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संयुक्त राष्ट्र ने दी चेतावनी: जून से अगस्त तक भयंकर गर्मी का अलर्ट, अल नीनो बढ़ाएगा आफत
Wed, 03 Jun 2026 06:19 AM IST
राकेश कुमार
एजेंसी, जिनेवा।
एजेंसी, जिनेवा।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 03 Jun 2026 06:19 AM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि जून से अगस्त के दौरान दुनिया के अधिकांश हिस्सों में तापमान औसत से अधिक रहेगा, क्योंकि समुद्र में 'अल नीनो' तेजी से मजबूत हो रहा है। डब्ल्यूएमओ की महानिदेशक सेलेस्टे साउलो के अनुसार, नवंबर तक चलने वाला यह अल नीनो न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू लाएगा, बल्कि इसके कारण भारत सहित ऑस्ट्रेलिया में सूखा और अमेरिका में भारी बारिश जैसी चरम मौसमी घटनाएं होंगी।
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गर्मी तोड़ेगी सभी रिकॉर्ड (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : AI
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी ने मध्यम या तीव्र अल नीनो का पूर्वानुमान लगाया है। उसने चेताया कि इससे न सिर्फ वैश्विक तापमान बढ़ने का खतरा है बल्कि आगामी महीनों में मौसम की चरम घटनाओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) के अनुसार, गर्म समुद्री जल अल नीनो के विकास को बढ़ावा दे रहा है और जून से अगस्त तक दुनिया के अधिकांश हिस्सों में औसत से अधिक तापमान रहने का अनुमान है।
अल नीनो मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में आवधिक वृद्धि है, जो आमतौर पर नौ से बारह महीने तक रहती है। डब्ल्यूएमओ ने कहा, यह अल नीनो नवंबर तक जारी रहने की संभावना है। उसने कहा, अल नीनो कितना तेज होगा, यह अभी भी अनिश्चित है क्योंकि मौसम विज्ञान के मॉडल इसकी तीव्रता पर भिन्न-भिन्न राय रखते हैं, लेकिन अधिकारियों ने तैयार रहने की जरूरत पर जोर दिया है। डब्ल्यूएमओ की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा, तीव्र अल नीनो घटना के लिए तैयार रहना ही होगा, क्योंकि इससे सूखा और भारी वर्षा बढ़ेगी और जमीन तथा समुद्र दोनों पर लू का खतरा भी बढ़ेगा।
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कई जगह बढ़ेगा सूखा...वर्षा भी
डब्ल्यूएमओ ने कहा कि मौसम का यह पैटर्न क्षेत्रीय जलवायु को प्रभावित करेगा, जिससे दुनिया भर में तापमान बढ़ेगा। साथ ही दक्षिण अमेरिका और अमेरिका के दक्षिणी हिस्सों, अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र और मध्य एशिया के कुछ हिस्सों में वर्षा में वृद्धि होगी। डब्ल्यूएमओ ने कहा, अल नीनो ऑस्ट्रेलिया, मध्य अमेरिका, इंडोनेशिया और दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों में सूखा भी ला सकता है और मध्य और पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में तूफानों के निर्माण को बढ़ावा दे सकता है।
खाद्य पदार्थों की बढ़ेंगी कीमतें
डब्ल्यूएमओ की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा, अत्यधिक गर्मी से जुड़े अन्य जोखिमों में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का व्यापक प्रसार और भोजन-पानी की आपूर्ति में कमी शामिल है। वह बोलीं, जो समुदाय पहले से ही संघर्षरत हैं, वे अपनी सीमाओं से और भी आगे धकेले जाएंगे। ईरान युद्ध के साथ-साथ अल नीनो के चलते खाद्य पदार्थों के दाम और भी बढ़ सकते हैं।
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अल नीनो मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में आवधिक वृद्धि है, जो आमतौर पर नौ से बारह महीने तक रहती है। डब्ल्यूएमओ ने कहा, यह अल नीनो नवंबर तक जारी रहने की संभावना है। उसने कहा, अल नीनो कितना तेज होगा, यह अभी भी अनिश्चित है क्योंकि मौसम विज्ञान के मॉडल इसकी तीव्रता पर भिन्न-भिन्न राय रखते हैं, लेकिन अधिकारियों ने तैयार रहने की जरूरत पर जोर दिया है। डब्ल्यूएमओ की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा, तीव्र अल नीनो घटना के लिए तैयार रहना ही होगा, क्योंकि इससे सूखा और भारी वर्षा बढ़ेगी और जमीन तथा समुद्र दोनों पर लू का खतरा भी बढ़ेगा।
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कई जगह बढ़ेगा सूखा...वर्षा भी
डब्ल्यूएमओ ने कहा कि मौसम का यह पैटर्न क्षेत्रीय जलवायु को प्रभावित करेगा, जिससे दुनिया भर में तापमान बढ़ेगा। साथ ही दक्षिण अमेरिका और अमेरिका के दक्षिणी हिस्सों, अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र और मध्य एशिया के कुछ हिस्सों में वर्षा में वृद्धि होगी। डब्ल्यूएमओ ने कहा, अल नीनो ऑस्ट्रेलिया, मध्य अमेरिका, इंडोनेशिया और दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों में सूखा भी ला सकता है और मध्य और पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में तूफानों के निर्माण को बढ़ावा दे सकता है।
खाद्य पदार्थों की बढ़ेंगी कीमतें
डब्ल्यूएमओ की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा, अत्यधिक गर्मी से जुड़े अन्य जोखिमों में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का व्यापक प्रसार और भोजन-पानी की आपूर्ति में कमी शामिल है। वह बोलीं, जो समुदाय पहले से ही संघर्षरत हैं, वे अपनी सीमाओं से और भी आगे धकेले जाएंगे। ईरान युद्ध के साथ-साथ अल नीनो के चलते खाद्य पदार्थों के दाम और भी बढ़ सकते हैं।