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US: ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बाइडन के खिलाफ जांच के दिए आदेश, पूर्व प्रशासन के अधिकारियों से भी होगी पूछताछ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 05 Jun 2025 08:02 AM IST
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सार

ट्रंप का कहना है कि यह अमेरिकी इतिहास की सबसे खतरनाक साजिश है। अमेरिकी जनता से ये छिपाया गया कि कौन कार्यकारी शक्तियों का इस्तेमाल करता रहा और इसके जरिए चरमपंथी नीतियां लागू की गईं। 

US President donald trump order investigation against joe biden in sign pardons and other documents
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
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विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। दरअसल यह आदेश बाइडन द्वारा माफी देने और अन्य अहम दस्तावेजों पर ऑटोपेन से किए गए हस्ताक्षर के संबंध में जांच को लेकर दिया गया है। इससे बाइडन की परेशानी बढ़ना स्वभाविक है। वहीं रिपब्लिकन सांसदों ने बाइडन प्रशासन के कई अधिकारियों से भी पूछताछ की मांग की है। 
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ट्रंप ने अमेरिकी इतिहास की सबसे खतरनाक साजिश बताया
ऑप्टोपेन एक मैकेनिकल डिवाइस है, जिसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर की नकल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति दशकों से इसका इस्तेमाल करते आए हैं। ट्रंप का कहना है कि बाइडन के करीबी अधिकारियों ने बाइडन की कमजोर याददाश्त की आड़ में राष्ट्रपति के अधिकार का गलत इस्तेमाल किया। ऐसे में बाइडन सरकार में किए गए काम अवैध हैं। ट्रंप का कहना है कि यह अमेरिकी इतिहास की सबसे खतरनाक साजिश है। अमेरिकी जनता से ये छिपाया गया कि कौन कार्यकारी शक्तियों का इस्तेमाल करता रहा और इसके जरिए चरमपंथी नीतियां लागू की गईं। 
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बाइडन प्रशासन के अधिकारियों की जांच की मांग
ट्रंप ने निर्देश दिए हैं कि अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी और व्हाइट हाउस के काउंसल डेविड वारिंगटन इस जांच का नेतृत्व करेंगे। वहीं हाउस ओवरसाइट समिति के चेयरमैन रिपब्लिकन सांसद जेम्स कोमर ने मांग की है कि पूर्व सरकार में राष्ट्रपति के करीबी अधिकारियों से पूछताछ की जाए। आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षर मामले को इन अधिकारियों ने दबाने की कोशिश की। जिन अधिकारियों से पूछताछ की मांग की गई है, उनमें पूर्व राष्ट्रपति के सलाहकार रहे माइक डोनिलोन, अनिता डुन, व्हाइट हाउस स्टाफ के प्रमुख रहे रोन क्लेन, पूर्व डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ ब्रूस रीड और बाइडन के पूर्व काउंसलर रहे स्टीव रिकेटी का नाम शामिल है। इन अधिकारियों को सदन की समिति के सामने पेश होने को कहा गया है। समिति उनसे पूर्व राष्ट्रपति की मानसिक स्थिति को लेकर सवाल करेगी। 


 
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