बदलेंगे DL के नियम: महाराष्ट्र में इस सर्टिफिकेट के बिना नहीं बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस, जानें सरकार का प्लान
New DL Rules: महाराष्ट्र में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया बहुत जल्द बदल सकती है। राज्य सरकार लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नया नियम लागू करने की तैयारी में है। आइए जानते हैं यह नियम क्या है? कब से लागू होगा और इसका आम जनता पर क्या असर पड़ेगा...
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Maharashtra Driving License Rules: महाराष्ट्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट अनिवार्य करने की तैयारी में है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधानसभा में बताया कि संबंधित ड्राफ्ट नियम कानून एवं न्याय विभाग को मंजूरी के लिए भेजा गया है।
अगर विधानसभा से इसकी अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो यह प्रावधान लागू कर दिया जाएगा। सरकार मानना है कि इससे राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और व्यवस्थित हो जाएगी।
कब से लागू हो सकता है नियम?
अगर इस नियम को मंजूरी मिलती है, तो सरकार की योजना के अनुसार यह व्यवस्था एक अगस्त 2026 से लागू हो सकती है। हालांकि यह पूरी तरह कानून एवं न्याय विभाग की मंजूरी पर निर्भर है। फिलहाल सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है, कि डोमिसाइल साबित करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे।
क्या होता है डोमिसाइल सर्टिफिकेट?
डोमिसाइल सर्टिफिकेट को मूल निवास प्रमाण पत्र या स्थाई निवास प्रमाण पत्र के नाम से भी जाता है। किसी भी सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए या कई दूसरे जरूरी कामों को कराने के लिए हमें कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, डोमिसाइल उसी में से एक है। यह आपके मूल निवास को प्रमाणित करने का काम करता है।
इसे (डोमिसाइल सर्टिफिकेट) क्यों जरूरी बनाया जा रहा है?
राज्य सरकार का मानना है कि निवास प्रमाण पत्र को अनिवार्य करने से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और रिकॉर्ड प्रबंधन में भी आसानी होगी। इस कदम को राज्य स्तर पर लाइसेंसिंग सिस्टम को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
बाइक टैक्सी नियमों पर भी सरकार की नजर
ड्राइविंग लाइसेंस नियमों के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार एप-आधारित बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए भी नया ढांचा तैयार कर रही है। परिवहन मंत्री ने बताया कि इसके पीछे सरकार का उद्देश्य इन प्रमुख लक्ष्यों को हासिल करना चाहती है...
- राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी
- युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
- शहरी परिवहन को कानूनी निगरानी के दायरे में लाना
- बाइक टैक्सी ऑपरेटरों को देनी होगी फीस
प्रस्तावित नियमों के अनुसार बाइक टैक्सी ऑपरेटरों को प्रतिदिन पांच रुपये का शुल्क देना पड़ सकता है। इसके अलावा प्रत्येक राइड पर दो रुपये अतिरिक्त राशि ड्राइवर वेलफेयर फंड में जमा की जाएगी, जिसका उपयोग चालकों के कल्याण के लिए किया जाएगा।
महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर विशेष जोर
इतना ही नहीं महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम 2025 में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी होगा। पब्लिक सर्विस व्हीकल बैज अनिवार्य रहेगा। बैज जारी करने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा। महिलाओं, छात्रों और नाबालिग यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान लागू होंगे।