{"_id":"6a6eaf506cc9877ba20c742b","slug":"trump-claims-mideast-allies-have-reached-deal-to-end-iran-war-hold-new-strikes-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईरान युद्ध खत्म!: ट्रंप का दावा- पश्चिम एशियाई देशों के बीच लड़ाई खत्म करने पर बनी सहमति, नए हमले भी रोके","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
ईरान युद्ध खत्म!: ट्रंप का दावा- पश्चिम एशियाई देशों के बीच लड़ाई खत्म करने पर बनी सहमति, नए हमले भी रोके
Sun, 02 Aug 2026 08:15 AM IST
नितिन गौतम
पीटीआई, वॉशिंगटन
पीटीआई, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 02 Aug 2026 08:15 AM IST
सार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान युद्ध समाप्त करने पर सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों के बीच इसे लेकर सहमति बनी है और इस्राइल भी इस योजना में शामिल है। आइए जानते हैं कि ट्रंप ने क्या क्या बताया
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति ने चौंकाते हुए ईरान युद्ध खत्म करने का एलान कर दिया है। एपी की रिपोर्ट्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि पश्चिम एशिया के देशों के बीच ईरान युद्ध खत्म करने पर सहमति बन गई है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका अब ईरान पर नए हमले भी नहीं करेगा।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार शाम सोशल मीडिया पर दावा किया कि पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों ने ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते की रूपरेखा (आउटलाइंस) पर सहमति बना ली है। उन्होंने कहा कि इस प्रगति को देखते हुए फिलहाल पांच महीने पुराने इस संघर्ष में नए सैन्य हमलों के आदेश नहीं दिए जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और पूरी तरह से खोलना तथा ईरान के परमाणु खतरे का अंत शामिल होगा।
ट्रंप ने लिख, 'मैंने दुनिया के हित और एक सफल एवं समृद्ध ईरान के अस्तित्व को ध्यान में रखते हुए फिलहाल हमला रद्द करने पर सहमति दी है, बशर्ते जल्द समझौता हो सके।' ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस्राइल ने भी अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के साथ ये समझौता पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे युद्ध समाप्त हो सके।
विज्ञापन
सऊदी अरब और अमेरिका के बीच हुई बातचीत
इससे पहले शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत के दौरान क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर चिंता जताई और ट्रंप से लड़ाई आगे नहीं बढ़ाने की अपील की थी। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय हुई जब ट्रंप ने सेना को ईरान पर नए हमलों के निर्देश दिए थे।
सऊदी ने अमेरिका से क्यों हमले नहीं करने की अपील की?
दरअसल सऊदी अरब को आशंका थी कि अगर अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे या अन्य प्रमुख बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमला करता है, तो तेहरान जवाबी कार्रवाई में सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकता है।
इस सप्ताह की शुरुआत में सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के कई लॉजिस्टिक और हथियार ठिकानों पर अमेरिकी कार्रवाई में साथ दिया था। हालांकि, रियाद लगातार अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से विवाद का समाधान करने पर जोर दे रहा था। इसी क्रम में सऊदी रक्षा मंत्री और क्राउन प्रिंस के भाई खालिद बिन सलमान बुधवार को वॉशिंगटन पहुंचे थे। उन्होंने ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से अलग-अलग मुलाकात कर ईरान रणनीति पर चर्चा की।
नेतन्याहू ने ट्रंप से हमले जारी रखने की अपील की थी
ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी मुलाकात की थी। फरवरी में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक थी। नेतन्याहू ने ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने का आग्रह किया था। हालांकि अब अचानक से ट्रंप ने ईरान युद्ध खत्म करने पर सहमति बनने का एलान करके फिर से सभी को चौंका दिया है। ईरान युद्ध वैसे भी ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। यह युद्ध कई अमेरिकी नागरिकों के बीच अलोकप्रिय है और नवंबर में होने वाले महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों से पहले वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है।
विज्ञापन
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार शाम सोशल मीडिया पर दावा किया कि पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों ने ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते की रूपरेखा (आउटलाइंस) पर सहमति बना ली है। उन्होंने कहा कि इस प्रगति को देखते हुए फिलहाल पांच महीने पुराने इस संघर्ष में नए सैन्य हमलों के आदेश नहीं दिए जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और पूरी तरह से खोलना तथा ईरान के परमाणु खतरे का अंत शामिल होगा।
विज्ञापन
ट्रंप ने लिख, 'मैंने दुनिया के हित और एक सफल एवं समृद्ध ईरान के अस्तित्व को ध्यान में रखते हुए फिलहाल हमला रद्द करने पर सहमति दी है, बशर्ते जल्द समझौता हो सके।' ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस्राइल ने भी अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के साथ ये समझौता पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे युद्ध समाप्त हो सके।
विज्ञापन
सऊदी अरब और अमेरिका के बीच हुई बातचीत
इससे पहले शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत के दौरान क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर चिंता जताई और ट्रंप से लड़ाई आगे नहीं बढ़ाने की अपील की थी। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय हुई जब ट्रंप ने सेना को ईरान पर नए हमलों के निर्देश दिए थे।
सऊदी ने अमेरिका से क्यों हमले नहीं करने की अपील की?
दरअसल सऊदी अरब को आशंका थी कि अगर अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे या अन्य प्रमुख बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमला करता है, तो तेहरान जवाबी कार्रवाई में सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकता है।
इस सप्ताह की शुरुआत में सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के कई लॉजिस्टिक और हथियार ठिकानों पर अमेरिकी कार्रवाई में साथ दिया था। हालांकि, रियाद लगातार अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से विवाद का समाधान करने पर जोर दे रहा था। इसी क्रम में सऊदी रक्षा मंत्री और क्राउन प्रिंस के भाई खालिद बिन सलमान बुधवार को वॉशिंगटन पहुंचे थे। उन्होंने ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से अलग-अलग मुलाकात कर ईरान रणनीति पर चर्चा की।
नेतन्याहू ने ट्रंप से हमले जारी रखने की अपील की थी
ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी मुलाकात की थी। फरवरी में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक थी। नेतन्याहू ने ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने का आग्रह किया था। हालांकि अब अचानक से ट्रंप ने ईरान युद्ध खत्म करने पर सहमति बनने का एलान करके फिर से सभी को चौंका दिया है। ईरान युद्ध वैसे भी ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। यह युद्ध कई अमेरिकी नागरिकों के बीच अलोकप्रिय है और नवंबर में होने वाले महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों से पहले वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है।