सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Russian soldiers are kept in underground prison as punishment for refusing to fight

रिपोर्ट: रूसी सैनिकों को यूक्रेन में लड़ाई करने से इनकार करना पड़ रहा भारी, दी जा रही खौफनाक सजा

वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, मॉस्को Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Tue, 02 May 2023 05:39 AM IST
विज्ञापन
सार

सैनिकों को क्रेमलिन के साथ अपने अनुबंधों को समाप्त करने का प्रयास करने और यूक्रेन में लड़ने से इनकार करना भारी पड़ रहा है। सजा के तौर पर उन्हें जिंदान कहे जाने वाले पिंजरे में डाला जा रहा है।

Russian soldiers are kept in underground prison as punishment for refusing to fight
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के एक ट्वीट के अनुसार, रूसी सैनिकों को मध्यकालीन तकनीकों का उपयोग करके दंडित किया जा रहा है, क्योंकि कमांडर खराब अनुशासन पर कायम हैं।
Trending Videos


सैनिकों को क्रेमलिन के साथ अपने अनुबंधों को समाप्त करने का प्रयास करने और यूक्रेन में लड़ने से इनकार करना भारी पड़ रहा है। सजा के तौर पर उन्हें जिंदान कहे जाने वाले पिंजरे में डाला जा रहा है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि उसने जिंदान के उपयोग में होने की कई रिपोर्टें सुनी हैं। इसमें जमीन में छेद होते हैं जो धातु की जाली से ढके होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्रालय ने रविवार को अपने दैनिक खुफिया अपडेट में कहा, हाल के महीनों में रूसी कमांडरों ने जिंदान में सैनिकों को हिरासत में लेकर अनुशासन के उल्लंघन की सजा देना शुरू कर दिया है। जिंदान प्राचीन सजा का हिस्सा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस में यह सजा दी जाती थी। इसके अलावा 20वीं सदी की शुरुआत में मध्य एशिया के कुछ हिस्सों में भी जिंदान की सजा दी जाती थी। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस रणनीति में बदलाव तब हुआ जब रूस के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ जनरल वालेरी गेरासिमोव ने यूक्रेन में सैन्य अभियानों को अपने नियंत्रण में लिया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed