सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Automobiles News ›   Maharashtra Government Halts New Auto-Rickshaw Permits in Mumbai to Ease Traffic and Pollution

महाराष्ट्र में नए ऑटो-रिक्शा परमिट पर लगी रोक: क्या है सरकार के इस बड़े फैसले की 4 अहम वजहें, समझिए पूरी मामला

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Tue, 10 Mar 2026 06:41 PM IST
विज्ञापन
सार

Maharashtra Auto Rickshaw Permit Ban: महाराष्ट्र सरकार ने बढ़ते ट्रैफिक, भयंकर जाम और प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए नए ऑटो-रिक्शा परमिट देने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है।

Maharashtra Government Halts New Auto-Rickshaw Permits in Mumbai to Ease Traffic and Pollution
ऑटो-रिक्शा - फोटो : एक्स
विज्ञापन

विस्तार

अगर आप महाराष्ट्र, खासकर मुंबई में नया ऑटो-रिक्शा खरीदने या चलाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए एक जरूरी खबर है। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में नए ऑटो-रिक्शा के परमिट देने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 2026 के बजट सत्र में यह एलान किया। सरकार का साफ कहना है कि सड़कों पर अब और ऑटो-रिक्शा का बोझ उठाना मुमकिन नहीं है। इसे 'सैचुरेशन मैनेजमेंट' यानी लिमिट पूरी होने पर रोक लगाना कहा जा रहा है। आइए समझते हैं कि सरकार ने यह बड़ा फैसला क्यों लिया:

Trending Videos

1. सड़कों पर ऑटो की बेतहाशा भीड़ और रोज का ट्रैफिक जाम

आजकल हालात ऐसे हो गए हैं कि सड़कों पर ऑटो के लिए चलने की जगह ही नहीं बची है। अगर पूरे महाराष्ट्र की बात करें तो यहां 12.96 लाख से भी ज्यादा ऑटो-रिक्शा रजिस्टर्ड हैं। वहीं अकेले मुंबई के उपनगरों की सड़कों पर करीब 2.5 लाख ऑटो दौड़ रहे हैं। मुंबई की सड़कों पर गाड़ियों का दबाव इतना ज्यादा है कि यहां हर एक किलोमीटर पर लगभग 2,648 गाड़ियां मौजूद हैं। ये संख्या पूरे देश में सबसे ज्यादा है। गाड़ियों की इसी बेतहाशा भीड़ की वजह से ही लोगों को हर दिन भयंकर ट्रैफिक जाम और पार्किंग की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बढ़ता प्रदूषण और हवा की खराब होती क्वालिटी

ये सच है कि आजकल ज्यादातर ऑटो-रिक्शा सीएनजी से चलते हैं लेकिन फिर भी शहर में प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इसी साल यानी 2026 की शुरुआत में मुंबई का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) कई बार 170 से 200 के बीच दर्ज किया गया। ये हमारी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है। होता ये है कि जब हजारों गाड़ियां भारी ट्रैफिक जाम में फंसी रहती हैं या धीरे-धीरे रेंगती हैं तो उनसे लगातार PM10 और NOx जैसी जहरीली गैसें निकलती रहती हैं। अगर सड़कों पर नए ऑटो की संख्या ऐसे ही बढ़ती रही तो सरकार के जरिए चलाई जा रही इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो से पर्यावरण को जो थोड़ा-बहुत फायदा मिल रहा है, वो भी बिल्कुल खत्म हो जाएगा।

ऑटो चालकों की घटती कमाई और रोजी-रोटी का सवाल

सरकार का ये फैसला सिर्फ ट्रैफिक सुधारने तक सीमित नहीं है बल्कि इसका सीधा संबंध ऑटो चालकों की रोजी-रोटी से भी है। दरअसल, सड़कों पर जरूरत से ज्यादा ऑटो होने की वजह से पुराने चालकों को पर्याप्त सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। इससे उनकी रोजाना की कमाई काफी घट गई है। ऐसे में नए परमिट पर रोक लगाकर सरकार का असल मकसद पुराने लगभग 14 लाख परमिट धारकों की कमाई को सुरक्षित करना है। इसके साथ ही, सरकार जल्द ही एक सघन चेकिंग अभियान भी शुरू करने जा रही है। ताकि जिन लोगों ने फर्जी कागजातों के जरिए परमिट लिए हैं, उन्हें सिस्टम से बाहर किया जा सके।

4. क्या भविष्य में इलेक्ट्रिक (ईवी) ऑटो को मिलेगा मौका?

सरकार ने अभी पेट्रोल और सीएनजी (ICE इंजन) वाले ऑटो के नए परमिट पर रोक लगाई है। लेकिन 2026-27 की रणनीति के अनुसार, प्रदूषण कम करने के लिए भविष्य में इलेक्ट्रिक (ईवी) ऑटो-रिक्शा के लिए परमिट के दरवाजे खोले जा सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed