितों की रक्षा करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से जुड़े सभी देशों के साथ बातचीत और परामर्श से चीन पीछे नहीं हटने वाला। साउथ चाइना सी में शांति और सुरक्षा के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


फिलीपींस, वियतनाम और मलेशिया जैसे देशों से चीन की तकरार
गौरतलब है कि चीन दक्षिण चीन सागर के अधिकांश हिस्से पर अपना दावा करता है। फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी इस पर दावा करते हैं। इस बेहद जटिल क्षेत्रीय मुद्दे पर पिछले कुछ महीनों में, चीन और फिलीपींस के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिका समर्थित मनीला ने दक्षिण चीन सागर के एक हिस्से पर अपना अधिकार जताने के प्रयास तेज कर दिए हैं। चीनी तट रक्षक जहाजों ने दृढ़ता से इसका विरोध किया है।

बीआरआई ने कई देशों को अधिक वास्तविक लाभ पहुंचाए हैं
मई, 2020 में भारत के साथ गलवां घाटी में हुई झड़प का जिक्र किए बिना उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ चीन का सहयोग खुला और समावेशी है। अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया वाले क्वाड गठबंधन पर किनजियान ने कहा, चीन गुटों के बीच टकराव, छोटे समूहों का विरोध करता है। चीनी संसद के प्रवक्ता के मुताबिक बीआरआई ने अधिक वास्तविक लाभ पहुंचाए हैं। कई क्षेत्रीय देश बीआरआई में शामिल हो गए हैं। कई परियोजनाएं मॉडल के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बीआरआई से जुड़े देशों के सामाजिक और आर्थिक विकास में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


200 से अधिक बीआरआई सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर
गौरतलब है कि BRI अरबों डॉलर की पहल है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2013 में सत्ता में आने पर इसकी शुरुआत की थी। इसका मकसद दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को भूमि और समुद्री मार्गों के नेटवर्क से जोड़ना है। चीन, जिसने पिछले साल बीआरआई की 10वीं वर्षगांठ मनाई थी। किनजियान के मुताबिक चीन ने पांच महाद्वीपों में 150 से अधिक देशों के साथ समझौते किए हैं। उन्होंने दावा किया है कि 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ 200 से अधिक बीआरआई सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed