OSAT: क्वालकॉम और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा एलान, असम में शुरू होगा ऑटोमोटिव सेमीकंडक्टर मॉड्यूल का निर्माण
Automotive Semiconductor Modules: क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने भारत में ऑटोमोटिव सेमीकंडक्टर मॉड्यूल के निर्माण के लिए एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इन मॉड्यूल्स का उत्पादन असम के जगीरोड में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की नई OSAT सुविधा में किया जाएगा। ये मॉड्यूल स्नैपड्रैगन डिजिटल चेसिस प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे और स्मार्ट, कनेक्टेड तथा सॉफ्टवेयर-डिफाइंड वाहनों के लिए डिजिटल कॉकपिट, इंफोटेनमेंट और कनेक्टिविटी जैसी उन्नत तकनीकों को सक्षम बनाएंगे।
विस्तार
भारत की सेमीकंडक्टर और ऑटो टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने भारत में क्वालकॉम ऑटोमोटिव मॉड्यूल बनाने के लिए एक रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग साझेदारी की घोषणा की है। इन मॉड्यूल्स का उत्पादन असम के जगीरोड में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आगामी OSAT (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) सुविधा में किया जाएगा। यह कदम 'मेक इन इंडिया' पहल को मजबूत करने के साथ-साथ भारत को आधुनिक ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का एक महत्वपूर्ण वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
क्या होते हैं क्वालकॉम ऑटोमोटिव मॉड्यूल?
क्वालकॉम के ऑटोमोटिव मॉड्यूल ऐसे इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक यूनिट होते हैं। इनमें स्नैपड्रैगन डिजिटल चेसिस के सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स को एक ही मॉड्यूल में जोड़ा जाता है। ये मॉड्यूल वाहन निर्माताओं को एक तैयार और प्रोडक्शन-रेडी इलेक्ट्रॉनिक्स प्लेटफॉर्म प्रदान करते हैं। इसकी मदद से कंपनियां डिजिटल कॉकपिट, इंफोटेनमेंट, कनेक्टिविटी और अन्य स्मार्ट फीचर्स वाले आधुनिक, सॉफ्टवेयर-डिफाइंड और कनेक्टेड वाहन आसानी से विकसित कर सकती हैं।
भारत और वैश्विक ऑटो कंपनियों को मिलेगा लाभ
इस साझेदारी के तहत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, क्वालकॉम ऑटोमोटिव मॉड्यूल के निर्माण के लिए मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर की भूमिका निभाएगी। इन मॉड्यूल्स का उपयोग भारतीय और वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियां अपनी नई पीढ़ी की स्मार्ट, कनेक्टेड और डिजिटल कारों में करेंगी। क्वालकॉम का कहना है कि इस सहयोग से उसकी वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी और मॉड्यूल-आधारित ऑटोमोटिव प्लेटफॉर्म की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
असम में बनेगा सेमीकंडक्टर और ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स का नया हब
असम के जगीरोड स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट में क्वालकॉम के ऑटोमोटिव मॉड्यूल का निर्माण किया जाएगा। ये मॉड्यूल स्नैपड्रैगन डिजिटल चेसिस प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे। इनमें स्नैपड्रैगन सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स को एक ही मॉड्यूल में पैकेज किया जाता है। इससे वाहन निर्माताओं के लिए इन मॉड्यूल्स को अपने वाहनों में एकीकृत करना आसान हो जाता है। इससे सॉफ्टवेयर-डिफाइंड वाहनों के विकास की प्रक्रिया तेज होती है।
डिजिटल कॉकपिट से लेकर स्मार्ट वाहन तकनीक तक होगा निर्माण
इस साझेदारी के तहत भारत में उन उन्नत ऑटोमोटिव तकनीकों का निर्माण किया जाएगा। इनका उपयोग आधुनिक और स्मार्ट वाहनों में किया जाता है। इनमें शामिल हैं:
- डिजिटल कॉकपिट सिस्टम
- इंफोटेनमेंट सिस्टम
- कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस
- इंटेलिजेंट और सॉफ्टवेयर-डिफाइंड वाहन प्लेटफॉर्म
इस पहल से भारतीय और वैश्विक वाहन निर्माताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही सप्लाई चेन को अधिक मजबूत, लचीला और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा। इससे ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन और आपूर्ति में स्थिरता आएगी।
भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए क्यों है अहम?
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का जगीरोड प्लांट भारत की एक प्रमुख नई OSAT (आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) सुविधा होगा। यह एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसमें लगभग 3 अरब डॉलर का निवेश किया जा रहा है। इस प्लांट में वायर बॉन्ड, फ्लिप चिप और इंटीग्रेटेड सिस्टम पैकैजिंग (ISP) जैसी उन्नत सेमीकंडक्टर पैकेजिंग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
भारत को मिलेगा रणनीतिक और आर्थिक फायदा
इस साझेदारी से भारत को कई महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक फायदे मिलने की उम्मीद है:
- भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा
- ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स की सप्लाई चेन अधिक मजबूत और लचीली बनेगी
- विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी
- भारत वैश्विक ऑटो टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करेगा
- स्थानीय स्तर पर रोजगार और हाई-टेक स्किल डेवलपमेंट के नए अवसर पैदा होंगे
क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की यह साझेदारी भारत के सेमीकंडक्टर और स्मार्ट ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारत को वैश्विक चिप और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में अपनी भूमिका बढ़ाने और एक भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में उभरने में मदद मिल सकती है।
क्वालकॉम ने इसे बताया रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम
क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज में ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल और एंबेडेड आईओटी (IoT) और रोबोटिक्स के EVP नकुल दुग्गल ने कहा कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ यह साझेदारी कंपनी की ऑटोमोटिव ग्रोथ रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से मॉड्यूल-आधारित और इंटीग्रेटेड आर्किटेक्चर की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार करना कंपनी के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
भारत के सेमीकंडक्टर और ऑटो सेक्टर के लिए बड़ा अवसर
यह साझेदारी भारत के सेमीकंडक्टर और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे न केवल देश में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स के घरेलू निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में एक मजबूत और भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। यह पहल भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की रणनीति को मजबूती देने के साथ-साथ देश को वैश्विक ऑटो टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर प्रदान कर सकती है।