Car Cooling Cost: कार का एसी चलाना जेब पर कितना भारी पड़ रहा? 1 घंटे की कूलिंग का खर्च जानकर रह जाएंगे दंग
Car AC Fuel Consumption: गर्मी की शुरुआत के साथ कार और घरों में एसी का इस्तेमाल बढ़ने वाला है, लेकिन क्या आपने सोचा है कि अगर कार और घर का एसी एक घंटे तक लगातार चले तो कितने पैसे खर्च होते हैं? जानें इस लेख में...
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आंकड़ों के अनुसार, एसयूवी में 0.5–0.7 लीटर और छोटी कारों में 0.2–0.4 लीटर तक पेट्रोल खर्च हो सकता है। वहीं, घर का 1.5 टन एसी एक घंटे में लगभग 1.2–1.7 यूनिट बिजली लेता है। लागत की तुलना करें तो कार का एसी जेब पर ज्यादा भारी पड़ता है। यानी कार की कूलिंग, घर की तुलना में लगभग 3 गुना ज्यादा महंगी है।
कार का एसी कितना तेल पीता है?
कार का एसी सीधे तौर पर इंजन से पावर लेता है, जिससे इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और ईंधन की खपत बढ़ जाती है। जैसे:
- पावरफुल इंजन (एसयूवी/2-लीटर इंजन): एक घंटे लगातार चलने पर 0.5 से 0.7 लीटर पेट्रोल लगता है।
- छोटी कारें (हैचबैक/सेडान): एक घंटे में करीब 0.2 से 0.4 लीटर पेट्रोल की जरूरत पड़ती है।
यहां खास बात है कि अगर कार खड़ी है और एसी चल रहा है, तो खपत ज्यादा होती है। क्योंकि चलती कार में एयरफ्लो की वजह से इंजन पर दबाव स्थिर रहता है।
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घर का एसी: बिजली की खपत का गणित
वहीं, अगर हम घर के एसी की बात करें तो घर के एसी की लागत उसकी स्टार रेटिंग और क्षमता पर निर्भर करती है:
- 1.5 टन (5-स्टार इन्वर्टर एसी): यह 1 घंटे में लगभग 1.2 से 1.3 यूनिट बिजली लेता है।
- 1.5 टन (3-स्टार एसी): यह थोड़ा ज्यादा यानी 1.5 से 1.7 यूनिट तक बिजली खर्च कर सकता है।
लागत जोड़े तो 10 रुपये प्रति यूनिट की दर से देखनें पर खर्च 12 से 17 रुपये के बीच आता है।
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| कार एसी (1 घंटा) | घर का एसी (1 घंटा) | |
| खपत स्रोत | पेट्रोल/डीजल | बिजली (यूनिट) |
| औसत लागत | 50 से 70 रुपये (पेट्रोल ₹100 मानकर) | 15 से 20 रुपये (बिजली ₹10 मानकर) |
| नतीजा | महंगा | सस्ता |
कार का माइलेज कैसे बचाएं?
जैसा की आपने देखा कि कार का एसी घर की तुलना में महंगी है, जो ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि एसी चलाने पर भी आपकी कार कम तेल खाए, तो इन बातों का ध्यान रखें:
पार्किंग का ध्यान: कार को हमेशा छाया में खड़ी करें ताकि केबिन ज्यादा गर्म न हो।
गर्म हवा बाहर निकालें: एसी ऑन करने से पहले कार के शीशे खोलकर अंदर की गर्म हवा निकाल दें, इससे एसी को कम मेहनत करनी पड़ेगी।
री-सर्कुलेशन मोड: एसी चलाने के बाद री-सर्कुलेशन मोड ऑन रखें ताकि अंदर की ठंडी हवा ही ठंडी होती रहे।
सर्विसिंग: समय पर एएसी गैस टॉप-अप और फिल्टर की सफाई इंजन पर लोड कम करती है।
ऑटो एक्सपर्ट की राय
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार, एसी सीधे इंजन से पावर लेता है, जिससे इंजन लोड बढ़ता है और माइलेज कम होता है। खासकर शहरों में ट्रैफिक के दौरान एसी का असर ज्यादा दिखता है।