ईरान पर अमेरिका का प्रहार: पुल, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन मलबे में तब्दील, ट्रंप की चेतावनी के बाद मची तबाही
डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद अमेरिका ने ईरान के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और मुख्य पुलों को निशाना बनाया है। इस हमले में भारी नुकसान के साथ दो लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध का खतरा और गहरा गया है।
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अमेरिकी मिसाइलों ने कहां-कहां मचाई तबाही?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि वे ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना चाहते हैं। दूसरी तरफ, ईरान का कहना है कि अमेरिका ने जानबूझकर आम जनता की सुविधाओं और रास्तों को निशाना बनाया है।
इस भीषण हमले की पांच सबसे बड़ी बातें
हवाई अड्डे पर मिसाइल गिरी: ईरान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में मौजूद ईरानशहर एयरपोर्ट पर जोरदार धमाके सुने गए। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने एयरपोर्ट को निशाना बनाकर सीधे मिसाइलें दागीं।
रेलवे स्टेशन पर बमबारी: बंदर अब्बास शहर के मुख्य रेलवे जंक्शन स्टेशन पर हमला हुआ। इस धमाके में वहां काम करने वाले दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
दो बड़े पुल टूटे: होर्मोजगान प्रांत में दो बड़े पुलों को नष्ट कर दिया गया। ये पुल बंदर खमीर के पास थे। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, यहां हमले में दो लोगों की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। पुल टूटने से बंदर अब्बास, खमीर और लार के बीच का सड़क संपर्क टूट गया है।
अंधेरे में डूबा शहर: बंदर अब्बास में एक मोबाइल और संचार टावर पर हमला किया गया। इससे पूरे इलाके की बिजली कट गई और संचार सेवा ठप हो गई। इस हमले में सात लोग घायल हुए हैं।
कई शहरों में धमाके: ईरान के केशम द्वीप, बुशहर और अहवाज शहर में भी धमाकों की गूंज सुनाई दी।
BREAKING: The US has just struck a key Iranian road bridge connecting Bandar Abbas to other cities inland, dropping it into the Shur River.
— The Hormuz Letter (@HormuzLetter) July 16, 2026
The strike has killed at least 2 people, injured 4, and caused power outages in the area. pic.twitter.com/2upBg8b1vi
आखिर क्यों भड़के डोनाल्ड ट्रंप, क्या दी थी चेतावनी?
यह हमला अचानक नहीं हुआ है। दो दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी थी। उन्होंने फॉक्स न्यूज से बातचीत में साफ कहा था कि अगर ईरान बातचीत की मेज पर नहीं आया, तो उसका बहुत बुरा हाल होगा।
ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा था, 'अगला हफ्ता ईरान के लिए बहुत बुरा होने वाला है। हम उनके बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाएंगे। अगर वे बातचीत के लिए नहीं आते, तो हम उनके सारे पावर प्लांट और पुल उड़ा देंगे।' ट्रंप की इस धमकी के ठीक बाद अमेरिका ने इन ठिकानों को तबाह करना शुरू कर दिया।
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क्या अब पूरे खाड़ी देशों में फैल जाएगी जंग की आग?
इस हमले से अब पड़ोसी देशों में भी घबराहट फैल गई है। शुक्रवार को कुवैत के आसमान में 32 'संदिग्ध ड्रोन' मंडराते हुए देखे गए, जिससे वहां हड़कंप मच गया। वहीं, इराक की राजधानी बगदाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों को अलर्ट रहने को कहा है। वहां भी ड्रोन हमले का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
ईरान ने कुवैत और बहरीन को बनाया निशाना
दूसरी ओर अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत पर मिसाइलें और ड्रोन दाग दिए हैं। इन दोनों देशों में अमेरिकी सेना के बड़े ठिकाने हैं। दरअसल, रणनीतिक रूप से बेहद खास होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बाद दोनों देशों के बीच हुआ शांति समझौता पूरी तरह टूट गया है। अब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने हमलों का दायरा बहुत बढ़ा दिया है। अमेरिकी सेना ने न सिर्फ दक्षिणी ईरान, बल्कि पहली बार राजधानी तेहरान और मिसाइल हब माने जाने वाले सेमनान प्रांत को भी निशाना बनाया है। इस भीषण सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाहाकार मच गया है।