सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bhagalpur News ›   BAU Sabour VC Under Scanner After CAG Report, MP Sudhakar Singh Demands Action Over Corruption Allegations

Bihar: कैग रिपोर्ट से घिरे BAU सबौर के कुलपति, सांसद सुधाकर सिंह ने खोला मोर्चा; भ्रष्टाचार पर एक्शन की मांग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर Published by: भागलपुर ब्यूरो Updated Wed, 20 May 2026 04:27 PM IST
विज्ञापन
सार

कैग रिपोर्ट में बिहार कृषि विश्वविद्यालय में नियुक्ति, खरीद, सीएएस प्रोन्नति और एमएससी-पीएचडी नामांकन में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। सांसद सुधाकर सिंह ने कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री और कुलाधिपति को पत्र भेजा है।

BAU Sabour VC Under Scanner After CAG Report, MP Sudhakar Singh Demands Action Over Corruption Allegations
बिहार कृषि विश्वविद्यालय - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

बिहार कृषि विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की जांच रिपोर्ट में विश्वविद्यालय प्रशासन पर नियुक्ति, खरीद प्रक्रिया, संविदा बहाली, निर्माण कार्य, सीएस प्रोन्नति और एमएससी-पीएचडी नामांकन में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।


सांसद सुधाकर सिंह ने कार्रवाई की मांग की
इसी बीच सुधाकर सिंह ने कुलाधिपति, मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को साक्ष्य सहित पत्र भेजकर विश्वविद्यालय के कुलपति और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि कैग रिपोर्ट ने विश्वविद्यालय में लंबे समय से चल रही वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की पोल खोल दी है। सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में नियुक्तियों में मनमानी, संविदा बहाली में नियमों की अनदेखी, निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी और करोड़ों रुपये की खरीद में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के तहत प्रोन्नति प्रक्रिया में भी गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिससे योग्य शिक्षकों और कर्मचारियों के हित प्रभावित हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


एमएससी-पीएचडी पर उठाए सवाल
सांसद सुधाकर सिंह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एमएससी और पीएचडी नामांकन प्रक्रिया में कथित तौर पर 'पेड सीट' व्यवस्था लागू कर कम मेधा वाले छात्रों को प्रवेश दिया गया। सांसद के अनुसार, सरकारी विश्वविद्यालय में इस तरह की व्यवस्था शिक्षा की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पत्र में सुधाकर सिंह ने यह भी कहा कि वह पहले भी पांच अलग-अलग पत्रों के माध्यम से विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जानकारी सरकार और राजभवन को दे चुके हैं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब सरकार की ओर से कराई गई CAG जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है, तो दोषियों को बचाने का कोई औचित्य नहीं है।
विज्ञापन
Trending Videos




ये भी पढ़ें-  Bihar: शिक्षा के मंदिर में शर्मनाक करतूत! मासूम छात्रा को कोल्ड ड्रिंक का झांसा देकर पिलाई पेशाब; मचा बवाल

सांसद ने विश्वविद्यालय में हुए कथित वित्तीय और प्रशासनिक घोटालों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed