Electric Buses: कर्नाटक में 2,000 करोड़ रुपये का इलेक्ट्रिक बस कार्यक्रम, 4,000 बसें शामिल होंगी
राज्य बजट में, सरकार ने ₹2,000 करोड़ की लागत से कर्नाटक इलेक्ट्रिक बस प्रोग्राम (KEBP) को लागू करने की घोषणा की।
विस्तार
कर्नाटक सरकार ने राज्य बजट में कर्नाटक इलेक्ट्रिक बस प्रोग्राम (KEBP) की घोषणा की है। इस योजना के तहत करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत से राज्य के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी।
इस कार्यक्रम के तहत लगभग 4,000 इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल करने की योजना है। इसके साथ ही बंगलूरू महानगर परिवहन निगम के 32 इलेक्ट्रिक बस डिपो और अन्य राज्य सड़क परिवहन निगमों के 62 डिपो विकसित किए जाएंगे।
क्या महिलाओं के लिए ‘शक्ति योजना’ जारी रहेगी?
राज्य सरकार ने बजट में महिलाओं के लिए चल रही Shakti Scheme (शक्ति स्कीम) को जारी रखने पर भी जोर दिया है।
इस योजना के तहत महिलाओं को राज्य संचालित बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है। सरकार के अनुसार, अब तक इस योजना के लाभार्थियों ने लगभग 684 करोड़ यात्राएं की हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 में इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 5,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
क्या परिवहन निगमों के लिए नई बसें भी खरीदी जाएंगी?
परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने बताया कि 2025-26 के बजट में घोषित योजना के तहत 2,000 डीजल बसें सीधे खरीद के जरिए लाई जा रही हैं।
पिछले तीन वर्षों में राज्य के परिवहन निगमों के बेड़े में कुल 6,596 बसें जोड़ी जा चुकी हैं। इसके अलावा 2026-27 के दौरान 1,000 और डीजल बसें शामिल करने की योजना है।
सड़क सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
सरकार ने सड़क सुरक्षा और परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए भी नई पहल की घोषणा की है।
राज्य में दुर्घटना संभावित स्थानों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान और प्रबंधन के लिए एक आधुनिक सॉफ्टवेयर प्रणाली विकसित की जाएगी। इसके लिए लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
यह परियोजना भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से तैयार की जाएगी।
क्या परिवहन कर्मचारियों को मिलेगा बकाया वेतन?
सरकार ने राज्य सड़क परिवहन निगमों के कर्मचारियों की लंबित मांगों को भी संबोधित किया है।
पिछली सरकार ने 1 मार्च 2023 से वेतन संशोधन किया था, लेकिन उससे पहले की अवधि के बकाया पर निर्णय नहीं लिया गया था।
अब राज्य सरकार ने 1 जनवरी 2021 से 28 फरवरी 2023 तक के बकाया वेतन का भुगतान करने और 1 अप्रैल 2025 से वेतन में फिर संशोधन करने का फैसला किया है। इसके लिए 1,271 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
परिवहन क्षेत्र की आय और वाहन बिक्री में क्या स्थिति है?
सरकार के अनुसार फरवरी 2026 तक परिवहन क्षेत्र से कुल राजस्व संग्रह 11,630 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8.5 प्रतिशत अधिक है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मोटर वाहनों से 15,500 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य तय किया गया है।
बजट में यह भी बताया गया कि वाहन बिक्री में सुधार देखने को मिला है। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में जनवरी तक दोपहिया वाहनों की बिक्री 13 प्रतिशत और कारों की बिक्री 4 प्रतिशत बढ़ी है।
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