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South Korea: दक्षिण कोरिया के पूर्व पीएम को 23 साल की सजा, अदालत ने मार्शल लॉ लगाने को करार दिया विद्रोह

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Wed, 21 Jan 2026 03:03 PM IST
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सार

दक्षिण कोरिया में 2024 में पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल ने मार्शल लॉ लागू किया था। पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ विद्रोह सहित कई मामलों में सुनवाई जारी है। इस वक्त वे जेल में बंद हैं। अदालत की ओर से पूर्व पीएम हान को 23 साल की सजा को इन मामलों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

South Korea Court Ex PM Han Duck-soo ally of Yoon Suk Yeol given 23 years in prison over martial law crisis
दक्षिण कोरिया के पूर्व पीएम हान डक-सू - फोटो : ANI
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दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल की ओर से देश में मार्शल लॉ लगाने को संविधान के खिलाफ विद्रोह करार दिया। इसी के साथ अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति के करीबी सहयोगी और पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू को 23 साल की सजा सुनाई। यह फैसला यून प्रशासन से जुड़े विद्रोह के मामलों में पहला बड़ा दोषसिद्धि फैसला माना जा रहा है।
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सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने बुधवार को दिए गए फैसले में कहा कि यून सुक-योल का मार्शल लॉ आदेश एक तरह का 'खुद का तख्तापलट' था, जिसका मकसद संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करना था। अदालत ने संसद और चुनाव कार्यालयों में सेना व पुलिस की तैनाती को गंभीर अस्थिरता फैलाने वाला कदम बताया।
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हान डक-सू को क्यों मिली सजा?
  • अदालत के अनुसार, तत्कालीन प्रधानमंत्री हान डक-सू ने मंत्री परिषद की बैठक के जरिए मार्शल लॉ आदेश को प्रक्रियात्मक वैधता देने की कोशिश की और इस तरह विद्रोह में अहम भूमिका निभाई।
  • उन्हें मार्शल लॉ घोषणा में हेरफेर, दस्तावेज नष्ट करने और शपथ के तहत झूठ बोलने का भी दोषी ठहराया गया।
  • अदालत के फैसले में कहा गया कि हान ने संविधान की रक्षा करने के अपने कर्तव्य की अनदेखी की और यह मानते हुए विद्रोह का हिस्सा बने कि यह सफल हो सकता है।
  • अदालत ने चेतावनी दी कि ऐसे कृत्यों से देश एक बार फिर उस दौर में लौट सकता था, जहां नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचला जाता है।

पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल की बढ़ी मुश्किलें
सजा सुनाए जाने के बाद हान डक-सू को तुरंत जेल भेज दिया गया। इससे पहले वे हिरासत में नहीं थे। गौरतलब है कि स्वतंत्र अभियोजक ने उनके लिए 15 साल की सजा मांगी थी, ऐसे में 23 साल की सजा को अप्रत्याशित माना जा रहा है। हान इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं।

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यह फैसला राष्ट्रपति यून सुक-योल के खिलाफ चल रहे मामलों के लिए भी अहम माना जा रहा है। यून पर विद्रोह का मास्टरमाइंड होने का आरोप है और उनके खिलाफ स्वतंत्र अभियोजक मृत्युदंड तक की मांग कर चुके हैं। उनके विद्रोह मामले पर 19 फरवरी को फैसला आने की संभावना है। यून पहले से ही कई मामलों में जेल में हैं और उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए जांच को राजनीति से प्रेरित बताया है।

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