Lok Adalat : ट्रैफिक चालान में छूट का मौका, इन 4 तारीखों पर होगी लोक अदालत, नोट करें शेड्यूल और डॉक्यूमेंट्स
Pending Challan Discount 2026: अगर आपके वाहन पर लंबे समय से ट्रैफिक चालान पेंडिंग है, तो आपको बहुत जल्द राहत मिलने वाली है। क्योंकि एनएएलएसए ने इस साल की चार नेशनल लोक अदालजों की तारीखें घोषित कर दी है। जहां आप चालान कम राशि या आपसी सहमति से अपने चालान सेटल कर सकते हैं। जानिए 2026 में किन-किन तारीखों को लगेगी लोक अदालत...
विस्तार
लोक अदालत एक वैकल्पिक न्याय व्यवस्था है, जहां छोटे और पुराने मामलों को कोर्ट की लंबी प्रक्रिया के बिना आपसी सहमति से निपटाया जाता है। खास बात ये है कि यहां पेंडिंग ट्रैफिक चालान अक्सर कम रकम में सेटल हो जाते हैं और कई मामलों में चालान माफ भी कर दिए जाते हैं।
2026 में कब-कब लगेगी लोक अदालत?
साल की पहली लोक अदालत मार्च में शुरू होगी। अपनी सुविधा के अनुसार इन तारीखों को कैलेंडर में मार्क कर लें:
| लोक अदालत क्रम | आयोजन की तिथि |
| पहली लोक अदालत | 14 मार्च 2026 |
| दूसरी लोक अदालत | 09 मई 2026 |
| तीसरी लोक अदालत | 12 सितंबर 2026 |
| चौथी (अंतिम) लोक अदालत | 12 दिसंबर 2026 |
किन चालानों से मिलेगी मुक्ति?
लोक अदालत में हर तरह के मुकदमे नहीं सुलझाए जाते। यहां मुख्य रूप से कंपाउंडेबल (शमनीय) अपराधों का निपटारा होता है। जैसे बिना हेलमेट, सीट बेल्ट न लगाना, रेड लाइट जंप, गलत पार्किंग (जेब्रा क्रॉसिंग), और नो-एंट्री जैसे साधारण ट्रैफिक उल्लंघन करने पर जो चालान कटे हैं, वो कम या माफ हो जाते हैं।
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लोक अदालत में कौन से चालान नहीं होंगे माफ?
शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले (Drunk and Drive), एक्सीडेंटल केस या गंभीर आपराधिक मामले लोक अदालत के दायरे से बाहर होते हैं। इसलिए ये यहां पर नहीं सुलझाए जा सकते हैं।
लोक अदालत में कौन-से डॉक्यूमेंट जरूरी?
इस मौके का लाभ उठाने के लिए सिर्फ तारीख पर पहुंचना ही नहीं, बल्कि सही जानकारी और दस्तावेज होना भी जरूरी है। इसलिए याद रहे जब अदालत जाएं तो ये दस्तावेज अपने पास जरूर रखें..
टोकन/अपॉइंटमेंट स्लिप: अदालती कार्यवाही से पहले आपको ऑनलाइन पोर्टल से स्लॉट बुक करना पड़ेगा। इस स्लिप का प्रिंट आउट जरूरी है।
चालान की कॉपी: आपके वाहन पर कटे हुए चालान की डिजिटल या फिजिकल कॉपी है, जो उसे भी साथ ले जाएं।
वाहन के दस्तावेज: आरसी (RC) और ड्राइविंग लाइसेंस की फोटोकॉपी साथ रखें। यहां स्लॉट बुकिंग के बाद एक स्लिप मिलेगी उसी में कोर्ट रूम नंबर और समय की जानकारी मिलेगी।
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चालान कम कैसे होता है?
लोक अदालत में चालान आपसी सहमति के आधार पर निपटाया जाता है। इसी वजह से यहां जुर्माने की रकम कम हो सकती है। इतना ही कुछ मामलों में पूरा चालान माफ भी किया जा सकता है, इसीलिए हर साल लाखों वाहन मालिक लोक अदालत का इंतजार करते हैं।
क्या दोबारा फिर जाना पड़ता है?
नहीं, लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती, यानी मामला एक ही बार में हमेशा के लिए खत्म हो जाता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है जो वर्षों से पेंडिंग चालान की वजह से अपनी गाड़ी बेचने या एनओसी (NOC) लेने में असमर्थ हैं।