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Bihar News: 32 साल पुराने हत्या के मामले में बड़ा फैसला, पांच दोषियों को आजीवन कारावास, लगाया 5 लाख जुर्माना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jan 2026 05:32 PM IST
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सार
दरभंगा की जिला अदालत ने 32 साल पुराने हत्या मामले में पूर्व लोक अभियोजक कौशर इमाम हासमी और चर्चित अधिवक्ता अंबर इमाम हासमी समेत पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास और पांच लाख रुपये का जुर्माना सुनाया।
अधिवक्ता को कोर्ट ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दरभंगा के जिला अपर सत्र न्यायाधीश (तीसरे) सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने 32 साल पुराने हत्या मामले में पूर्व लोक अभियोजक कौशर इमाम हासमी और चर्चित अधिवक्ता अंबर इमाम हासमी समेत कुल पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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1994 की घटना: पानी पिलाने के दौरान अंधाधुंध फायरिंग
इस घटना की तारीख 8 अगस्त 1994 है। विशनपुर थाना क्षेत्र के पटोरी बसंत गांव में कब्रिस्तान और रास्ते को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हुआ। विवाद के दौरान तालाब में पशु को पानी पिलाने के दौरान आरोपी अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। इस गोलीकांड में पटोरी गांव के किसान रामकृपाल चौधरी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गए, जबकि इलाज के दौरान एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। गोलीबारी में मोहन चौधरी, रविंद्र चौधरी, अशोक चौधरी, कैलाश बिहारी चौधरी, संगीत चौधरी और रामपुकार चौधरी गंभीर रूप से घायल हुए।
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प्राथमिकी और ट्रायल का लंबा इतिहास
इस मामले में 1994 में कुल 13 नामजद और 10–12 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अनुसंधान के दौरान एक अभियुक्त रंगदार हासमी फरार हो गया था, जबकि कुल 12 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र समर्पित किए गए। ट्रायल के दौरान दो और अभियुक्त फरार हो गए, जिनके मामले अलग कर दिए गए। अंततः पांच अभियुक्तों को दोषी पाया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त एक साल की कैद की सजा लागू होगी।
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दोषियों की पहचान और आरोप
अदालत ने दोषियों के रूप में कौशर इमाम हाशमी, अंबर इमाम हाशमी, राजा हाशमी, मोइन हाशमी और अंजार हाशमी को पाया। इन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 149 (सामूहिक दोष) तथा धारा 27 आर्म्स एक्ट के तहत दोष सिद्ध हुआ। इस मामले को लेकर दो अलग-अलग सत्र वाद चल रहे थे – संख्या 326/1999 एवं 320/2010। दोनों मामलों में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया और सभी पांच दोषियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बता दें कि पटोरी बसंत गांव में कब्रिस्तान और रास्ते को लेकर उत्पन्न हुए विवाद में दर्जनों राउंड फायरिंग हुई थी। कई लोग घायल हुए और कुछ की मौत हो गई। इस मामले में अभियक्ता और आरोपी भाईयों के अलावा अधिकांश अन्य आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। पीड़ित पक्ष के राम पुकार चौधरी की आवेदन पर विशनपुर थाना में प्राथमिकी संख्या 58/1994 दर्ज की गई थी।
