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West Asia Conflict: ईरानी ड्रोन हमले में कुवैत के हवाई अड्डे को भारी नुकसान, उड़ानें निलंबित; कई घायल
Wed, 03 Jun 2026 12:28 PM IST
Devesh Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कुवैत सिटी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कुवैत सिटी
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 03 Jun 2026 12:28 PM IST
सार
पश्चिम एशिया संघर्ष एक बार फिर से गहराने के आसार नजर आने लगे हैं। ईरान की ओर से मंगलवार की देर रात से कई घंटों तक कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। वहीं, अमेरिका ने भी जवाबी हमले में केश्म द्वीप पर आईआरजीसी के एक सैन्य केंद्र को निशाना बनाया है। वहीं, ईरान के हमलों में कुवैत के हवाई अड्डे को भी नुकसान पहुंचा है।
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कुवैत के हवाई अड्डे पर ईरानी हमला (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ईरान ने बुधवार को कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई मिसाइलें और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में कुवैत के हवाई अड्डे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कुवैत ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि देश के हवाई अड्डे पर एक ईरानी ड्रोन हमले के बाद वाणिज्यिक उड़ानों को निलंबित कर दिया है। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं।
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ईरान पर अंतरराष्ट्रीय नियम तोड़ने का आरोप
मामले में कुवैत विदेश मंत्रालय ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए लगातार हमले किए जा रहे हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। मंत्रालय के अनुसार तड़के हुए इस हमले में एयरपोर्ट समेत कई महत्वपूर्ण नागरिक ठिकानों और राजनयिक परिसरों को नुकसान पहुंचा। कुवैत ने इन हमलों को आक्रामक और अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है।
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कुवैत सरकार ने कहा कि देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा रेड लाइन है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने संकेत दिया कि वह जवाबी कदमों पर विचार कर रही है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि हमले के बाद आपातकालीन सेवाओं और मेडिकल टीमों को तुरंत सक्रिय किया गया। घायलों का इलाज जारी है। इस हमले में इमारत को गंभीर नुकसान पहुंचा और कई व्यक्तियों को चोटें आई हैं।
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ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बरसाई मिसाइलें
यह ड्रोन हमला ईरान और अमेरिका के बीच मंगलवार देर रात हुए मिसाइल हमलों के बाद हुआ। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन पर दागी गई मिसाइलों के जवाब में केश्म द्वीप पर एक ईरानी सैन्य सुविधा पर हमले किए थे।
हालांकि, अमेरिका ने दावा किया कि उसकी सेना ने क्षेत्र के पड़ोसी देशों को निशाना बनाने वाले ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों की एक श्रृंखला को नाकाम कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि तेहरान ने क्षेत्र में हवाई हमलों की एक लहर शुरू की थी। सैन्य कमांड ने बताया कि ईरान ने क्षेत्रीय पड़ोसियों की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, सभी अपने लक्ष्यों को भेदने में नाकाम रहीं।
आईआरजीसी ने दी चेतावनी
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इन हमलों के बाद अमेरिका को चेतावनी जारी की है। आईआरजीसी ने कहा कि तेहरान के जवाबी हमले अमेरिका के लिए सबक साबित होने चाहिए। आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने पश्चिम एशियाई देशों में रात भर हुए हमलों पर ये बात कही। बयान में कहा गया है, "कल देर रात, अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर मिसाइल से हमला किया, जिससे टैंकर के इंजन कक्ष को नुकसान पहुंचा।"
आईआरजीसी ने कहा कि इस आक्रामकता और होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित करने वाले नियमों के उल्लंघन के जवाब में अमेरिकी-यहूदी दुश्मन से जुड़े पनाया नामक एक जहाज को आईआरजीसी नौसेना द्वारा दागी गई मिसाइलों से निशाना बनाया गया। बयान में बताया गया कि अमेरिकी सेना ने इसके बाद केश्म द्वीप पर स्थित आईआरजीसी के एक संचार टावर को निशाना बनाया।
अमेरिकी सेना को चुकाने पड़ेगी भारी कीमत : ईरान
बयान में आगे कहा गया है, "इसके जवाब में आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स ने क्षेत्र के एक देश में स्थित उनके हवाई अड्डे और हेलीकॉप्टर अड्डे के साथ-साथ अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।" आईआरजीसी ने कहा कि हमने पहले ही चेतावनी दी थी कि किसी भी प्रकार की आक्रामकता का जवाब अलग और अधिक गंभीर तरीके से दिया जाएगा।
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आईआरजीसी ने कहा कि हमने उसी के अनुसार कार्रवाई की है। ये प्रतिक्रियाएं सबक के रूप में काम करेंगी। हम दोहराते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को भंग करने की कोशिश करने वाली अमेरिकी सेना को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।