Car Maintenance Tips: कार की उम्र घटा रही हैं ये पांच मेंटेनेंस गलतियां, बिना बताए पहुंचा रहीं नुकसान
भारत में कार के पार्ट्स, लेबर और फ्यूल की कीमत बढ़ने के साथ ही कार मेंटेनेंस का खर्च भी बढ़ रहा है। अगर आप अपनी कार को नजरअंदाज करते हैं, तो यह आपके लिए महंगा पड़ सकता है।
विस्तार
भारत में कार मेंटेनेंस लगातार महंगा होता जा रहा है। स्पेयर पार्ट्स, लेबर और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच अगर कार की सही देखभाल न की जाए, तो छोटे-छोटे फैसले भविष्य में बड़ा खर्च बन सकते हैं। कई कार मालिक आज भी पुराने मेंटेनेंस तरीके अपनाते हैं, जो मॉडर्न कारों के लिए अब सही नहीं हैं। आज की कारें सटीक लुब्रिकेशन, बेहतर एयरफ्लो, ब्रेकिंग और इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर निर्भर करती हैं। इनकी अनदेखी करने से कार का घिसाव बिना किसी चेतावनी के तेजी से बढ़ता है और 4-6 साल में माइलेज, भरोसेमंद परफॉर्मेंस और रीसेल वैल्यू तीनों पर असर डालता है।
क्या इंजन ऑयल बदलने में देरी नुकसानदेह है?
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भारतीय हालात में गर्मी, धूल, ट्रैफिक और छोटी दूरी की ड्राइव से इंजन ऑयल जल्दी खराब होता है
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कंपनी द्वारा बताए गए समय या किलोमीटर से ज्यादा देर तक ऑयल न बदलना इंजन में घर्षण बढ़ाता है
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टर्बो पेट्रोल और डीजल इंजनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है
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पुराना ऑयल स्लज बनाकर लुब्रिकेशन चैनल ब्लॉक कर सकता है
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कम चली हुई कारों में भी ऑयल के केमिकल गुण समय के साथ बिगड़ते हैं
टायर प्रेशर और रोटेशन को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक है?
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गलत टायर प्रेशर भारत में सबसे आम मेंटेनेंस गलती है
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कम हवा होने पर माइलेज घटता है और टायर किनारों से घिसते हैं
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ज्यादा हवा होने पर पकड़ और ब्रेकिंग क्षमता कम होती है
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रोटेशन न कराने से फ्रंट व्हील ड्राइव कारों के आगे के टायर जल्दी खराब होते हैं
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ज्यादातर लोग सिर्फ लंबी यात्रा से पहले ही टायर प्रेशर चेक करते हैं, जबकि इसे हर महीने करना चाहिए
ब्रेक जांच और ब्रेक फ्लूइड बदलने में देरी क्यों नुकसान करती है?
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ब्रेक पार्ट्स धीरे-धीरे घिसते हैं, इसलिए शुरुआत में दिक्कत महसूस नहीं होती
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घिसे हुए ब्रेक पैड डिस्क को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे खर्च बढ़ता है
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ब्रेक फ्लूइड नमी सोख लेता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता घटती है
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भारी ट्रैफिक और ढलान पर ड्राइविंग में ब्रेक फेड का खतरा बढ़ जाता है
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स्टॉप-एंड-गो ट्रैफिक ब्रेक सिस्टम पर ज्यादा दबाव डालता है
बैटरी और चार्जिंग सिस्टम की अनदेखी से क्या होता है?
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भारत की गर्मी, वाइब्रेशन और छोटी दूरी की ड्राइव बैटरी की उम्र कम कर देती है
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जंग लगे टर्मिनल या कमजोर अल्टरनेटर से स्टार्टिंग और इलेक्ट्रिकल दिक्कतें आती हैं
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ज्यादातर लोग बैटरी पूरी तरह खराब होने के बाद ही बदलते हैं
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आधुनिक कारें लगातार स्थिर पावर सप्लाई पर निर्भर करती हैं
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कमजोर बैटरी अल्टरनेटर पर दबाव डालती है और वार्निंग लाइट जला सकती है
एयर और केबिन फिल्टर बदलना क्यों जरूरी है?
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शहरों की धूल में इंजन एयर फिल्टर जल्दी चोक हो जाता है
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इससे इंजन पावर घटती है और ईंधन खपत बढ़ती है
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बंद केबिन फिल्टर से एसी की कूलिंग कम होती है
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ब्लोअर मोटर पर अतिरिक्त लोड पड़ता है
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कई बार खर्च बचाने के लिए फिल्टर साफ करके दोबारा लगा दिए जाते हैं
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फिल्टर बदलना सस्ता और आसान तरीका है जिससे माइलेज और आराम दोनों बने रहते हैं
क्या है नतीजा?
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छोटी मेंटेनेंस गलतियां धीरे-धीरे बड़ी समस्याओं में बदल जाती हैं
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समय पर सर्विस और जांच से कार की उम्र बढ़ती है
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सही देखभाल से माइलेज, परफॉर्मेंस और रीसेल वैल्यू सुरक्षित रहती है
इन बातों को ध्यान में रखकर आप अपनी कार को लंबे समय तक फिट और भरोसेमंद बनाए रख सकते हैं।