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CAFE 3 Norms: ईंधन दक्षता के नए नियमों पर सरकार और ऑटो उद्योग में सहमति के संकेत, 2027 से लागू करने की तैयारी

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Fri, 17 Apr 2026 06:45 PM IST
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सार

सरकार और ऑटो उद्योग ने ईंधन दक्षता नियमों के अगले चरण पर चर्चा तेज कर दी है। इसी क्रम में एक अहम बैठक हुई, जिसका मकसद 'कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता' (CAFE-III) के मसौदा मानदंडों पर आम सहमति बनाना था।

Government, Auto Industry Near Consensus on CAFE-III Fuel Efficiency Norms Ahead of 2027 Rollout
Car Pollution - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार

भारत सरकार और ऑटो उद्योग के बीच ईंधन दक्षता से जुड़े नए नियमों CAFE-III (कैफे-3) पर बातचीत तेज हो गई है। हाल ही में हुई एक अहम बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि मसौदा नियमों पर अब अधिकांश पक्ष सहमत होते दिख रहे हैं।

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सूत्रों के मुताबिक, इन नियमों को अप्रैल 2027 से लागू किए जाने की योजना है।

इस अहम बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?

यह बैठक ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी द्वारा आयोजित की गई, जो विद्युत मंत्रालय के तहत काम करता है।

बैठक में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय और भारी उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इसके अलावा, वाहन निर्माता कंपनियों (OEMs) और अन्य उद्योग प्रतिनिधियों ने भी अपनी राय रखी।

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Government, Auto Industry Near Consensus on CAFE-III Fuel Efficiency Norms Ahead of 2027 Rollout
Car Pollution - फोटो : Adobe Stock

छोटे और बड़े कार निर्माताओं में मतभेद क्यों थे?

CAFE-III नियमों को लेकर सबसे बड़ा विवाद छोटे और बड़े कार निर्माताओं के बीच सामने आया।

छोटे कार निर्माताओं का कहना था कि वाहन के वजन और कीमत को ध्यान में रखते हुए उन्हें कुछ राहत दी जानी चाहिए।

वहीं, बड़े वाहन निर्माताओं ने इसका विरोध करते हुए कहा कि अलग-अलग नियम लागू करने से बाजार में असंतुलन पैदा हो सकता है। और सुरक्षा मानकों पर असर पड़ सकता है।

क्या उद्योग ने नए ड्राफ्ट को स्वीकार कर लिया है?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि, ताजा ड्राफ्ट को अब उद्योग की ओर से काफी हद तक स्वीकार कर लिया गया है।

सरकार ने कंपनियों को स्पष्ट किया कि इन नियमों का मकसद उन्हें दंडित करना नहीं है। बल्कि ज्यादा ईंधन-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल वाहनों की ओर प्रेरित करना है।


क्या सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों पर ही फोकस होगा?

सरकार ने वाहन निर्माताओं को सिर्फ बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों तक सीमित न रहने की सलाह दी है।

उन्हें हाइब्रिड, फ्लेक्स-फ्यूल और कंप्रेस्ड बायो-गैस जैसे अन्य स्वच्छ ईंधन विकल्पों पर भी ध्यान देने को कहा गया है।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियमों का पालन करने के लिए कंपनियों के पास कई विकल्प मौजूद हों।

Government, Auto Industry Near Consensus on CAFE-III Fuel Efficiency Norms Ahead of 2027 Rollout
Car Pollution - फोटो : Adobe Stock

क्रेडिट सिस्टम कैसे काम करेगा?

ड्राफ्ट नियमों में एक क्रेडिट ट्रेडिंग सिस्टम भी शामिल किया गया है।

जो कंपनियां निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा उत्सर्जन कम करेंगी, वे अपने अतिरिक्त कार्बन क्रेडिट अन्य कंपनियों को बेच सकेंगी।

वहीं, जो कंपनियां लक्ष्य पूरा नहीं कर पाएंगी, वे ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी से क्रेडिट खरीदकर अपनी कमी पूरी कर सकेंगी।

CAFE-III नियम कब से लागू होंगे?

सरकार CAFE-III नियमों को टालने के मूड में नहीं है।

ये नियम अप्रैल 2027 से लागू होकर 31 मार्च 2032 तक प्रभावी रहेंगे।

इससे आने वाले वर्षों में भारत में अधिक ईंधन-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 

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