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BYD: ट्रंप की टैरिफ से जुड़ी धमकियों के बीच, उनके सहयोगी अर्जेंटीना ने किया चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों का स्वागत

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुयश पांडेय Updated Thu, 22 Jan 2026 12:31 PM IST
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सार

अर्जेंटीना के पूर्वी तट पर चीन का विशाल जहाज 'BYD चांगझोउ' 5,800 से ज्यादा इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों को लेकर पहुंचा, जिसे देश के ऑटो बाजार में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। यह इसलिए भी खास है क्योंकि राष्ट्रपति जेवियर मिली, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाते हैं, अब अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था को विदेशी कंपनियों के लिए खोल रहे हैं।

China’s BYD Ships 5,800 EVs to Argentina as President Milei Opens Markets Despite Trump’s Tariff Push
BYD in Argentine - फोटो : X
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विस्तार
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अर्जेंटीना के पूर्वी तट पर हाल ही में एक ऐसा नजारा दिखा जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 'BYD चांगझोउ' नाम का एक विशाल चीनी जहाज 5,800 से ज्यादा इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों को लेकर वहां पहुंचा। दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए यह एक आम बात हो सकती है लेकिन अर्जेंटीना के लिए यह इतिहास बदलने वाला पल था। यह घटना इसलिए भी खास है क्योंकि अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिली, जो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बहुत करीबी माने जाते हैं, अब अपनी अर्थव्यवस्था को चीन के लिए खोल रहे हैं। ठीक इसके उलट, ट्रंप अमेरिका में विदेशी सामानों पर टैक्स (टैरिफ) बढ़ा रहे हैं।

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1. अर्जेंटीना में क्या बदल रहा है?

वर्षों से अर्जेंटीना की नीति यह थी कि 'जो भी चाहिए, देश में ही बनाओ।' पुरानी सरकारों ने विदेशी सामानों पर भारी टैक्स लगाकर अपनी लोकल इंडस्ट्री को बचाकर रखा था। लेकिन अब यह सोच बदल रही है। राष्ट्रपति जेवियर मिली का मानना है कि बाजार को खुला छोड़ देना चाहिए। चीनी कंपनी BYD के मुताबिक, यह सिर्फ शुरुआत है। उनका लक्ष्य पूरे अर्जेंटीना में डीलर नेटवर्क बनाना है ताकि लोगों को सस्ती और आधुनिक गाड़ियां मिल सकें।

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2. ट्रंप और मिली: दोस्ती पक्की, पर रास्ता अलग

जेवियर मिली और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती जगजाहिर है। दोनों ही नेता 'वोकनेस' का विरोध करते हैं और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) जैसी संस्थाओं को खास पसंद नहीं करते। लेकिन जब बात पैसों और व्यापार की आती है तो दोनों के रास्ते जुदा हैं:

अमेरिका और अर्जेंटीना की नीतियों में अंतर:

डोनाल्ड ट्रंप की नीति 'अमेरिका फर्स्ट' की है यानी वे अपने देश को सबसे पहले रखते हैं। वहीं जेवियर मिली की नीति भी अपने देश यानी अर्जेंटीना को महान बनाने की है, लेकिन उनका तरीका ट्रंप से बिल्कुल अलग है। डोनाल्ड ट्रंप विदेशी सामानों पर टैक्स लगाते हैं और अन्य देशों को धमकियां देकर अपनी बात मनवाते हैं। इसके विपरीत, जेवियर मिली ने व्यापार की रुकावटें हटा दी हैं और विदेशी सामानों के लिए अपने देश के दरवाजे खोल दिए हैं। डोनाल्ड ट्रंप का तरीका बाजार को बचाने के लिए दीवारें खड़ी करने जैसा है। वहीं जेवियर मिली ने सरकारी अड़चनें कम की हैं ताकि जनता को सामान सस्ता और आसानी से मिल सके।

3. इस खेल में 'चीन' की कैसे हुई जीत?

जेवियर मिली की इस 'खुले बाजार' की नीति का सबसे बड़ा फायदा चीन ने उठाया है। आंकड़े खुद इसकी गवाही देते हैं। पिछले साल अर्जेंटीना में अमेरिका से आने वाले सामान में सिर्फ़ 9.6% की बढ़ोतरी हुई, जबकि चीनी सामान का आयात 57% बढ़ गया। अर्जेंटीना ने चीन को 50,000 इलेक्ट्रिक कारों को बिना किसी टैक्स के देश में लाने की छूट दी है। यह छूट उन कारों पर है जिनकी कीमत $16,000 (लगभग 13-14 लाख रुपये) से कम है। जानकारों का कहना है कि चीनी कंपनियों के पास सस्ती और हाई-टेक गाड़ियां बनाने की क्षमता है इसलिए इस दौड़ में उन्होंने बाजी मार ली है।

4. यूरोप के लिए खतरे की घंटी

अर्जेंटीना में चीनी कारों की यह एंट्री यूरोपीय देशों (ईयू) के लिए बुरी खबर है। यूरोपीय कंपनियों के लिए चीनी कारों की कम कीमतों और टेक्नोलॉजी का मुकाबला करना लगभग नामुमकिन हो गया है। यही कारण है कि यूरोप और दक्षिण अमेरिकी देशों के बीच होने वाला एक बड़ा व्यापार समझौता अधर में लटक गया है।

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