Bihar News : तीन साल के बच्चे को मारकर बोरे में फेंका; सोयी अवस्था से गायब लड़के की 16 दिन पहले भी मिला था शव
भागलपुर के नाथनगर थाना क्षेत्र के लालूचक में तीन वर्षीय मासूम दिव्यांशु कुमार का शव प्लास्टिक के बोरे में खेत से मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। गुस्साए ग्रामीणों ने शव रखकर चम्पानगर-भागलपुर मुख्य मार्ग जाम कर दिया।
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बिहार के भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र में एक बार फिर तीन साल के मासूम की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया है। लालूचक में एक खेत से प्लास्टिक के बोरे में बंद मासूम का शव मिलने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। नाराज ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चम्पानगर-भागलपुर मुख्य मार्ग जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। घटना ने 16 दिन पहले हुई ढाई साल के बच्चे की मौत की याद भी ताजा कर दी है, क्योंकि दोनों मामलों में कई समानताएं सामने आ रही हैं।
खेत में बोरे में मिला तीन साल के मासूम का शव
मृतक की पहचान लालूचक निवासी पंकज मंडल के तीन वर्षीय पुत्र दिव्यांशु कुमार के रूप में हुई है। गुरुवार सुबह उसका शव प्लास्टिक के बोरे में बंद हालत में खेत में पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
शव रखकर सड़क जाम, पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन
घटना से गुस्साए लोगों ने चम्पानगर-भागलपुर मुख्य मार्ग पर बच्चे का शव रखकर सड़क जाम कर दिया। सूचना मिलने पर नाथनगर इंस्पेक्टर अभय शंकर और डीएसपी-2 राकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
16 दिन पहले भी हुई थी ढाई साल के बच्चे की मौत
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि 14 जुलाई की रात भी पांचू मंडल के ढाई वर्षीय पुत्र आदित्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आदित्य की मौत पानी में डूबने से हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों मामलों में एक बात समान है। दोनों बच्चों को रात में घर से सोते समय उठाया गया और बाद में उनके शव बरामद हुए। इससे लोगों में डर और चिंता का माहौल है।
दादा ने बताई पूरी घटना
मृतक दिव्यांशु के दादा प्रकाश मंडल ने बताया कि उनका पोता रात में घर में सोया हुआ था। सुबह करीब तीन बजे से वह गायब था। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। सुबह करीब सात बजे सूचना मिली कि बच्चे का शव प्लास्टिक के बोरे में बंद हालत में खेत में पड़ा है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले पांचू मंडल के ढाई वर्षीय पुत्र आदित्य भी घर से गायब हुआ था और अगले दिन उसका शव गंगा में जलकुंभी के बीच मिला था। दोनों घटनाओं की परिस्थितियां लगभग एक जैसी होने से इलाके के लोग डरे हुए हैं।
समझाने के बाद हटा जाम
शांति समिति के सदस्य भवेश यादव और पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद करीब 30 मिनट बाद लोगों ने सड़क से शव हटाया और जाम समाप्त किया।
एफएसएल, डॉग स्क्वायड और एसटीएफ ने शुरू की जांच
पुलिस ने मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं घटनास्थल की जांच के लिए एफएसएल, डॉग स्क्वायड और एसटीएफ की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।