ट्रंप के रक्षा बजट पर बवाल: ईरान युद्ध पर अमेरिकी संसद में घमासान, हेगसेथ बोले- अब भी हमारे हाथ में सारे पत्ते
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सीनेट की सुनवाई में ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका अब भी मजबूत स्थिति में है और ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। सुनवाई के दौरान डेमोक्रेट सांसदों ने युद्ध की बढ़ती लागत, तेल कीमतों में उछाल और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट को लेकर ट्रंप प्रशासन पर सवाल उठाए।
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अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा कि तमाम तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संकट के बावजूद अमेरिका अब भी सभी पत्ते अपने हाथ में रखता है।
हेगसेथ और डेमोक्रेट सांसदों की तीखी बहस
सीनेट विनियोग उपसमिति के समक्ष रक्षा मामलों की सुनवाई के दौरान हेगसेथ ने डेमोक्रेट सांसदों के साथ तीखी बहस की। इस बैठक में जॉइंट चीफ्स चेयरमैन डैन केन भी मौजूद थे। सुनवाई का मुख्य मुद्दा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रस्तावित 1.5 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा बजट, ईरान युद्ध की बढ़ती लागत, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ती तेल कीमतें और चीन-यूक्रेन को लेकर अमेरिकी रणनीति रही।
हेगसेथ ने ईरान को लेकर क्या कहा?
हेगसेथ ने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने दावा किया कि 47 वर्षों से ईरान अमेरिका पर हमला करता रहा है और परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर झूठ बोलता रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने आखिरकार कार्रवाई करने का साहस दिखाया। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की पूरी पारंपरिक नौसेना अब फारस की खाड़ी के तल में पड़ी है और मौजूदा स्थिति में अमेरिका के पास पहले से ज्यादा दबदबा है।
हेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल
हालांकि डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए। सीनेटर क्रिस कून्स ने कहा कि यह युद्ध बिना किसी स्पष्ट लक्ष्य और अंत की योजना के लड़ा जा रहा है, जिसकी कीमत अमेरिकी जनता चुका रही है। वहीं सीनेटर पैटी मरे ने बढ़ती ईंधन और खाद्य कीमतों के बीच भारी रक्षा खर्च पर सवाल उठाए।
ईरान युद्ध में अमेरिका का कितना हुआ खर्च?
पेंटागन के मुताबिक ईरान संघर्ष पर अब तक करीब 29 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं, हालांकि अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है।
किन-किन विषयों पर हुई चर्चा?
सुनवाई के दौरान सबसे बड़ा सवाल होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर उठा। वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम इस समुद्री मार्ग में व्यवधान के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। इस पर हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका के पास सैन्य विकल्प मौजूद हैं, लेकिन वाशिंगटन अब भी बातचीत के जरिए समाधान चाहता है ताकि ईरान अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में समुद्री डकैती बंद करे।
जॉइंट चीफ्स चेयरमैन जनरल डैन केन ने भी माना कि ईरान अपनी सैन्य गतिविधियों के जरिए दुनिया की अर्थव्यवस्था को बंधक बनाए हुए है, लेकिन उन्होंने सैन्य योजनाओं पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।
सुनवाई में मिच मैककोनेल ने नाटो सहयोगियों और यूक्रेन को समर्थन जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे समय में जब अमेरिका के विरोधी देश एकजुट हो रहे हैं, सहयोगियों से दूरी बनाना खतरनाक हो सकता है।
ट्रंप की चीन यात्रा पर हुई चर्चा
वहीं चीन को लेकर भी अमेरिका की रणनीति पर चर्चा हुई। ट्रंप की संभावित बीजिंग यात्रा से पहले मैककॉनेल ने पूछा कि क्या ताइवान और दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी प्रतिबद्धताएं कायम रहेंगी। इस पर हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने सहयोगियों जापान, ताइवान और फिलीपींस के साथ साझेदारी और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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