Bengaluru Traffic: बंगलूरू में पार्किंग तोड़ने वालों पर शिकंजा, फरवरी से नई व्यवस्था
बंगलूरू में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए, GBA और ट्रैफिक पुलिस टोइंग सिस्टम को फिर से शुरू कर रहे हैं।
विस्तार
बंगलूरू में बढ़ते ट्रैफिक संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने पार्किंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अवैध पार्किंग और सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर बंगलूरू अथॉरिटी (GBA) और बंगलूरू ट्रैफिक पुलिस ने शहर में टोइंग सिस्टम को दोबारा लागू करने और ‘पे एंड पार्क’ व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है।
बेकाबू ट्रैफिक ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
तेजी से बढ़ते वाहनों की संख्या ने बंगलूरू की ट्रैफिक व्यवस्था को भारी दबाव में डाल दिया है। प्रमुख सड़कों, चौराहों और व्यावसायिक इलाकों में अवैध पार्किंग आम होती जा रही है। कई बार नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहन या अचानक खराब हुई गाड़ियां यातायात को पूरी तरह रोक देती हैं। इससे आम लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है और ट्रैफिक पुलिस के लिए भी हालात संभालना मुश्किल हो जाता है।
वैश्विक स्तर पर बदनाम होता ट्रैफिक
बंगलूरू की ट्रैफिक समस्या अब सिर्फ स्थानीय या राष्ट्रीय मुद्दा नहीं रही। नीदरलैंड्स स्थित टॉमटॉम की 2025 ट्रैफिक इंडेक्स रिपोर्ट के मुताबिक, बंगलूरू दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा जाम वाला शहर बन गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि 2025 में शहर में औसत ट्रैफिक कंजेशन 74.4 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो 2024 की तुलना में 1.7 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा प्रशासन के लिए चेतावनी की तरह देखा जा रहा है।
फिर लौटेगा टोइंग सिस्टम
इसी पृष्ठभूमि में GBA ने ट्रैफिक पुलिस को जरूरी टोइंग वाहन उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। मकसद साफ है, नो-पार्किंग जोन में खड़े या ट्रैफिक रोकने वाले वाहनों को तुरंत हटाकर यातायात को सुचारु बनाना। शुरुआती चरण में शहर के पांचों नगर निगम जोनों के लिए हर जोन में दो टोइंग वाहन खरीदे जाएंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में GBA के मुख्य आयुक्त महेश्वर राव ने अधिकारियों को जल्द से जल्द टोइंग वाहनों की खरीद के निर्देश दिए हैं। साथ ही, नगर निगम अधिकारियों को ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय कर हर जोन में टोइंग वाहनों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने को कहा गया है, ताकि कार्रवाई तेजी और प्रभावी ढंग से हो सके।
‘पे एंड पार्क’ व्यवस्था भी होगी लागू
टोइंग के साथ-साथ शहर में दोहरी पार्किंग नीति लागू की जा रही है, जिसमें ‘पे एंड पार्क’ और सख्त कार्रवाई दोनों शामिल होंगी। चौड़ी सड़कों पर ऑन-स्ट्रीट पेड पार्किंग की सुविधा दी जाएगी, जबकि सरकारी दफ्तरों, अस्पताल परिसरों और अन्य खाली सरकारी जमीनों पर ऑफ-स्ट्रीट पेड पार्किंग विकसित की जाएगी।
सड़कों के किनारे निर्धारित पार्किंग स्थानों को साफ तौर पर चिन्हित किया जाएगा और वाहन सिर्फ वहीं खड़े किए जा सकेंगे। तय शुल्क के अनुसार, दोपहिया वाहनों के लिए 15 रुपये प्रति घंटा और कारों के लिए 30 रुपये प्रति घंटा शुल्क लिया जाएगा। पूरे दिन के लिए यह शुल्क क्रमशः 75 रुपये और 150 रुपये होगा। प्रशासन मासिक पास की सुविधा लाने पर भी विचार कर रहा है।
शहर में कुल 35 प्रमुख सड़कों को दो पैकेज में चिन्हित किया गया है। इनमें कमर्शियल स्ट्रीट, चर्च स्ट्रीट, ब्रिगेड रोड, मैग्राथ रोड, कैसल स्ट्रीट, म्यूजियम रोड, क्रेसेंट रोड, संपिगे रोड और 80 फीट रोड जैसे व्यस्त इलाके शामिल हैं। अलग-अलग नगर निगमों ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिन्हें एक-दो हफ्तों में अंतिम रूप दिया जाएगा।
फरवरी से दिख सकता है असर
अधिकारियों के मुताबिक, फरवरी के दूसरे सप्ताह से कई इलाकों में नई पार्किंग और टोइंग व्यवस्था लागू होने की उम्मीद है। प्रशासन का मानना है कि सख्त निगरानी, निर्धारित पार्किंग और त्वरित टोइंग से बंगलूरू की सड़कों पर जाम की समस्या काफी हद तक कम की जा सकेगी।
