Ayatollah Khamenei Funeral: खामेनेई के जनाजे में शामिल नहीं होंगे मोजतबा, धमकियों के बीच क्यों बदली गई रणनीति?
Iran Funeral Security: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के शामिल नहीं होने की खबर ने नई चर्चा छेड़ दी है। बताया गया है कि सुरक्षा खतरे और इस्राइल की कथित धमकियों के चलते उन्होंने सार्वजनिक रूप से शामिल न होने का फैसला लिया है। इसी बीच ईरान ने अमेरिका और इस्राइल को भी कड़ी चेतावनी दी है। जानिए पूरे घटनाक्रम की अहम बातें...
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ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के जनाजे की तैयारियां चल रही हैं। इस बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता के जनाजे में सार्वजनिक रूप से शामिल नहीं होंगे। इसकी वजह सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताओं को बताया गया है। ईरान के भारत स्थित प्रतिनिधि आयतुल्ला हाकिम इलाही ने कहा कि इस्राइल से संभावित खतरे और निगरानी के जोखिम को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
क्या सुरक्षा खतरे के कारण लिया गया यह फैसला?
आयतुल्ला हाकिम इलाही के मुताबिक, मौजूदा हालात में सार्वजनिक कार्यक्रम में मोजतबा खामेनेई की मौजूदगी सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरी मानी गई। उनका कहना है कि इस्राइल की ओर से संभावित हमले या निगरानी की आशंका को देखते हुए अंतिम संस्कार में उनकी उपस्थिति टालने का निर्णय लिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, अली खामेनेई का जनाजा चार जुलाई से नौ जुलाई के बीच ईरान और इराक के विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी रखी जाएगी।
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ईरान ने अमेरिका और इस्राइल को क्या चेतावनी दी?
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस्राइल को नियंत्रित करें। उन्होंने कहा कि यदि ईरान के नेतृत्व या जनता को किसी तरह की धमकी दी गई तो उसका तत्काल और शक्तिशाली जवाब दिया जाएगा। अराघची का यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कथित तौर पर मोजतबा खामेनेई को निशाना बनाए जाने जैसी टिप्पणी की थी। ईरान ने इसे गंभीर सुरक्षा चुनौती माना है।
क्या पश्चिम एशिया में कूटनीतिक कोशिशें भी जारी?
तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। हाल ही में कतर और पाकिस्तान ने दोहा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों में 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति होने की बात कही गई। कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है और जनाजे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगली बैठक जल्द आयोजित की जाएगी। इससे संकेत मिल रहे हैं कि तनाव के बावजूद संवाद का रास्ता खुला हुआ है।