{"_id":"69619a1dfac1d21ebf0473e5","slug":"us-president-donald-trump-say-going-to-do-something-on-greenland-whether-they-like-it-or-not-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Trump On Greenlad: 'मान जाए तो ठीक वरना ताकत से होगा कब्जा', ग्रीनलैंड को हथियाने के लिए ट्रंप की खुली धमकी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Trump On Greenlad: 'मान जाए तो ठीक वरना ताकत से होगा कब्जा', ग्रीनलैंड को हथियाने के लिए ट्रंप की खुली धमकी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 10 Jan 2026 05:45 AM IST
विज्ञापन
सार
Trump On Greenland Takeover: ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का बयान सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति में नए टकराव का संकेत है। क्या अमेरिका ग्रीनलैंड में बड़ा खेल खेलने जा रहा है? साथ ही ये भी जानेंगे कि इस दौरान ट्रंप ने ईरान को लेकर कौन सी बड़ी बात कही।
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस बार निशाने पर है आर्कटिक क्षेत्र का स्वायत्त द्वीप ग्रीनलैंड। व्हाइट हाउस में तेल और गैस उद्योग के शीर्ष अधिकारियों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर कुछ न कुछ करेगा, चाहे वहां के लोग या डेनमार्क सहमत हों या नहीं।
ट्रंप ने कहा कि वह ग्रीनलैंड को आसान तरीके से पाना चाहते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो कठिन रास्ता भी अपनाया जाएगा। उनका दावा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है, क्योंकि वहां खनिज संसाधन हैं और आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं।
अमेरिका ने नहीं किया तो ये देश करेंगे कब्जा
ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका ने कदम नहीं उठाया तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर प्रभाव जमा सकते हैं, जो अमेरिका के लिए खतरा होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में रूस या चीन को पड़ोसी नहीं बनने देगा। ट्रंप के अनुसार, जब अमेरिका किसी क्षेत्र का मालिक होता है, तो उसकी रक्षा भी पूरी ताकत से करता है।
ये भी पढ़ें- वेनेजुएला का तेल कब्जाने के लिए ट्रंप की तैयारी शुरू, व्हाइट हाउस में कंपनियों के साथ की बड़ी बैठक
डेनमार्क और यूरोप की प्रतिक्रिया
डेनमार्क और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने ट्रंप के बयानों पर हैरानी और चिंता जताई है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने चेतावनी दी कि ग्रीनलैंड पर किसी भी तरह का हमला नाटो और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी सुरक्षा व्यवस्था को खत्म कर देगा। गौरतलब है कि अमेरिका की ग्रीनलैंड में पहले से एक सैन्य बेस मौजूद है।
ट्रंप ने हालांकि डेनमार्क की तारीफ भी की और कहा कि वह देश के प्रशंसक हैं, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि “500 साल पहले वहां नाव उतार देने से जमीन की मालिकाना हक साबित नहीं होता। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले हफ्ते डेनमार्क के विदेश मंत्री और ग्रीनलैंड के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने वाले हैं।
ये भी पढ़ें- एक कॉल ने बदला माहौल... कोलंबिया के राष्ट्रपति से मिलेंगे ट्रंप, जानें रिश्तों में क्यों आई नरमी
ईरानी हुकूमत को भी दिया सख्त संदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी हालात पर कड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान बड़ी मुश्किल में है और लोग उन शहरों पर कब्जा कर रहे हैं, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अन्य वीडियो-
Trending Videos
ट्रंप ने कहा कि वह ग्रीनलैंड को आसान तरीके से पाना चाहते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो कठिन रास्ता भी अपनाया जाएगा। उनका दावा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है, क्योंकि वहां खनिज संसाधन हैं और आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमेरिका ने नहीं किया तो ये देश करेंगे कब्जा
ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका ने कदम नहीं उठाया तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर प्रभाव जमा सकते हैं, जो अमेरिका के लिए खतरा होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में रूस या चीन को पड़ोसी नहीं बनने देगा। ट्रंप के अनुसार, जब अमेरिका किसी क्षेत्र का मालिक होता है, तो उसकी रक्षा भी पूरी ताकत से करता है।
ये भी पढ़ें- वेनेजुएला का तेल कब्जाने के लिए ट्रंप की तैयारी शुरू, व्हाइट हाउस में कंपनियों के साथ की बड़ी बैठक
डेनमार्क और यूरोप की प्रतिक्रिया
डेनमार्क और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने ट्रंप के बयानों पर हैरानी और चिंता जताई है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने चेतावनी दी कि ग्रीनलैंड पर किसी भी तरह का हमला नाटो और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी सुरक्षा व्यवस्था को खत्म कर देगा। गौरतलब है कि अमेरिका की ग्रीनलैंड में पहले से एक सैन्य बेस मौजूद है।
ट्रंप ने हालांकि डेनमार्क की तारीफ भी की और कहा कि वह देश के प्रशंसक हैं, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि “500 साल पहले वहां नाव उतार देने से जमीन की मालिकाना हक साबित नहीं होता। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले हफ्ते डेनमार्क के विदेश मंत्री और ग्रीनलैंड के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने वाले हैं।
ये भी पढ़ें- एक कॉल ने बदला माहौल... कोलंबिया के राष्ट्रपति से मिलेंगे ट्रंप, जानें रिश्तों में क्यों आई नरमी
ईरानी हुकूमत को भी दिया सख्त संदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी हालात पर कड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान बड़ी मुश्किल में है और लोग उन शहरों पर कब्जा कर रहे हैं, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अन्य वीडियो-