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युद्धपोत कम, मिसाइलें घटीं: शीर्ष जनरल की पेंटागन को चेतावनी, इस्राइल को ईरानी हमले से बचा पाएगा अमेरिका?

Sun, 02 Aug 2026 08:26 AM IST
राकेश कुमार एएनआई, वाशिंगटन।
एएनआई, वाशिंगटन। Published by: राकेश कुमार Updated Sun, 02 Aug 2026 08:26 AM IST
सार

ईरान के साथ बढ़ते टकराव के बीच अमेरिकी नौसेना के पास युद्धपोतों और इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी हो गई है। शीर्ष अमेरिकी जनरल ने पेंटागन को आगाह किया है कि अगर जल्द संसाधन नहीं बढ़ाए गए, तो अमेरिका को इस्राइल की रक्षा छोड़कर अपनी मातृभूमि की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

 

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अमेरिका ईरान तनाव - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिका की रक्षा तैयारियों को लेकर बड़ी चिंता सामने आई है। अमेरिकी यूरोपीय कमान के प्रमुख जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने पेंटागन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना के पास अब इतने युद्धपोत और इंटरसेप्टर मिसाइलें नहीं बची हैं कि वह लंबे समय तक ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से इस्राइल की रक्षा करता रहे।
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इस्राइल की तुलना में अमेरिका ने खर्ची ज्यादा मिसाइलें: रिपोर्ट
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल ग्रिनकेविच ने भूमध्य सागर में एक और अमेरिकी विध्वंसक तैनात करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका को भविष्य में एक कठिन फैसला लेना पड़ सकता है। उसे यह तय करना होगा कि वह अपनी मातृभूमि की सुरक्षा को प्राथमिकता दे या फिर इस्राइल की रक्षा के लिए अपने संसाधन खर्च करता रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा युद्ध के दौरान अमेरिका ने इस्राइल की तुलना में कहीं ज्यादा इंटरसेप्टर मिसाइलें दागी हैं। इन मिसाइलों का इस्तेमाल ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए किया गया।
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तेजी से घट रहा मिसाइल भंडार
रक्षा मामलों से जुड़े थिंक टैंक सीएसआईएस और अमेरिकी रक्षा विभाग के आंतरिक आकलन के अनुसार, अमेरिका के कई अहम मिसाइल सिस्टम का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल हो चुका है। इनमें थाड और पेट्रियट जैसे एयर डिफेंस सिस्टम के करीब 50 फीसदी इंटरसेप्टर खर्च हो चुके हैं। इसके अलावा प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल , टॉमहॉक क्रूज मिसाइल, JASSM और SM-3/SM-6 जैसी मिसाइलों के भंडार में भी कमी आई है।
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पांच बड़ी बातें
  • अमेरिकी जनरल ने अतिरिक्त युद्धपोत तैनात करने की मांग की।
  • इस्राइल की सुरक्षा और अमेरिकी मातृभूमि के बीच चुनाव की चेतावनी।
  • अमेरिका ने इस्राइल से ज्यादा इंटरसेप्टर मिसाइलें दागीं।
  • THAAD और Patriot समेत कई मिसाइल सिस्टम का बड़ा स्टॉक खर्च हो चुका।
  • मिसाइल भंडार दोबारा भरने में कई साल लगने की आशंका।

भरपाई में लग सकते हैं कई साल 
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इन अत्याधुनिक मिसाइलों का उत्पादन आसान नहीं है। युद्ध के दौरान खर्च हुए हथियारों की भरपाई करने और पुराने स्तर का स्टॉक तैयार करने में अमेरिकी सेना को कई साल लग सकते हैं। यही वजह है कि रक्षा विशेषज्ञ भविष्य में किसी नए बड़े संघर्ष की स्थिति में अमेरिका की तैयारियों को लेकर चिंता जता रहे हैं।


क्या बढ़ सकता है सुरक्षा संकट?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया के अलावा दुनिया के किसी अन्य क्षेत्र में भी बड़ा सैन्य संकट पैदा होता है, तो अमेरिका के लिए एक साथ कई मोर्चों पर जवाब देना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में उसके सीमित मिसाइल भंडार और युद्धपोतों की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन सकती है।

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