Pakistan: 3 मार्च को चुना जाएगा पाकिस्तान का नया प्रधानमंत्री, पीएमएल-एन के शहबाज शरीफ रेस में सबसे आगे
पाकिस्तान में आठ फरवरी को आम चुनाव हुए थे। इसमें इमरान खान के समर्थन वाले ज्यादातर निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली थी। हालांकि, किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटें नहीं मिल पाई थीं।
विस्तार
पाकिस्तान को नया प्रधानमंत्री रविवार यानी तीन मार्च को मिलेगा। बीते दिन पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सचिवालय ने देश के नए प्रधानमंत्री के चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री पद की रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, उम्मीदवार शनिवार दोपहर दो बजे तक अपना नामांकन पत्र जमा कर सकते हैं। नामांकन पत्रों की जांच उसी दिन पूरी कर ली जाएगी। प्रधानमंत्री के चुनाव की प्रक्रिया नवनिर्वाचित सांसदों के जरिए होगी।
पीएम पद की रेस में कौन?
- पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने 72 साल के शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए नामित किया है।
- उमर अयूब खान जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के उम्मीदवार हैं।
राष्ट्रपति चुनाव का कार्यक्रम भी जल्द जारी होगा
इससे पहले बताया गया था कि चुनाव आयोग (ईसीपी) एक मार्च को राष्ट्रपति चुनाव का कार्यक्रम जारी कर सकता है, जिसमें पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के आसिफ अली जरदारी की जीत लगभग तय मानी जा रही है। पाकिस्तानी मीडिया ने ईसीपी के प्रवक्ता के हवाले से कहा था सभी चार प्रांतीय विधानसभाएं 29 फरवरी तक अस्तित्व में आएंगी और फिर राष्ट्रपति चुनाव के लिए जरूरी निर्वाचक मंडल के गठन का काम पूरा हो जाएगा।
सितंबर 2008 से 2013 तक देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं जरदारी
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता शहबाज शरीफ के नेतृत्व में केंद्र में नई गठबंधन सरकार बनाने के लिए छह पक्षीय गठबंधन तैयार है। पीएमएल-एन पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के आसिफ अली जरदारी को राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। जरदारी इससे पहले सितंबर 2008 से 2013 तक देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं।
त्रिशंकु परिणाम सामने आए थे
आठ फरवरी को हुए चुनाव के त्रिशंकु परिणाम सामने आए थे। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। जिसके बाद पीएमएल-एन और पीपीपी ने गठबंधन बनाने का फैसला किया। यह गठबंधन इस शर्त पर बना कि पीपीपी के आसिफ अली जरदारी को राष्ट्रपति का पद मिलेगा। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज को पंजाब प्रांत का मुख्यमंत्री पद मिलेगा।
30 दिनों के भीतर राष्ट्रपति चुनाव जरूरी
संविधान के अनुच्छेद 41 के मुताबिक, राष्ट्रपति का चुनाव आम चुनाव संपन्न होने के 30 दिनों के भीतर होना चाहिए। आठ फरवरी को आम चुनाव हुए थे। इसका मतलब 9 फरवरी से पहले राष्ट्रपति चुनाव हो जाने चाहिए।
