Bihar : मठ-मंदिरों की जमीन कब्जा करने वाले हो जाएं सावधान, सम्राट सरकार करेगी सीधी कार्रवाई
Bihar : बिहार में अगर मठ या मंदिर की जमीन को कब्जा करने वाले लोग सावधान हो जाएं। सरकार धार्मिक न्यास पर्षद की संपत्तियों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए एक स्पेशल सेल का गठन कर रही है, जो कानूनी कार्रवाई से लेकर अतिक्रमण हटाने तक का काम करेगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार में मठ, मंदिरों और देवालयों की लाखों एकड़ जमीन की सुरक्षा के लिए सम्राट सरकार ने बड़ी तैयारी कर ली है। राज्यभर में धार्मिक न्यास पर्षद की संपत्तियों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए अब एक स्पेशल सेल का गठन किया जाएगा। यह सेल कानूनी कार्रवाई से लेकर अतिक्रमण हटाने तक के काम की कमान संभालेगा। यह अहम फैसला शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर और बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन सहित दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar News: फिर क्यों सिंगापुर जा रहे राजद सु्प्रीमो लालू प्रसाद? कोर्ट से मिली विदेश यात्रा की मंजूरी
तय होगी अफसरों की जिम्मेदारी
बैठक के दौरान राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि धार्मिक जमीनों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लंबे समय से मिल रही अवैध कब्जे की शिकायतों को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा है कि जिन मामलों में धार्मिक न्यास परिषद के कोर्ट द्वारा अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए जा चुके हैं, वहां तुरंत विशेष अभियान चलाकर जमीन खाली कराई जाए। इस कार्रवाई की जिम्मेदारी सीधे इलाके के अंचल अधिकारियों को सौंपी जाएगी और इसकी रेगुलर मॉनिटरिंग भी होगी।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar News: अकेलेपन का दर्दनाक अंत, पत्नी से तलाक के बाद बंद कमरे में मिला युवक का शव
बनाया जाएगा स्पेशल सेल
इस संबंध में बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन ने बताया कि अब सरकार की योजना है कि बिहार के धार्मिक स्थलों की लाखों एकड़ जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि विवादित जमीनों की पहचान के लिए डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा। अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व विभाग, विधि विभाग और बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के द्वारा संयुक्त रूप से एक स्पेशल सेल बनाया जाएगा।