Bihar Cabinet : आंगनबाड़ी में 22 हजार भर्तियों की स्वीकृति; सम्राट चौधरी की बिहार कैबिनेट ने कई बड़े फैसले
Bihar News : पटना की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव के एक दिन पहले बुधवार को सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इसमें पटना को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई, लेकिन राज्य स्तर के कई बड़े फैसले लिए गए। आंगनवाड़ी में 22 हजार कर्मियों की नियुक्ति की जानकारी स्वयं मुख्यमंत्री ने दी।
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने कृषि, सिंचाई, खेल, पुलिस, शहरी विकास, सड़क एवं पुल निर्माण, तकनीकी शिक्षा, सहकारिता और न्याय विभाग से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। बैठक में बिहार खेल नीति-2026 को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा कृषि योजनाओं, पेयजल परियोजनाओं, इंजीनियरिंग कॉलेजों के आधुनिकीकरण और नई अदालतों के गठन समेत कई अहम निर्णय लिए गए।
कृषि और सिंचाई योजनाओं को मिली बड़ी मंजूरी
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 97.48 करोड़ रुपये की लागत से योजना के क्रियान्वयन को मंजूरी दी। वहीं बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर को वेतन और पेंशन भुगतान के लिए 158.62 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। चौथे कृषि रोडमैप के तहत कृषि यंत्रीकरण योजना के लिए 236.58 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसके साथ ही राज्य के सभी 38 जिलों में वर्मी कम्पोस्ट, बायोगैस और जैविक खाद इकाइयों की स्थापना के लिए 30.17 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई।
बिहार खेल नीति-2026 को मिली हरी झंडी
मंत्रिपरिषद ने बिहार खेल नीति-2026 को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही पुलिस विभाग में वित्तीय शक्तियों को बढ़ाने, फॉरेंसिक जांच संस्थानों को गृह विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में लाने और संबंधित नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
अमृत 2.0 के तहत पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी
शहरी विकास विभाग के तहत अमृत 2.0 मिशन में किशनगंज जलापूर्ति परियोजना के लिए 53.71 करोड़ रुपये और लखीसराय जलापूर्ति परियोजना के लिए 150.96 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
जमुई में दो नए पुलों का होगा निर्माण
कैबिनेट ने जमुई जिले में एनएच-333ए पर दो नए आरसीसी पुलों के निर्माण को मंजूरी दी। इनमें एक पुल के निर्माण पर 93.82 करोड़ रुपये और दूसरे पुल पर 55.96 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन पुलों के बनने से क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा और आवागमन के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
ई-कैबिनेट व्यवस्था लागू होगी
बैठक में राज्य में ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा बिहार निबंधन (संशोधन) नियमावली-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई। पटना में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के कार्यालय और आवासीय परिसर के निर्माण के लिए एक एकड़ सरकारी भूमि के स्थायी हस्तांतरण को भी मंजूरी दी गई।
लघु जल संसाधन विभाग में नए संवर्ग की भर्ती होगी
कैबिनेट ने लघु जल संसाधन विभाग में हाइड्रोलॉजिस्ट, हाइड्रोजियोलॉजिस्ट और जियोफिजिसिस्ट संवर्ग की भर्ती तथा उनकी सेवा शर्तों से संबंधित नियमावली को मंजूरी दी। तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत राज्य के 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और 46 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में मशीनों, उपकरणों, कंप्यूटर और अन्य संसाधनों की खरीद के लिए 60.49 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अलावा आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका चयन (संशोधन) मार्गदर्शिका-2026 को भी मंजूरी मिल गई।
सहकारिता और चीनी उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट ने बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत 106.39 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी। साथ ही बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026 को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी स्थित बंद पड़ी चीनी मिलों की भूमि पर नई सहकारी चीनी मिलों और गन्ना आधारित उप-उत्पाद उद्योगों की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए विशेष न्यायालय
न्याय विभाग से जुड़े प्रस्तावों के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राज्य के 19 न्यायमंडलों में 19 एक्सक्लूसिव स्पेशल कोर्ट के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज करने के लिए पटना में दो और मुजफ्फरपुर में एक अतिरिक्त विशेष न्यायालय के गठन के लिए कुल तीन नए न्यायिक पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।