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Bihar: चार दिन बाद घर में बजनी थीं शहनाइयां, उससे पहले आंधी ने छीन ली पिता की जिंदगी; मची चीख-पुकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
Published by: भागलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:19 PM IST
सार
भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर तेज आंधी में उखड़े टीन शेड की चपेट में आने से 40 वर्षीय विनय कुमार ईश्वर की मौत हो गई। बेटे को सुरक्षित रखने के लिए खुद बाहर खड़े पिता हादसे का शिकार बन गए। घटना के बाद परिजनों ने मुआवजे और जांच की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया।
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गांव लौटते वक्त हुआ हादसा
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
भागलपुर में बुधवार को आई तेज आंधी और बारिश एक परिवार की खुशियां छीन ले गई। नवगछिया के सोनवर्षा निवासी 40 वर्षीय विनय कुमार ईश्वर की विक्रमशिला सेतु पर हुए दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। परिवार में चार दिन बाद शादी की तैयारियां शुरू होने वाली थीं, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा पूरे परिवार को गहरे सदमे में छोड़ गया।
भागलपुर से खरीदी कर लौट रहे थे गांव
जानकारी के अनुसार, विनय कुमार अपने 13 वर्षीय बेटे लक्की के साथ भागलपुर से खरीदारी कर गांव लौट रहे थे। वह रोजाना दूध लेकर भागलपुर आते-जाते थे। बुधवार को पिता-पुत्र शादी की खरीदारी कर वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान विक्रमशिला सेतु पर मौसम अचानक खराब हो गया और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई।
हवा के झोंके से उखड़ा शेड
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज बवंडर और बारिश से बचने के लिए पुल पर मौजूद लोग सुरक्षित स्थान तलाशने लगे। विनय कुमार भी अपने बेटे के साथ एक टीन शेड के पास रुक गए। उन्होंने बेटे को शेड के अंदर बैठा दिया, जबकि खुद बाहर खड़े रहे। कुछ ही क्षण बाद तेज हवा के झोंके से पूरा शेड उखड़ गया और उसका टीन तथा लोहे का हिस्सा सीधे विनय कुमार के सिर के पिछले हिस्से पर आ गिरा।
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मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने मलबा हटाकर विनय कुमार को बाहर निकाला। उस समय उनकी सांसें चल रही थीं और शरीर में हलचल भी थी। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ती चली गई। मृतक के बेटे लक्की ने बताया कि शेड के अंदर इनवर्टर और बैटरी भी रखी हुई थी। शेड गिरने के बाद करंट जैसा एहसास हो रहा था। हादसे में उसके पैर में भी चोट आई है।
इलाज के लिए मायागंज अस्पताल लाया गया
परिजनों ने आरोप लगाया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विनय कुमार को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। काफी देर तक वह पुल पर ही पड़े रहे और उनके सिर, नाक तथा कान से लगातार खून बहता रहा। बाद में उन्हें मायागंज अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने मायागंज अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस के मुख्य द्वार के सामने सड़क जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। परिजन जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे।
ये भी पढ़ें- Bihar : सम्राट सरकार ने की बड़ी कार्रवाई, जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश शर्मा को हटाकर पंकज मिश्रा को दी जिम्मेदारी
हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी
सूचना मिलने पर जगदीशपुर अंचलाधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकारी नियमों के तहत हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही शेड की गुणवत्ता, रखरखाव और घायल को अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी की जांच भी कराई जाएगी। आंधी के कारण विक्रमशिला सेतु के अन्य हिस्सों में भी नुकसान हुआ। जाह्नवी चौक की ओर बिजली आपूर्ति से जुड़ा एक पाइप और तार सड़क पर गिर गया। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात बहाल कराया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुल पर लगे शेड, बिजली उपकरणों और अन्य संरचनाओं की नियमित जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
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भागलपुर से खरीदी कर लौट रहे थे गांव
जानकारी के अनुसार, विनय कुमार अपने 13 वर्षीय बेटे लक्की के साथ भागलपुर से खरीदारी कर गांव लौट रहे थे। वह रोजाना दूध लेकर भागलपुर आते-जाते थे। बुधवार को पिता-पुत्र शादी की खरीदारी कर वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान विक्रमशिला सेतु पर मौसम अचानक खराब हो गया और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई।
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हवा के झोंके से उखड़ा शेड
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज बवंडर और बारिश से बचने के लिए पुल पर मौजूद लोग सुरक्षित स्थान तलाशने लगे। विनय कुमार भी अपने बेटे के साथ एक टीन शेड के पास रुक गए। उन्होंने बेटे को शेड के अंदर बैठा दिया, जबकि खुद बाहर खड़े रहे। कुछ ही क्षण बाद तेज हवा के झोंके से पूरा शेड उखड़ गया और उसका टीन तथा लोहे का हिस्सा सीधे विनय कुमार के सिर के पिछले हिस्से पर आ गिरा।
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मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने मलबा हटाकर विनय कुमार को बाहर निकाला। उस समय उनकी सांसें चल रही थीं और शरीर में हलचल भी थी। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ती चली गई। मृतक के बेटे लक्की ने बताया कि शेड के अंदर इनवर्टर और बैटरी भी रखी हुई थी। शेड गिरने के बाद करंट जैसा एहसास हो रहा था। हादसे में उसके पैर में भी चोट आई है।
इलाज के लिए मायागंज अस्पताल लाया गया
परिजनों ने आरोप लगाया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विनय कुमार को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। काफी देर तक वह पुल पर ही पड़े रहे और उनके सिर, नाक तथा कान से लगातार खून बहता रहा। बाद में उन्हें मायागंज अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने मायागंज अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस के मुख्य द्वार के सामने सड़क जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। परिजन जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे।
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हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी
सूचना मिलने पर जगदीशपुर अंचलाधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकारी नियमों के तहत हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही शेड की गुणवत्ता, रखरखाव और घायल को अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी की जांच भी कराई जाएगी। आंधी के कारण विक्रमशिला सेतु के अन्य हिस्सों में भी नुकसान हुआ। जाह्नवी चौक की ओर बिजली आपूर्ति से जुड़ा एक पाइप और तार सड़क पर गिर गया। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात बहाल कराया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुल पर लगे शेड, बिजली उपकरणों और अन्य संरचनाओं की नियमित जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।