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World: भारत-कनाडा के बीच यूरेनियम समझौते से पाकिस्तान बौखलाया; रूस-यूक्रेन के बीच युद्धबंदियों की अदला-बदली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Fri, 06 Mar 2026 06:55 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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भारत और कनाडा के बीच ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग और यूरेनियम आपूर्ति के दीर्घकालिक समझौते से पाकिस्तान असहज हो गया है। हाल में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा (27 फरवरी-2 मार्च) के दौरान दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को लेकर अहम करार किए थे, जिसे पाकिस्तान ने दक्षिण एशिया के रणनीतिक संतुलन के लिए खतरा बताया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि भारत व कनाडा के बीच यूरेनियम आपूर्ति और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर हुआ यह समझौता चिंता का विषय है। इससे भारत को घरेलू परमाणु भंडार का उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए करने की छूट मिल जाएगी। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि यह समझौता अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार नियमों के खिलाफ है। इससे भारत के परमाणु हथियारों के भंडार में विस्तार होगा। वहीं, कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि भारत का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों व ऊर्जा सुरक्षा के लिए है। भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया है, यही कारण है कि कनाडा जैसे देश भारत के साथ नागरिक परमाणु सहयोग बढ़ा रहे हैं। पाकिस्तान ने इस वैश्विक साझेदारी को भेदभावपूर्ण करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समान मानदंडों की मांग की है।
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पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि भारत व कनाडा के बीच यूरेनियम आपूर्ति और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर हुआ यह समझौता चिंता का विषय है। इससे भारत को घरेलू परमाणु भंडार का उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए करने की छूट मिल जाएगी। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि यह समझौता अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार नियमों के खिलाफ है। इससे भारत के परमाणु हथियारों के भंडार में विस्तार होगा। वहीं, कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि भारत का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों व ऊर्जा सुरक्षा के लिए है। भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया है, यही कारण है कि कनाडा जैसे देश भारत के साथ नागरिक परमाणु सहयोग बढ़ा रहे हैं। पाकिस्तान ने इस वैश्विक साझेदारी को भेदभावपूर्ण करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समान मानदंडों की मांग की है।
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अमेरिकी राज्य मोंटाना में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण
अमेरिका के मोंटाना राज्य में पहली बार महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया गया है। भारत सरकार द्वारा भेंट की गई यह प्रतिमा मिसौला स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ मोंटाना के प्रतिष्ठित माइक मैन्सफील्ड सेंटर में स्थापित की गई है। मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्टे और सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूत प्रकाश गुप्ता ने संयुक्त रूप से इसका अनावरण किया।
संयुक्त राष्ट्र में गूंजा पाकिस्तान की शगुफ्ता का मामला
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 61वें सत्र के दौरान पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में कैद ईसाई महिला शगुफ्ता किरण का मुद्दा उठाया गया। जुबली कैंपेन की प्रतिनिधि हुल्डा फहमी ने ईशनिंदा और धर्मत्याग विरोधी कानूनों को रद्द करने की मांग की। शगुफ्ता जुलाई 2021 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उन पर व्हाट्सएप के जरिये आपत्तिजनक सामग्री भेजने का आरोप है।
रूस में रोमानियाई नागरिक को जासूसी के लिए 15 साल की जेल
रूस की एक अदालत ने यूक्रेन के लिए जासूसी करने के दोषी पाए गए एक रोमानियाई नागरिक को 15 साल जेल की सजा सुनाई है। क्रास्नोडार क्षेत्र की अदालत ने बृहस्पतिवार को यह फैसला सुनाया। दोषी व्यक्ति की पहचान एड्रियन-डेविड चेरसियो के रूप में हुई है। अदालत के अनुसार, चेरसियो ने सोची शहर की हवाई रक्षा प्रणालियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई और उसे यूक्रेन को सौंप दिया। बताया गया है कि उसने नवंबर 2024 में यूक्रेन के लिए काम करने की सहमति दी थी। हालांकि, उसकी गिरफ्तारी कब हुई, इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है।
अमेरिका के मोंटाना राज्य में पहली बार महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया गया है। भारत सरकार द्वारा भेंट की गई यह प्रतिमा मिसौला स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ मोंटाना के प्रतिष्ठित माइक मैन्सफील्ड सेंटर में स्थापित की गई है। मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्टे और सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूत प्रकाश गुप्ता ने संयुक्त रूप से इसका अनावरण किया।
संयुक्त राष्ट्र में गूंजा पाकिस्तान की शगुफ्ता का मामला
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 61वें सत्र के दौरान पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में कैद ईसाई महिला शगुफ्ता किरण का मुद्दा उठाया गया। जुबली कैंपेन की प्रतिनिधि हुल्डा फहमी ने ईशनिंदा और धर्मत्याग विरोधी कानूनों को रद्द करने की मांग की। शगुफ्ता जुलाई 2021 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उन पर व्हाट्सएप के जरिये आपत्तिजनक सामग्री भेजने का आरोप है।
रूस में रोमानियाई नागरिक को जासूसी के लिए 15 साल की जेल
रूस की एक अदालत ने यूक्रेन के लिए जासूसी करने के दोषी पाए गए एक रोमानियाई नागरिक को 15 साल जेल की सजा सुनाई है। क्रास्नोडार क्षेत्र की अदालत ने बृहस्पतिवार को यह फैसला सुनाया। दोषी व्यक्ति की पहचान एड्रियन-डेविड चेरसियो के रूप में हुई है। अदालत के अनुसार, चेरसियो ने सोची शहर की हवाई रक्षा प्रणालियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई और उसे यूक्रेन को सौंप दिया। बताया गया है कि उसने नवंबर 2024 में यूक्रेन के लिए काम करने की सहमति दी थी। हालांकि, उसकी गिरफ्तारी कब हुई, इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है।
चीन ने 35 साल में सबसे कम आर्थिक विकास लक्ष्य तय किया
चीन ने 1991 के बाद अपना सबसे कम आर्थिक विकास लक्ष्य तय किया है। बृहस्पतिवार से शुरू हुए वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर चीन ने नया लक्ष्य सामने रखा। प्रधानमंत्री ली कियांग ने 2026 के लिए 4.5% से 5% का आर्थिक विकास लक्ष्य घोषित किया। कई अर्थशास्त्रियों ने इसे घरेलू अर्थव्यवस्था की कमजोरी करार देते हुए चीन की इकोनॉमी को ढलता सूरज बताया है। इस सम्मेलन के दौरान चीन ने अगली पंचवर्षीय योजना का पूरा मसौदा सामने रखा। इसमें सरकार की आर्थिक व राजनीतिक नीतिगत प्राथमिकताओं की जानकारी दी गई है।
चीन ने 1991 के बाद अपना सबसे कम आर्थिक विकास लक्ष्य तय किया है। बृहस्पतिवार से शुरू हुए वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर चीन ने नया लक्ष्य सामने रखा। प्रधानमंत्री ली कियांग ने 2026 के लिए 4.5% से 5% का आर्थिक विकास लक्ष्य घोषित किया। कई अर्थशास्त्रियों ने इसे घरेलू अर्थव्यवस्था की कमजोरी करार देते हुए चीन की इकोनॉमी को ढलता सूरज बताया है। इस सम्मेलन के दौरान चीन ने अगली पंचवर्षीय योजना का पूरा मसौदा सामने रखा। इसमें सरकार की आर्थिक व राजनीतिक नीतिगत प्राथमिकताओं की जानकारी दी गई है।
आईएस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय कार्रवाई करे- भारत
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवादी संगठनों इस्लामिक स्टेट (आईएस), अल-कायदा व उनके सहयोगियों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने कहा, आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद-विरोधी कार्यालय की तरफ से सदस्य देशों के वार्षिक राजदूत स्तरीय संबोधन में पुरी ने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया। हमले को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने अंजाम दिया था। इस आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवादी संगठनों इस्लामिक स्टेट (आईएस), अल-कायदा व उनके सहयोगियों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने कहा, आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद-विरोधी कार्यालय की तरफ से सदस्य देशों के वार्षिक राजदूत स्तरीय संबोधन में पुरी ने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया। हमले को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने अंजाम दिया था। इस आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी।
रूस और यूक्रेन के बीच 200-200 युद्धबंदियों की अदला-बदली
रूस और यूक्रेन के बीच युद्धबंदियों की रिहाई को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि दोनों देशों ने 200-200 युद्धबंदियों की अदला-बदली की है। समझौते के तहत अगले दिन यानी शुक्रवार को भी दोनों पक्ष 300-300 अतिरिक्त कैदियों को रिहा करेंगे। पिछले चार वर्षों से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी शांति समझौते पर प्रगति नहीं हुई है।
रूस और यूक्रेन के बीच युद्धबंदियों की रिहाई को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि दोनों देशों ने 200-200 युद्धबंदियों की अदला-बदली की है। समझौते के तहत अगले दिन यानी शुक्रवार को भी दोनों पक्ष 300-300 अतिरिक्त कैदियों को रिहा करेंगे। पिछले चार वर्षों से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी शांति समझौते पर प्रगति नहीं हुई है।
अफगान सीमा पर पाकिस्तान के हमले जारी, 41 ठिकाने तबाह
पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान सीमा के पास उग्रवादियों के ठिकानों पर जमीनी और हवाई हमले किए हैं। सेना ने बुधवार और बृहस्पतिवार की दरम्यानी रात चमन, झोब, किला सैफुल्लाह और नोशकी सेक्टरों में अफगान तालिबान और टीटीपी के 41 ठिकानों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई ऑपरेशन गजब-उल-हक का हिस्सा है, जो पिछले हफ्ते अफगान तालिबान द्वारा सीमा पर किए गए हमलों के जवाब में शुरू किया गया था।
पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान सीमा के पास उग्रवादियों के ठिकानों पर जमीनी और हवाई हमले किए हैं। सेना ने बुधवार और बृहस्पतिवार की दरम्यानी रात चमन, झोब, किला सैफुल्लाह और नोशकी सेक्टरों में अफगान तालिबान और टीटीपी के 41 ठिकानों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई ऑपरेशन गजब-उल-हक का हिस्सा है, जो पिछले हफ्ते अफगान तालिबान द्वारा सीमा पर किए गए हमलों के जवाब में शुरू किया गया था।
लैटिन अमेरिकी देशों से ड्रग कार्टेल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने लैटिन अमेरिकी देशों से ड्रग कार्टेल के खिलाफ ज्यादा आक्रामक कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र के देश इन आपराधिक संगठनों को रोकने में प्रभावी कदम नहीं उठाते हैं, तो अमेरिका को अकेले ही कार्रवाई करनी पड़ सकती है। मियामी में अमेरिकी दक्षिणी कमान के मुख्यालय में आयोजित अमेरिका काउंटर कार्टेल कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका और लैटिन अमेरिका की साझा सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत खतरे में है। उन्होंने कहा कि अब केवल सामान्य पुलिस कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि संगठित अपराध और आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे। इस सम्मेलन में अर्जेंटीना, होंडुरास और डोमिनिकन गणराज्य सहित कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अमेरिका पहले ही मेक्सिको और वेनेजुएला के कुछ ड्रग कार्टेल को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है। ट्रंप प्रशासन ने इनके खिलाफ समुद्र में कई सैन्य कार्रवाई भी की हैं। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सेना को इस लड़ाई में आगे करने से जोखिम भी हो सकता है, क्योंकि कई देशों में सैन्य संस्थानों की निगरानी कमजोर है और मानवाधिकार उल्लंघन का इतिहास भी रहा है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने लैटिन अमेरिकी देशों से ड्रग कार्टेल के खिलाफ ज्यादा आक्रामक कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र के देश इन आपराधिक संगठनों को रोकने में प्रभावी कदम नहीं उठाते हैं, तो अमेरिका को अकेले ही कार्रवाई करनी पड़ सकती है। मियामी में अमेरिकी दक्षिणी कमान के मुख्यालय में आयोजित अमेरिका काउंटर कार्टेल कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका और लैटिन अमेरिका की साझा सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत खतरे में है। उन्होंने कहा कि अब केवल सामान्य पुलिस कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि संगठित अपराध और आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे। इस सम्मेलन में अर्जेंटीना, होंडुरास और डोमिनिकन गणराज्य सहित कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अमेरिका पहले ही मेक्सिको और वेनेजुएला के कुछ ड्रग कार्टेल को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है। ट्रंप प्रशासन ने इनके खिलाफ समुद्र में कई सैन्य कार्रवाई भी की हैं। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सेना को इस लड़ाई में आगे करने से जोखिम भी हो सकता है, क्योंकि कई देशों में सैन्य संस्थानों की निगरानी कमजोर है और मानवाधिकार उल्लंघन का इतिहास भी रहा है।
क्यूबा में बिजली संकट बरकरार
क्यूबा के पश्चिमी हिस्से में बड़ा बिजली संकट जारी है और लाखों लोग अब भी बिना बिजली के रह रहे हैं। यह संकट एक बड़े थर्मोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट में खराबी के कारण हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली पूरी तरह बहाल होने में तीन से चार दिन लग सकते हैं। सरकारी मीडिया के अनुसार राजधानी हवाना में लगभग 34 प्रतिशत उपभोक्ताओं को ही बिजली मिल पा रही है। हालांकि अस्पतालों और पानी की आपूर्ति जैसी जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। कई लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 65 वर्षीय मिगुएल लेयवा ने कहा कि गर्मी, मच्छरों और बिजली न होने के कारण हालात बहुत कठिन हो गए हैं और घर में रखा खाना भी खराब होने का खतरा है। क्यूबा लंबे समय से पुराने बिजली ढांचे और ईंधन की कमी की समस्या से जूझ रहा है। हाल ही में वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति भी रुक गई, जिससे संकट और गहरा गया। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण नए उपकरण और जरूरी पुर्जे खरीदना भी मुश्किल हो गया है। पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बड़ी बिजली कटौती है, जिससे देश की ऊर्जा व्यवस्था की कमजोरी फिर सामने आई है।
क्यूबा के पश्चिमी हिस्से में बड़ा बिजली संकट जारी है और लाखों लोग अब भी बिना बिजली के रह रहे हैं। यह संकट एक बड़े थर्मोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट में खराबी के कारण हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली पूरी तरह बहाल होने में तीन से चार दिन लग सकते हैं। सरकारी मीडिया के अनुसार राजधानी हवाना में लगभग 34 प्रतिशत उपभोक्ताओं को ही बिजली मिल पा रही है। हालांकि अस्पतालों और पानी की आपूर्ति जैसी जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। कई लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 65 वर्षीय मिगुएल लेयवा ने कहा कि गर्मी, मच्छरों और बिजली न होने के कारण हालात बहुत कठिन हो गए हैं और घर में रखा खाना भी खराब होने का खतरा है। क्यूबा लंबे समय से पुराने बिजली ढांचे और ईंधन की कमी की समस्या से जूझ रहा है। हाल ही में वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति भी रुक गई, जिससे संकट और गहरा गया। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण नए उपकरण और जरूरी पुर्जे खरीदना भी मुश्किल हो गया है। पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बड़ी बिजली कटौती है, जिससे देश की ऊर्जा व्यवस्था की कमजोरी फिर सामने आई है।
एलन मस्क पर ट्विटर शेयरधारकों को गुमराह करने का आरोप
अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के खिलाफ चल रहे एक मुकदमे में उन्होंने अदालत में अपने बयान का बचाव किया है। यह मामला 2022 में ट्विटर को खरीदने से पहले किए गए उनके ट्वीट्स से जुड़ा है। ट्विटर के कुछ शेयरधारकों ने आरोप लगाया है कि मस्क ने जानबूझकर ऐसे बयान दिए जिनसे कंपनी के शेयर की कीमत गिर गई और निवेशकों को करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ। मस्क ने 44 अरब डॉलर में ट्विटर को खरीदने का समझौता किया था, जिसे बाद में उन्होंने एक्स नाम दे दिया। मुकदमे में आरोप है कि मस्क ने ट्विटर पर फर्जी और स्पैम अकाउंट की संख्या को लेकर विवाद खड़ा किया ताकि कंपनी की कीमत कम करवाई जा सके या सौदा रद्द किया जा सके। अदालत में मस्क ने दोबारा कहा कि ट्विटर पर फर्जी खातों की संख्या कंपनी के दावे से कहीं ज्यादा थी। उनके अनुसार यह आंकड़ा कम से कम 20 प्रतिशत हो सकता था, जबकि ट्विटर ने इसे लगभग 5 प्रतिशत बताया था। उन्होंने कहा कि यह बात कहना उतना ही सामान्य था जैसे कहना कि घास हरी होती है या आसमान नीला होता है। अदालत अब यह तय करेगी कि मस्क ने निवेशकों को गुमराह किया या नहीं।
अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के खिलाफ चल रहे एक मुकदमे में उन्होंने अदालत में अपने बयान का बचाव किया है। यह मामला 2022 में ट्विटर को खरीदने से पहले किए गए उनके ट्वीट्स से जुड़ा है। ट्विटर के कुछ शेयरधारकों ने आरोप लगाया है कि मस्क ने जानबूझकर ऐसे बयान दिए जिनसे कंपनी के शेयर की कीमत गिर गई और निवेशकों को करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ। मस्क ने 44 अरब डॉलर में ट्विटर को खरीदने का समझौता किया था, जिसे बाद में उन्होंने एक्स नाम दे दिया। मुकदमे में आरोप है कि मस्क ने ट्विटर पर फर्जी और स्पैम अकाउंट की संख्या को लेकर विवाद खड़ा किया ताकि कंपनी की कीमत कम करवाई जा सके या सौदा रद्द किया जा सके। अदालत में मस्क ने दोबारा कहा कि ट्विटर पर फर्जी खातों की संख्या कंपनी के दावे से कहीं ज्यादा थी। उनके अनुसार यह आंकड़ा कम से कम 20 प्रतिशत हो सकता था, जबकि ट्विटर ने इसे लगभग 5 प्रतिशत बताया था। उन्होंने कहा कि यह बात कहना उतना ही सामान्य था जैसे कहना कि घास हरी होती है या आसमान नीला होता है। अदालत अब यह तय करेगी कि मस्क ने निवेशकों को गुमराह किया या नहीं।
एफबीआई के संवेदनशील सिस्टम में संदिग्ध साइबर गतिविधि की जांच
अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने बताया है कि उसके एक आंतरिक कंप्यूटर सिस्टम में संदिग्ध साइबर गतिविधि का पता चला है। यह सिस्टम जांच और निगरानी से जुड़ी संवेदनशील जानकारी रखता है। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गतिविधि कितनी बड़ी है और इसका कितना असर पड़ा है। एफबीआई के अनुसार 17 फरवरी को नेटवर्क के एक सिस्टम में असामान्य लॉग डेटा मिलने के बाद जांच शुरू की गई। इस सिस्टम में कानून प्रवर्तन से जुड़ी जानकारी, निगरानी के रिकॉर्ड और जांच से जुड़े लोगों की व्यक्तिगत जानकारी मौजूद थी। इसमें “पेन रजिस्टर” जैसे उपकरणों से जुटाई गई जानकारी भी शामिल है, जो किसी फोन नंबर से किए गए कॉल का रिकॉर्ड रखने में इस्तेमाल होता है। एफबीआई का कहना है कि हमलावरों ने नेटवर्क सुरक्षा को पार करने के लिए काफी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया है और एक इंटरनेट सेवा प्रदाता के ढांचे का फायदा उठाया गया। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस साइबर गतिविधि के पीछे कौन है, लेकिन अमेरिकी एजेंसियों को लंबे समय से विदेशी हैकरों से खतरा बना हुआ है, जो संवेदनशील सरकारी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते रहते हैं।
अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने बताया है कि उसके एक आंतरिक कंप्यूटर सिस्टम में संदिग्ध साइबर गतिविधि का पता चला है। यह सिस्टम जांच और निगरानी से जुड़ी संवेदनशील जानकारी रखता है। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गतिविधि कितनी बड़ी है और इसका कितना असर पड़ा है। एफबीआई के अनुसार 17 फरवरी को नेटवर्क के एक सिस्टम में असामान्य लॉग डेटा मिलने के बाद जांच शुरू की गई। इस सिस्टम में कानून प्रवर्तन से जुड़ी जानकारी, निगरानी के रिकॉर्ड और जांच से जुड़े लोगों की व्यक्तिगत जानकारी मौजूद थी। इसमें “पेन रजिस्टर” जैसे उपकरणों से जुटाई गई जानकारी भी शामिल है, जो किसी फोन नंबर से किए गए कॉल का रिकॉर्ड रखने में इस्तेमाल होता है। एफबीआई का कहना है कि हमलावरों ने नेटवर्क सुरक्षा को पार करने के लिए काफी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया है और एक इंटरनेट सेवा प्रदाता के ढांचे का फायदा उठाया गया। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस साइबर गतिविधि के पीछे कौन है, लेकिन अमेरिकी एजेंसियों को लंबे समय से विदेशी हैकरों से खतरा बना हुआ है, जो संवेदनशील सरकारी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते रहते हैं।
कैपिटल दंगे में माफी पाने वाला व्यक्ति बच्चों के शोषण मामले में उम्रकैद
अमेरिका में कैपिटल हिल दंगे के एक आरोपी को पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से माफी मिल चुकी थी, लेकिन अब उसे बच्चों के यौन शोषण के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। फ्लोरिडा के 45 वर्षीय एंड्रयू पॉल जॉनसन को दो बच्चों के साथ अश्लील हरकतें करने और एक नाबालिग को हानिकारक सामग्री भेजने का दोषी पाया गया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा दी है। जॉनसन उन कई लोगों में शामिल था जिन्हें 6 जनवरी 2021 के कैपिटल दंगे में शामिल होने के मामले में ट्रंप ने माफी दी थी। बताया गया कि जॉनसन ने अपने एक पीड़ित बच्चे से कहा था कि उसे दंगे के मामले में माफी मिलने के कारण सरकार से पैसा मिल सकता है और वह उस पैसे का हिस्सा बच्चे को अपनी वसीयत में देगा। जांचकर्ताओं का मानना है कि उसने ऐसा बच्चे को चुप रखने के लिए कहा था। पुलिस को उसके फोन और मैसेजिंग ऐप पर बच्चों के साथ आपत्तिजनक संदेश भी मिले। इससे पहले 2024 में कैपिटल दंगे के मामले में उसे एक साल की सजा हुई थी। यह मामला दिखाता है कि दंगे के कुछ आरोपी बाद में दूसरे गंभीर अपराधों में भी फंस गए हैं।
अमेरिका में कैपिटल हिल दंगे के एक आरोपी को पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से माफी मिल चुकी थी, लेकिन अब उसे बच्चों के यौन शोषण के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। फ्लोरिडा के 45 वर्षीय एंड्रयू पॉल जॉनसन को दो बच्चों के साथ अश्लील हरकतें करने और एक नाबालिग को हानिकारक सामग्री भेजने का दोषी पाया गया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा दी है। जॉनसन उन कई लोगों में शामिल था जिन्हें 6 जनवरी 2021 के कैपिटल दंगे में शामिल होने के मामले में ट्रंप ने माफी दी थी। बताया गया कि जॉनसन ने अपने एक पीड़ित बच्चे से कहा था कि उसे दंगे के मामले में माफी मिलने के कारण सरकार से पैसा मिल सकता है और वह उस पैसे का हिस्सा बच्चे को अपनी वसीयत में देगा। जांचकर्ताओं का मानना है कि उसने ऐसा बच्चे को चुप रखने के लिए कहा था। पुलिस को उसके फोन और मैसेजिंग ऐप पर बच्चों के साथ आपत्तिजनक संदेश भी मिले। इससे पहले 2024 में कैपिटल दंगे के मामले में उसे एक साल की सजा हुई थी। यह मामला दिखाता है कि दंगे के कुछ आरोपी बाद में दूसरे गंभीर अपराधों में भी फंस गए हैं।
अमेरिका-मेक्सिको मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा के लिए 16 मार्च से वार्ता
अमेरिका और मेक्सिको ने घोषणा की है कि दोनों देश 16 मार्च से मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा से पहले बातचीत शुरू करेंगे। यह समझौता यूएस-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (USMCA) के नाम से जाना जाता है, जिसने पिछले कई दशकों से तीनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को आपस में जोड़े रखा है। मेक्सिको के अर्थव्यवस्था मंत्री मार्सेलो एब्रार्ड ने बताया कि शुरुआती दौर की बातचीत में उत्पादन बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा और नियमों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इस समझौते की औपचारिक समीक्षा इस साल होने वाली है। हालांकि पिछले एक साल में अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के संबंधों में कुछ तनाव भी देखा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी व्यापार नीतियों और कई टैरिफ के कारण बाजारों में चिंता बढ़ी है। कुछ उत्पाद अभी भी ऊंचे टैरिफ के दायरे में हैं, जैसे मध्यम और भारी ट्रकों पर 25 प्रतिशत टैरिफ तथा स्टील, एल्युमीनियम और तांबे पर 50 प्रतिशत तक शुल्क। मेक्सिको और कनाडा भी आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं, ताकि समझौते की समीक्षा के दौरान अपने हितों की बेहतर तरीके से रक्षा कर सकें।
अमेरिका और मेक्सिको ने घोषणा की है कि दोनों देश 16 मार्च से मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा से पहले बातचीत शुरू करेंगे। यह समझौता यूएस-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (USMCA) के नाम से जाना जाता है, जिसने पिछले कई दशकों से तीनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को आपस में जोड़े रखा है। मेक्सिको के अर्थव्यवस्था मंत्री मार्सेलो एब्रार्ड ने बताया कि शुरुआती दौर की बातचीत में उत्पादन बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा और नियमों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इस समझौते की औपचारिक समीक्षा इस साल होने वाली है। हालांकि पिछले एक साल में अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के संबंधों में कुछ तनाव भी देखा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी व्यापार नीतियों और कई टैरिफ के कारण बाजारों में चिंता बढ़ी है। कुछ उत्पाद अभी भी ऊंचे टैरिफ के दायरे में हैं, जैसे मध्यम और भारी ट्रकों पर 25 प्रतिशत टैरिफ तथा स्टील, एल्युमीनियम और तांबे पर 50 प्रतिशत तक शुल्क। मेक्सिको और कनाडा भी आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं, ताकि समझौते की समीक्षा के दौरान अपने हितों की बेहतर तरीके से रक्षा कर सकें।
