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Car Wipers Not Working: बारिश में धुंधला दिखता है शीशा? इन टिप्स से घर बैठे ठीक करें कार के वाइपर
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Suyash Pandey
Updated Mon, 23 Mar 2026 07:10 PM IST
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सार
Car Wiper Not Working Properly: क्या बारिश के दौरान आपकी कार का शीशा धुंधला हो जाता है? खराब वाइपर न केवल ड्राइविंग का मजा खराब करते हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं। इस लेख में जानें कि कार के वाइपर खराब होने के मुख्य कारण क्या हैं, आप घर बैठे उनकी परफॉरमेंस कैसे सुधार सकते हैं और आपको कब नए वाइपर बदलवाने की जरूरत है। सुरक्षित सफर के लिए ये आसान टिप्स जरूर पढ़ें।
कार वाइपर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एक्स
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विस्तार
बारिश के मौसम में गाड़ी चलाने का अपना ही मजा है, लेकिन यह मजा तब किरकिरा हो जाता है जब कार के वाइपर ठीक से काम नहीं करते। धुंधली विंडशील्ड न केवल तनाव पैदा करती है, बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है। अक्सर ड्राइवर वाइपर की छोटी-मोटी खराबी को नजरअंदाज कर देते हैं, जो भारी बारिश में बड़ी मुसीबत बन सकती है।
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वाइपर खराब होने के मुख्य कारण
वाइपर खराब होने के पीछे कई प्राकृतिक और तकनीकी कारण होते हैं। दरअसल, गाड़ी के बाहर होने के कारण वाइपर लगातार कड़ी धूप, धूल और बारिश की मार झेलते हैं। इससे इनकी रबर धीरे-धीरे अपनी क्वालिटी खोने लगती है। तेज गर्मी की वजह से रबर सख्त हो जाती है और अपनी कोमलता खो देती है। इसके कारण यह विंडशील्ड पर चिपक कर नहीं चल पाती। समय के साथ पुरानी होने पर रबर में दरारें पड़ने लगती हैं या वह फटने लगती है। इससे कांच साफ होने के बजाय उस पर पानी की धारियां बनने लगती हैं। इसके अलावा, सिर्फ वाइपर ही नहीं, बल्कि शीशे पर जमा धूल और तेल की परत भी एक बड़ी समस्या है, जो नए से नए वाइपर की परफॉरमेंस को भी बेअसर कर देती है।
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घर पर ही कैसे सुधारें वाइपर की परफॉरमेंस?
अगर आपके वाइपर पूरी तरह खराब नहीं हुए हैं तो आप घर पर ही कुछ आसान तरीकों से उनकी परफॉरमेंस को बेहतर बना सकते हैं। सबसे पहले वाइपर की सफाई पर ध्यान दें। एक गीले कपड़े से वाइपर की रबर को धीरे से पोंछने मात्र से उस पर जमी कालिख और धूल हट जाती है। इससे वह बेहतर तरीके से काम करने लगता है। इसके साथ ही, वाइपर टैंक में वाशर फ्लूइड का लेवल चेक करना न भूलें। हमेशा इसे पानी और अच्छी क्वालिटी के शैम्पू या ग्लास क्लीनर के मिश्रण से भरकर रखें, क्योंकि सूखा वाइपर चलाने से न केवल ब्लेड खराब होते हैं, बल्कि कांच पर भी स्क्रैच पड़ सकते हैं। कई बार समस्या वाइपर में नहीं, बल्कि खुद विंडशील्ड में होती है, इसलिए कांच पर जमी तेल और प्रदूषण की परत को हटाने के लिए नियमित रूप से अच्छे ग्लास क्लीनर का इस्तेमाल करें।कब बदलें अपनी कार के वाइपर?
अक्सर लोग यह नहीं समझ पाते कि कार के वाइपर आखिर बदलने कब चाहिए। आमतौर पर ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स हर 6 से 12 महीने के अंतराल पर वाइपर ब्लेड बदलने की सलाह देते हैं, लेकिन इसका सही समय कुछ खास संकेतों से पहचाना जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर वाइपर चलते समय विंडशील्ड पर अजीब सी की आवाज करने लगें तो समझ जाइए कि रबर अपनी पकड़ खो चुकी है। इसके अलावा, यदि वाइपर चलाने के बाद भी कांच पर पानी की धारियां या धुंधले धब्बे रह जाते हैं तो यह साफ इशारा है कि अब नए वाइपर का समय आ गया है। अंत में, वाइपर की रबर के किनारों को गौर से देखें। अगर वे उखड़ने या फटने लगे हैं, तो बिना देर किए उन्हें बदल लेना ही सुरक्षित ड्राइविंग के लिए बेहतर है।
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