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US-Iran Crisis: 'बाहरी लोग खुद की भी सुरक्षा नहीं कर सकते', CENTCOM की बैठक पर ईरानी विदेश मंत्री ने क्या कहा?

Fri, 03 Jul 2026 07:49 AM IST
अमन तिवारी एएनआई, तेहरान
एएनआई, तेहरान Published by: अमन तिवारी Updated Fri, 03 Jul 2026 07:49 AM IST
सार

बहरीन में अमेरिका के नेतृत्व में 12 देशों की सुरक्षा बैठक हुई। ईरानी विदेश मंत्री इस पहल का विरोध करते हुए कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता विदेशी सैन्य हस्तक्षेप से नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों के सहयोग से संभव है।

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Iran sharp reaction to the CENTCOM meeting Araghchi says outsiders cannot even ensure their own security
अब्बास अराघची, ईरानी विदेश मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बहरीन में एक बड़ी क्षेत्रीय सुरक्षा बैठक बुलाई। इसमें 12 देशों के सैन्य नेता शामिल हुए। इस सम्मेलन में सीरिया और लेबनान की भागीदारी ने सबको चौंका दिया। बहरीन रक्षा बल ने इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। इसका मुख्य मकसद मध्य पूर्व में हवाई सुरक्षा को मजबूत करना और समुद्री व्यापारिक रास्तों को सुरक्षित बनाना था।
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ईरान ने जताया कड़ा विरोध
ईरान ने इस अमेरिकी पहल की कड़ी निंदा की है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि पश्चिमी देशों का हस्तक्षेप इस क्षेत्र में स्थिरता नहीं ला सकता। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्थायी शांति केवल आपसी सहयोग से आ सकती है, पेंटागन के साये में नहीं। अराघची ने सवाल उठाया कि क्या CENTCOM ने इस क्षेत्र में सुरक्षा दी है या असुरक्षा? उन्होंने कहा कि ईरान की सेना ने साबित किया है कि बाहरी लोग खुद की रक्षा भी नहीं कर सकते। उनके अनुसार, बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के ही शांति संभव है।
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होर्मुज पर ईरान का दावा
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी इस बैठक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा के नियम तय करने का अधिकार अमेरिका को नहीं है। गरीबाबादी ने स्पष्ट किया कि होर्मुज का रास्ता ईरान के कमांड में आता है, CENTCOM के नहीं। उन्होंने कहा कि बहरीन में हुई सैन्य बैठक फारस की खाड़ी के लिए कोई कानूनी व्यवस्था या सुरक्षा तय नहीं कर सकती।

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ईरानी राजनयिक ने जोर दिया कि विदेशी सैन्य गठबंधन लंबे समय तक स्थिरता नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा का प्रबंधन पड़ोसी देशों को खुद करना चाहिए। गरीबाबादी के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा तभी आएगी जब अमेरिका यहां से बाहर निकलेगा और देशों की संप्रभुता का सम्मान होगा। उन्होंने कहा कि नई भू-राजनीतिक सच्चाइयों को स्वीकार करना जरूरी है, न कि अमेरिका की सैन्य छत्रछाया में रहना।

CENTCOM और सहयोगी देशों का पक्ष
CENTCOM ने बताया कि इस बैठक में संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, लेबनान और सीरिया जैसे देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारी शामिल हुए। एडमिरल ब्रैड कूपर ने इस चर्चा का नेतृत्व किया। बैठक में बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, यूएई और यमन के प्रतिनिधि मौजूद थे। इन सभी देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए व्यापार के मुक्त प्रवाह को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। नेताओं ने क्षेत्र में रक्षा सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा की। इस बैठक ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चल रही खींचतान को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
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