MLC Election Bihar : एक सीट पर बिना लड़े ही NDA ने हार मानी; 12 बजे तक 10वीं सीट के लिए NR नहीं कटाया
Bihar News : बिहार विधान परिषद् की नौ सीटों पर चुनाव और एक पर उप चुनाव होना था। एनडीए ने नौ सीटों के लिए ही प्रत्याशी दिए। दीपक प्रकाश को लेकर असमंजस था। अब भी है। लेकिन, अंतिम दिन 12 बजे तक दीपक प्रकाश के नाम से एनआर नहीं कटा है।
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नाजिर रसीद कटने से पता चलता है कि कौन-कौन चुनाव लड़ना चाह रहा है। बिहार विधान परिषद् की नौ सीटों पर चुनाव और एक सीट पर उप चुनाव होना है। कुल 10 सीटों पर चुनाव के लिए नामांकन के अंतिम दिन, सोमवार को 12 बजे तक कुल 10 एनआर ही कटाए गए हैं। यानी, राष्ट्र्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने इस बार स्वीकार किया है कि वह एक सीट पर चुनाव नहीं जीत सकता। इसी तरह महागठबंधन ने भी अब तक दूसरा एनआर नहीं कटवा कर यह पक्का मान लिया है कि उसे एक ही सुनिश्चित वाली सीट के लिए नामांकन करना है। एनआर के बाद अब नामांकन की प्रक्रिया होगी।
आसानी से निर्वाचित हो जाएंगे सुनील सिंह
विधान मंडल सूत्रों के अनुसार, अब तक 10 सीटों पर एनआर कटवाया गया है। इसमें से नौ पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार और एक पर राजद उम्मीदवार का नाम है। यानी एनडीए ने 10वें उम्मीदवार का नाम का एनआर नहीं कटवाया। ऐसा माना जा रहा था कि 10वां उम्मीदवार दीपक प्रकाश को बनाया जा सकता है लेकिन यह नहीं हुआ। एनडीए ने 10वीं सीट पर अपना उम्मीदवार ही नहीं उतारा। अगर उतारती तो चुनाव की स्थिति बनती है। अब तेजस्वी यादव की पार्टी के खाते में आसानी से यह सीट चली जाएगी। और, सुनील सिंह राजद की ओर से फिर से एमएलसी निर्वाचित हो जाएंगे।
राज्यसभा चुनाव वाली स्थिति विधान परिषद् में नहीं आई
बिहार विधान परिषद् की जब से प्रक्रिया शुरू हुई थी तब से ऐसा माना जा रहा था कि एनडीए राज्यसभा चुनाव के तरह ही महागठबंधन को कांटें की टक्कर देगी। ऐसा लग रहा था कि जिस तरह एनडीए ने उपेंद्र कुशवाहा को पांचवां उम्मीदवार नहीं बनाकर शिवेश राम को राजद प्रत्याशी अमरेंद्र धारी सिंह के आगे कर दिया था, उसी तरह का कुछ खेल दीपक प्रकाश मामले में भी हो। लेकिन, एनआर कटने के बाद सारी तस्वीर साफ हो गई। दीपक प्रकाश को एनडीए इस 10 सीट में से उम्मीदवार नहीं बना रही है। इधर, उपेंद्र कुशवाहा ने इस मामले में अब तक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वह एक दिन पहले ही इंतजार करने की बात कहने कह रहे हैं। बता दें कि दीपक प्रकाश बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं, लेकिन वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। नियम कहता है कि किसी भी व्यक्ति को मंत्री बनने के छह महीने के अंदर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होता है। अब देखना है कि अगले 24 घंटे में क्या होता है?