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Hindi News ›   World ›   ‘Pak Army gave guns to Kashmiris, don’t call us terrorists’: PoK leader amid massive protests in Rawalakot

'PAK सेना ने कश्मीरियों को हथियार दिए': नेता ने कहा-हमें आतंकी न कहें; PoK में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन तेज

Fri, 03 Jul 2026 06:34 AM IST
Pavan आईएएनएस, रावलकोट
आईएएनएस, रावलकोट Published by: Pavan Updated Fri, 03 Jul 2026 06:34 AM IST
सार

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सरकार विरोधी आंदोलन के 24वें दिन करीब 80 हजार लोग रावलकोट में जुटे। JAAC प्रमुख सरदार अमन खान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सेना ने ही कश्मीरियों को हथियार दिए थे, लेकिन अब उन्हें आतंकवादी कहा जा रहा है। प्रदर्शनकारी 38 मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और मांगें न माने जाने पर पाकिस्तान के खिलाफ आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

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‘Pak Army gave guns to Kashmiris, don’t call us terrorists’: PoK leader amid massive protests in Rawalakot
PoK में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को आंदोलन के 24वें दिन रावलकोट के ईदगाह मैदान में करीब 80 हजार लोग जुटे। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपने अधिकारों की मांग दोहराई। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख सरदार अमन खान ने रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान सेना पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों को हथियार और गोला-बारूद पाकिस्तान सेना ने ही दिए थे, लेकिन अब वही लोग उन्हें आतंकवादी कह रहे हैं।
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अमन खान ने दावा किया कि फरवरी 2025 में रावलाकोट में जैश-ए-मोहम्मद की एक रैली निकली थी, जिसमें लोग खुलेआम AK-47 और तलवारें लेकर शामिल हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय रावलाकोट के डिप्टी कमिश्नर ने न केवल इस रैली की अनुमति दी थी, बल्कि सुरक्षा भी उपलब्ध कराई थी। उन्होंने कहा, 'पहले हथियारों के साथ रैलियां कराई गईं और अब हमें आतंकवादी कहा जा रहा है। इस जमीन पर रहने वाले लोग ही इसके असली वारिस हैं'।
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38 मांगों को लेकर आंदोलन
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन 38 प्रमुख मांगों को लेकर चल रहा है। अमन खान ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों को जल्द नहीं माना तो आंदोलन केवल सुधारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पाकिस्तान से पूरी तरह अलग होने की मांग तक पहुंच सकता है।
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भारत से संवाद की भी उठी बात
रैली में कुछ वक्ताओं ने पाकिस्तान के नियंत्रण को खारिज करते हुए भारत के साथ बातचीत बढ़ाने की जरूरत भी बताई। अमन खान ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है और इस क्षेत्र की जरूरत पाकिस्तान को ज्यादा है, न कि यहां के लोगों को।


विदेशों तक पहुंचा आंदोलन
पीओके के इस आंदोलन को विदेशों में रहने वाले लोगों का भी समर्थन मिल रहा है। कई देशों में पाकिस्तानी दूतावासों के बाहर प्रदर्शन किए गए हैं। इससे यह आंदोलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। हालांकि, इन दावों और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान सरकार की ओर से भी इन बयानों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 
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