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Bihar: 50000 घूस लेते रंगे हाथ हेडमास्टर गिरफ्तार; छात्रों की मार्कशीट और CLC में कमीशन का खेल खुलासा
Tue, 30 Jun 2026 06:47 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 06:47 PM IST
सार
Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राजधानी पटना से सटे सम्पतचक इलाके में एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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50 हजार की घूस लेते रंगे हाथ दबोचे गए हेडमास्टर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी की विशेष धावादल टीम ने राजधानी पटना से सटे सम्पतचक इलाके में छापेमारी कर एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी हेडमास्टर की पहचान कुणाल प्रियदर्शी के रूप में हुई है, जो सम्पतचक के चैनपुर स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में तैनात हैं। हेडमास्टर यह घूस अपनी परीक्षा पास कर चुके छात्रों के अंक प्रमाण पत्र और सीएलसी (कॉलेज लीविंग सर्टिफिकेट) देने के एवज में वसूल रहे थे।
प्रति छात्र 400 रुपये कमीशन का था खेल
सम्पतचक के गौरीचक थाना क्षेत्र के गवसपुर निवासी अरुण कुमार सिंह ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत निगरानी ब्यूरो मुख्यालय में दर्ज कराई थी। परिवादी अरुण कुमार ने अपनी शिकायत में बताया था कि वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 में विद्यालय के कुल 152 परीक्षार्थी सफल हुए थे। इन सभी पास हुए छात्र-छात्राओं का अंक प्रमाण पत्र और सीएलसी देने के नाम पर प्रधानाध्यापक कुणाल प्रियदर्शी प्रति छात्र 400 रुपये के हिसाब से रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले को गंभीरता से लिया और गुप्त रूप से इसका सत्यापन कराया। जांच में घूस मांगे जाने का आरोप प्रथम दृष्टया पूरी तरह सही पाया गया। इसके तुरंत बाद निगरानी थाना में कांड संख्या 076/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
ऑफिस रूम में ही बिछाया गया जाल, धरे गए हेडमास्टर साहब
अनुसंधानकर्ता और निगरानी के पुलिस उपाधीक्षक विन्ध्याचल प्रसाद के नेतृत्व में एक ट्रैप टीम का गठन किया गया। मंगलवार को जैसे ही परिवादी ने हेडमास्टर कुणाल प्रियदर्शी को उनके विद्यालय स्थित कार्यालय कक्ष में केमिकल लगे 50,000 रुपये थमाए, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी निगरानी की टीम ने धावा बोल दिया। हेडमास्टर को मौके से ही नोटों के साथ रंगे हाथों दबोच लिया गया। निगरानी टीम गिरफ्तार हेडमास्टर कुणाल प्रियदर्शी को पटना स्थित ब्यूरो मुख्यालय लेकर आई है, जहां उनसे सघन पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि कागजी औपचारिकताएं और पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी प्रधानाध्यापक को पटना के माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।
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यह भी पढ़ें: फैजल खान सर की जमानत पर तारीख-दर-तारीख की वजह जानें; नामजद प्राथमिकी रद्द हो सकती है क्या?
साल 2026 का 71वां ट्रैप: अब तक 27 लाख से अधिक की रिश्वत बरामद
बिहार में साल 2026 में भ्रष्ट लोकसेवकों पर निगरानी का डंडा बुरी तरह चला है। निगरानी ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक यह इस साल भ्रष्टाचार के खिलाफ 76वीं प्राथमिकी है। रंगे हाथ दबोचने का यह इस साल का 71वां मामला है। इस साल अब तक कुल 70 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मियों को जेल भेजा जा चुका है। साल 2026 में अब तक रिश्वत की कुल 27,55,300 रुपये की नकद राशि बरामद की जा चुकी है। पिछले वर्ष 2025 में निगरानी ने कुल 101 ट्रैप केस दर्ज किए थे और 37,80,300 रुपये बरामद किए थे।
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प्रति छात्र 400 रुपये कमीशन का था खेल
सम्पतचक के गौरीचक थाना क्षेत्र के गवसपुर निवासी अरुण कुमार सिंह ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत निगरानी ब्यूरो मुख्यालय में दर्ज कराई थी। परिवादी अरुण कुमार ने अपनी शिकायत में बताया था कि वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 में विद्यालय के कुल 152 परीक्षार्थी सफल हुए थे। इन सभी पास हुए छात्र-छात्राओं का अंक प्रमाण पत्र और सीएलसी देने के नाम पर प्रधानाध्यापक कुणाल प्रियदर्शी प्रति छात्र 400 रुपये के हिसाब से रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले को गंभीरता से लिया और गुप्त रूप से इसका सत्यापन कराया। जांच में घूस मांगे जाने का आरोप प्रथम दृष्टया पूरी तरह सही पाया गया। इसके तुरंत बाद निगरानी थाना में कांड संख्या 076/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
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ऑफिस रूम में ही बिछाया गया जाल, धरे गए हेडमास्टर साहब
अनुसंधानकर्ता और निगरानी के पुलिस उपाधीक्षक विन्ध्याचल प्रसाद के नेतृत्व में एक ट्रैप टीम का गठन किया गया। मंगलवार को जैसे ही परिवादी ने हेडमास्टर कुणाल प्रियदर्शी को उनके विद्यालय स्थित कार्यालय कक्ष में केमिकल लगे 50,000 रुपये थमाए, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी निगरानी की टीम ने धावा बोल दिया। हेडमास्टर को मौके से ही नोटों के साथ रंगे हाथों दबोच लिया गया। निगरानी टीम गिरफ्तार हेडमास्टर कुणाल प्रियदर्शी को पटना स्थित ब्यूरो मुख्यालय लेकर आई है, जहां उनसे सघन पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि कागजी औपचारिकताएं और पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी प्रधानाध्यापक को पटना के माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।
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साल 2026 का 71वां ट्रैप: अब तक 27 लाख से अधिक की रिश्वत बरामद
बिहार में साल 2026 में भ्रष्ट लोकसेवकों पर निगरानी का डंडा बुरी तरह चला है। निगरानी ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक यह इस साल भ्रष्टाचार के खिलाफ 76वीं प्राथमिकी है। रंगे हाथ दबोचने का यह इस साल का 71वां मामला है। इस साल अब तक कुल 70 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मियों को जेल भेजा जा चुका है। साल 2026 में अब तक रिश्वत की कुल 27,55,300 रुपये की नकद राशि बरामद की जा चुकी है। पिछले वर्ष 2025 में निगरानी ने कुल 101 ट्रैप केस दर्ज किए थे और 37,80,300 रुपये बरामद किए थे।