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US-Iran: 'इस्राइली सोच हावी रही तो नहीं होगा समझौता', शांति वार्ता के बीच ईरान के उपराष्ट्रपति की बड़ी चेतावनी

एएनआई, तेहरान/इस्लामाबाद Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Sat, 11 Apr 2026 04:48 PM IST
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सार

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच अहम शांति वार्ता शुरू हुई है। ईरान के उपराष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि इस्राइल फर्स्ट सोच हावी रही तो समझौता नहीं होगा। यह वार्ता “मेक या ब्रेक” मानी जा रही है। अगले 48 घंटे तय करेंगे कि संघर्षविराम कायम रहेगा या नहीं।

No Deal If Israeli Mindset Prevails Irans Vice President Issues Major Warning Amid US-Iran Peace Talks
रजा आरिफ, ईरान के उपसाष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हाई-लेवल वार्ता शुरू हो गई है। यह बातचीत बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि यही तय करेगी कि क्षेत्र में शांति कायम होगी या फिर संघर्ष और बढ़ेगा। इस बीच ईरान के उपराष्ट्रपति का बयान सामने आने के बाद वार्ता पर नया सस्पेंस पैदा हो गया है।

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ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने साफ चेतावनी दी है कि अगर बातचीत में इस्राइल फर्स्ट की सोच हावी रही तो कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका फर्स्ट के नजरिए से बातचीत होती है तो दोनों देशों और दुनिया के लिए अच्छा समझौता संभव है। यह बयान साफ तौर पर वार्ता की दिशा और शर्तों को लेकर ईरान का सख्त रुख दिखाता है।
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शहबाज शरीफ ने बैठक पर क्या कहा?
शहबाज शरीफ ने इस बैठक को मेक या ब्रेक करार दिया है। यह वार्ता 8 अप्रैल को हुए संघर्षविराम के बाद हो रही है। पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या यह बातचीत स्थायी शांति का रास्ता बनाएगी या फिर हालात और बिगड़ेंगे।

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कौन-कौन शामिल है इस अहम बातचीत में?
ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा है। वहीं अमेरिकी टीम में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर शामिल हैं। इससे साफ है कि दोनों देश इस बातचीत को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं।

क्या सुरक्षा इंतजाम दिखा रहे हैं वार्ता की गंभीरता?
इस वार्ता के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश के दौरान लड़ाकू विमानों और विशेष निगरानी प्रणाली की सुरक्षा दी गई। इससे स्पष्ट है कि यह बैठक कितनी संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के मुताबिक, बातचीत के लिए समय सीमित है और अगले 48 घंटे बेहद अहम होंगे। इन्हीं घंटों में यह तय होगा कि संघर्षविराम आगे बढ़ेगा या फिर स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो जाएगी। अगर समझौता नहीं हुआ तो क्षेत्र में टकराव और बढ़ सकता है।

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