India-US Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, 800-1600 cc वाली अमेरिकी बाइक्स को भारत में बिना शुल्क एंट्री
अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के तहत भारत, अमेरिका मोटरसाइकिल बनाने वालों को 800-1,600 cc और उससे ज्यादा इंजन क्षमता वाली बाइक के लिए जीरो-ड्यूटी एंट्री देगा।
विस्तार
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के तहत प्रीमियम मोटरसाइकिल सेगमेंट में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इस फैसले से खासतौर पर अमेरिकी आइकॉनिक ब्रांड Harley-Davidson (हार्ले-डेविडसन) को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
किन अमेरिकी बाइक्स को मिलेगा जीरो ड्यूटी एक्सेस?
भारत 800 cc से 1,600 cc और उससे अधिक इंजन क्षमता वाली अमेरिकी मोटरसाइकिलों को शून्य आयात शुल्क (जीरो ड्यूटी) पर प्रवेश की अनुमति देगा। यह सुविधा प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते के तहत दी जाएगी। एक सरकारी अधिकारी ने शनिवार को यह बात कही।
पहले मोटरसाइकिलों पर कितना आयात शुल्क लगता था?
पिछले साल सरकार ने आयात शुल्क में आंशिक राहत दी थी:
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1,600 cc तक की सीबीयू (कंप्लीट बिल्ट यूनिट) मोटरसाइकिलों पर ड्यूटी 50 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत की गई थी।
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1,600 cc से ज्यादा इंजन क्षमता वाली बाइक्स पर ड्यूटी 50 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत कर दी गई थी।
अब नए समझौते के तहत इन पर पूरी तरह ड्यूटी खत्म की जा रही है।
जीरो ड्यूटी कब से लागू होगी?
अधिकारी के अनुसार, आयात शुल्क में यह छूट समझौते के लागू होते ही उसी दिन से प्रभावी हो जाएगी।
भारत और अमेरिका ने शनिवार को इस अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर संयुक्त बयान जारी किया है। जिस पर मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
Harley-Davidson के लिए यह फैसला क्यों अहम है?
भारत प्रीमियम और हाई-एंड मोटरसाइकिलों का अपेक्षाकृत छोटा बाजार है, जिसमें अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी बहुत कम रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति पहले कई बार भारत में हार्ले-डेविडसन बाइक्स पर ऊंचे आयात शुल्क को लेकर चिंता जता चुके हैं। उनका कहना था कि ज्यादा टैक्स के कारण कंपनी भारत में अपनी बाइक्स ठीक से नहीं बेच पा रही थी।
भारत में Harley-Davidson का मौजूदा मॉडल क्या है?
अक्तूबर 2020 में हीरो मोटोकॉर्प और हार्ले-डेविडसन के बीच भारतीय बाजार के लिए साझेदारी हुई थी। इसके तहत:
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हीरो मोटोकॉर्प भारत में हार्ले-डेविडसन ब्रांड के तहत प्रीमियम मोटरसाइकिलें विकसित करता और बेचता है।
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हार्ले बाइक्स की सर्विस और स्पेयर पार्ट्स की जिम्मेदारी भी हीरो पर है।
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इसके अलावा, हार्ले के एक्सेसरीज, राइडिंग गियर और अपैरल भी कंपनी के डीलर नेटवर्क के जरिए बेचे जाते हैं।
क्या समझौते में कारों को लेकर भी प्रावधान हैं?
हां। इस व्यापार समझौते के तहत भारत:
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2,500 cc और उससे अधिक इंजन क्षमता वाली अमेरिकी डीजल कारों
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3,000 cc और उससे अधिक इंजन क्षमता वाली अमेरिकी पेट्रोल कारों
पर भी आयात शुल्क में रियायत देगा।
अमेरिकी पक्ष क्या रियायत देगा?
अमेरिका भारत से आने वाले कुछ ऑटो पार्ट्स पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को हटाएगा। जबकि कुछ अन्य कंपोनेंट्स पर यह शुल्क 18 प्रतिशत रहेगा।
Harley-Davidson ने भारत में पहले क्या फैसला लिया था?
सितंबर 2020 में मिलवौकी-स्थित हार्ले-डेविडसन ने घोषणा की थी कि वह भारत में अपना पुराना बिजनेस मॉडल बंद कर रही है।
उस समय कंपनी के पोर्टफोलियो में Street 750, Iron 883 जैसी लोकप्रिय बाइक्स शामिल थीं।
बड़ा नीतिगत बदलाव
अमेरिकी प्रीमियम बाइक्स पर जीरो ड्यूटी एक्सेस भारत के मोटरसाइकिल बाजार में एक बड़ा नीतिगत बदलाव है। इससे हार्ले-डेविडसन जैसे ब्रांड को दोबारा मजबूती मिल सकती है। जिससे प्रीमियम मोटरसाइकिल सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है।