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US में टैरिफ पर नए दांव-पेंच: क्या 52 साल पुराने कानून में हो सकते हैं बदलाव? ट्रंप प्रशासन ने शुरू की जांच

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Shivam Garg Updated Thu, 12 Mar 2026 07:35 AM IST
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सार

सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुराने टैरिफ रद्द किए जाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने सेक्शन 301 के तहत नई ट्रेड जांच शुरू की है। इसका उद्देश्य विदेशी कंपनियों पर नए आयात शुल्क लगाकर अमेरिकी उद्योग और नौकरियों की सुरक्षा करना है।

Trump Administration Launches New Probe to Replace Tariffs Struck Down by Supreme Court
भारत पर फिर टैरिफ लगाएगा अमेरिका? - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व टैरिफ व्यवस्था को रद्द किए जाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने विदेशी मैन्युफैक्चरिंग पर नई व्यापार जांच शुरू कर दी है। इस कदम को उन अरबों डॉलर के राजस्व की भरपाई की कोशिश माना जा रहा है जो अदालत के फैसले के बाद सरकार को खोना पड़ा।
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अमेरिकी प्रशासन ने बुधवार को ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत यह जांच शुरू की है। इस प्रक्रिया के तहत विदेशी कंपनियों और देशों की औद्योगिक नीतियों की जांच की जाएगी, जिसके बाद उन पर नए आयात शुल्क (टैरिफ) लगाए जा सकते हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार की नीति में बदलाव नहीं हुआ है, केवल इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी उद्योग और नौकरियों की सुरक्षा करना है।
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कई देशों की नीतियों की होगी जांच
नई जांच के दायरे में कई बड़े व्यापारिक साझेदार देश शामिल हैं। इनमें भारत, चीन, यूरोपीय संघ, बांग्लादेश, जापान, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, इंडोनेशिया, मलेशिया, कंबोडिया, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, मेक्सिको और ताइवान जैसे देश शामिल हैं। अमेरिकी सरकार इन देशों की उन नीतियों की जांच करेगी जिनसे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हो सकता है। इसमें औद्योगिक सब्सिडी, मजदूरी दमन और अमेरिकी बाजार में लगातार व्यापार अधिशेष जैसे मुद्दों को देखा जाएगा।

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वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर बढ़ सकती है हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस जांच के बाद नए टैरिफ लागू होते हैं तो वैश्विक व्यापार में फिर तनाव बढ़ सकता है। इससे पहले लगाए गए टैरिफ के कारण अमेरिका और उसके कई व्यापारिक साझेदारों के बीच तीखी आर्थिक खींचतान देखने को मिली थी। हालांकि ग्रीर ने कहा कि पिछले साल घोषित व्यापार ढांचे अपने आप में अलग हैं और नई जांच उनसे सीधे जुड़ी नहीं है। फिर भी इन समझौतों को ध्यान में रखते हुए आगे का निर्णय लिया जा सकता है।

जबरन श्रम से बने उत्पादों पर भी कार्रवाई
ट्रंप प्रशासन ने सेक्शन 301 के तहत एक और जांच शुरू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य जबरन श्रम से बनाए गए उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की संभावनाओं का आकलन करना है। इसके अलावा डिजिटल सेवा कर, दवाओं की कीमत और समुद्री प्रदूषण जैसे मुद्दों पर भी भविष्य में नई जांच शुरू हो सकती है।

समय सीमा का भी दबाव
अभी अमेरिका ने सेक्शन 122 के तहत विदेशी उत्पादों पर 10% का अस्थायी टैरिफ लगाया हुआ है, जिसकी अवधि 150 दिनों के बाद 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगी। ट्रंप पहले इस आयात शुल्क को 15% तक बढ़ाने की बात कह चुके हैं, लेकिन अभी तक ऐसा लागू नहीं किया गया है। ग्रीर के अनुसार प्रशासन जल्द से जल्द जांच पूरी कर राष्ट्रपति को संभावित विकल्प देना चाहता है, ताकि नई व्यापार नीति तय की जा सके।


 
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