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अमेरिका: मीडिया पर भड़के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ईरान को झूठी उम्मीद देने और मदद करने का आरोप लगाया
एएनआई, वाशिंगटन डीसी।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 13 May 2026 08:30 AM IST
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सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि वह युद्ध में ईरान को झूठी उम्मीद दे रहा है और उसकी मदद कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सेना, नौसेना और वायु सेना पूरी तरह कमजोर हो चुकी है और अमेरिका हर हाल में युद्ध जीतेगा। पढ़िए रिपोर्ट-
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (स्थानीय समय) को मीडिया पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ खबरों में ऐसा दिखाया जा रहा है कि ईरान युद्ध में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। ट्रंप ने फिर दावा किया कि ईरानी सेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है। ईरान के नेता खत्म हो चुके हैं और देश आर्थिक संकट में है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने यह बयान ट्रुथ सोशल के जरिये दिया। उन्होंने मीडिया पर ईरान को 'झूठी उम्मीद' देने और उसकी 'मदद करने' का आरोप लगाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, जब फेक न्यूज में कहा जाता है कि ईरान सैन्य रूप से हमारे खिलाफ अच्छा कर रहा है, तो यह लगभग देशद्रोह जैसा है, क्योंकि यह पूरी तरह झूठ और बेतुकी बात है। वे दुश्मन की मदद कर रहे हैं। इससे ईरान को सिर्फ झूठी उम्मीद मिलती है। जबकि ऐसी कोई उम्मीद होनी ही नहीं चाहिए। ये अमेरिकी कायर हैं, जो अपने ही देश के खिलाफ खड़े हैं।
उन्होंने दावा किया, ईरान की नौसेना के पास 159 जहाज थे और अब सभी समुद्र में डूब चुके हैं। उन्होंने कहा, ईरान के पास अब नौसेना नहीं है। उसकी वायुसेना खत्म हो चुकी है। उसकी तकनीक खत्म हो चुकी है। उसके नेता अब नहीं रहे और देश आर्थिक तबाही का सामना कर रहा है। सिर्फ हारने वाले, एहसान न मानने वाले और मूर्ख लोग ही अमेरिका के खिलाफ बोल सकते हैं। यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अहम मुलाकात होने जा रही है।
चीन के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने क्या कहा?
इससे पहले चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने फिर दावा किया कि ईरानी सेना पूरी तरह कमजोर हो चुकी है और अमेरिका यह युद्ध 'शांति से या किसी भी तरीके से' जीत जाएगा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ईरान के मामले में मदद की उम्मीद कर रहे हैं, तो ट्रंप ने कहा, नहीं, मुझे नहीं लगता कि हमें ईरान के मामले में किसी मदद की जरूरत है। हम किसी भी तरह जीतेंगे। हम इसे शांति से या किसी और तरीके से जीतेंगे। उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है। उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है। उनकी युद्ध की पूरी ताकत खत्म हो चुकी है।
ये भी पढ़ें: पश्चिम एशिया संकट: 'अमेरिका के कदम शांति कायम होने में सबसे बड़ी बाधा', ईरान ने वाशिंगटन पर साधा निशाना
ईरान को लेकर एक और सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, ईरान सैन्य रूप से हार चुका है। उन्होंने कहा, या तो वे सही फैसला करेंगे या हम बाकी काम पूरा कर देंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की नाकेबंदी को '100 फीसदी प्रभावी' भी बताया।
ईरान ने अमेरिका की आलोचना की
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को अमेरिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन के कदमों पर भरोसे की कमी शांति कायम होने में सबसे बड़ी बाधा है। ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के मुताबिक, अराघची ने यह बात तेहरान में नॉर्वे के उप-विदेश मंत्री के साथ बैठक के दौरान कही।
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ट्रंप ने यह बयान ट्रुथ सोशल के जरिये दिया। उन्होंने मीडिया पर ईरान को 'झूठी उम्मीद' देने और उसकी 'मदद करने' का आरोप लगाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, जब फेक न्यूज में कहा जाता है कि ईरान सैन्य रूप से हमारे खिलाफ अच्छा कर रहा है, तो यह लगभग देशद्रोह जैसा है, क्योंकि यह पूरी तरह झूठ और बेतुकी बात है। वे दुश्मन की मदद कर रहे हैं। इससे ईरान को सिर्फ झूठी उम्मीद मिलती है। जबकि ऐसी कोई उम्मीद होनी ही नहीं चाहिए। ये अमेरिकी कायर हैं, जो अपने ही देश के खिलाफ खड़े हैं।
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उन्होंने दावा किया, ईरान की नौसेना के पास 159 जहाज थे और अब सभी समुद्र में डूब चुके हैं। उन्होंने कहा, ईरान के पास अब नौसेना नहीं है। उसकी वायुसेना खत्म हो चुकी है। उसकी तकनीक खत्म हो चुकी है। उसके नेता अब नहीं रहे और देश आर्थिक तबाही का सामना कर रहा है। सिर्फ हारने वाले, एहसान न मानने वाले और मूर्ख लोग ही अमेरिका के खिलाफ बोल सकते हैं। यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अहम मुलाकात होने जा रही है।
चीन के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने क्या कहा?
इससे पहले चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने फिर दावा किया कि ईरानी सेना पूरी तरह कमजोर हो चुकी है और अमेरिका यह युद्ध 'शांति से या किसी भी तरीके से' जीत जाएगा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ईरान के मामले में मदद की उम्मीद कर रहे हैं, तो ट्रंप ने कहा, नहीं, मुझे नहीं लगता कि हमें ईरान के मामले में किसी मदद की जरूरत है। हम किसी भी तरह जीतेंगे। हम इसे शांति से या किसी और तरीके से जीतेंगे। उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है। उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है। उनकी युद्ध की पूरी ताकत खत्म हो चुकी है।
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ईरान को लेकर एक और सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, ईरान सैन्य रूप से हार चुका है। उन्होंने कहा, या तो वे सही फैसला करेंगे या हम बाकी काम पूरा कर देंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की नाकेबंदी को '100 फीसदी प्रभावी' भी बताया।
ईरान ने अमेरिका की आलोचना की
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को अमेरिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन के कदमों पर भरोसे की कमी शांति कायम होने में सबसे बड़ी बाधा है। ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के मुताबिक, अराघची ने यह बात तेहरान में नॉर्वे के उप-विदेश मंत्री के साथ बैठक के दौरान कही।
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