Venezuela Crisis: वेनेजुएला में कार्रवाई पर ट्रंप समर्थकों की राय बंटी, कोई खुश तो कोई भविष्य को लेकर आशंकित
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने कहा कि उनके समर्थक खुश हैं, लेकिन अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में एमएजीए वोटरों की राय पूरी तरह एक जैसी नहीं है। जानिए किसने समर्थन किया और कौन चिंतित दिखा...
विस्तार
वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक साहसिक अमेरिकी सैन्य अभियान में गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क की जेल भेजे जाने के कुछ ही दिन बीते हैं। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि उनके समर्थक इस कार्रवाई से बेहद खुश हैं। लेकिन अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों में एमएजीए ( मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) ) वोटरों से बात करने पर तस्वीर इतनी सीधी नहीं दिखती।
डेट्रॉइट इलाके के ट्रंप समर्थक एरन टोबिन इसे किसी हॉलीवुड फिल्म की शुरुआत मानते हैं। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों तक इस ऑपरेशन पर फिल्में बनेंगी। “मैं रोमांचित हूं,” उन्होंने कहा। ऐसे कई ट्रंप वोटर हैं जो फिलहाल इस कार्रवाई की तारीफ कर रहे हैं। हालांकि, यह ऑपरेशन ऐसे समय में हुआ है जब ट्रंप का समर्थन आधार पहले से ही जेफ्री एपस्टीन फाइल्स, बढ़ते हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर दबाव में है। ट्रंप ने चुनाव के दौरान “अमेरिका फर्स्ट” का नारा देते हुए विदेशी हस्तक्षेप से दूरी बनाने का वादा किया था, लेकिन वेनेजुएला में बिना कांग्रेस की मंजूरी सैन्य कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
शुरुआती समर्थन, लेकिन बिना शर्त नहीं
पेंसिल्वेनिया के बेंसलेम में ट्रंप मर्चेंडाइज स्टोर के बाहर मिले 67 वर्षीय पॉल बॉनर कहते हैं अभी तक मैं उनके साथ हूं। जब तक वह कोई बड़ी गलती नहीं करते। यह बयान बताता है कि समर्थन फिलहाल सशर्त है। ट्रंप के कुछ कट्टर समर्थक भी आशंकित हैं कि कहीं यह कदम अमेरिका को एक लंबे संघर्ष में न झोंक दे। खासकर तब, जब ट्रंप खुद नए युद्ध शुरू न करने का वादा कर चुके थे।
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मिसिसिपी से कोलोराडो तक बंटी राय
मिसिसिपी के चेस लुईस मानते हैं कि मादुरो की तानाशाही से वेनेजुएला को राहत मिली है, लेकिन वह पूछते हैं इसकी कीमत हमें क्या चुकानी पड़ेगी? उन्हें डर है कि कहीं अमेरिकी सैनिकों को युद्ध में न झोंक दिया जाए। वहीं, कोलोराडो के ट्रैविस गार्सिया इस कार्रवाई को सही ठहराते हैं। उनका कहना है कि अगर अमेरिका ऐसे तानाशाहों पर कार्रवाई नहीं करेगा तो फिर कौन करेगा। उनके अनुसार, इससे ट्रंप की छवि एक सख्त और फैसले लेने वाले नेता की बनती है। हालांकि, इसी राज्य में कुछ समर्थक यह भी मानते हैं कि अगर अमेरिका लंबे समय तक वेनेजुएला में उलझा रहा, तो समर्थन कमजोर पड़ सकता है।
पेंसिल्वेनिया और मिडवेस्ट से भरोसा
पेंसिल्वेनिया के रॉन सोटो को भरोसा है कि ट्रंप आगे की स्थिति संभाल लेंगे। उनका मानना है कि मादुरो एक बुरा शासक था और ट्रंप ने बाकी देशों में डर पैदा कर दिया है। इंडियाना के मार्क एडवर्ड मिलर कहते हैं कि उन्हें इस ऑपरेशन से हैरानी नहीं हुई। उनके मुताबिक, अमेरिका को अपने क्षेत्र में मित्र देशों का समर्थन करना चाहिए और शत्रुतापूर्ण सरकारों को चुनौती देनी चाहिए।
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